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महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. सत्ताधारी महायुति के घटक दलों बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी को क्लीन स्वीप की उम्मीद थी, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में 'चाणक्य' का दर्जा रखने वाले शरद पवार ने NDA के सपनों पर पानी फेर दिया. कुल 5 में से महायुति को सिर्फ 2 सीटें मिलीं, जबकि तीन सीटों पर विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी ने कामयाबी हासिल की. सत्ताधारी दलों में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) को एक-एक सीट पर जीत हासिल हुई. वहीं विपक्ष में शरद पवार की पार्टी को 2 सीटें और कांग्रेस को एक सीट मिली. पुणे ग्रेजुएट और छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट सीट पर शरद पवार की पार्टी ने जीत हासिल की.
क्यों खास है हर्षदा की जीत?
पुणे ग्रेजुएट सीट पर शरद पवार पार्टी की कैंडिडेट हर्षदा देशमुख जाधव ने बीजेपी की स्मिता जाधव को मात देने में कामयाबी हासिल की. हर्षदा देशमुख जाधव की जीत इसलिए खास है, क्योंकि यहां पर विपक्षी गठबंधन में शामिल उद्धव ठाकरे की पार्टी ने भी अपना कैंडिडेट उतारा था. उद्धव की पार्टी का कैंडिडेट तीसरे स्थान पर रहा.
सुप्रिया सुले ने दी हर्षदा को बधाई
जीत हासिल करने के बाद हर्षदा ने सभी मतदाताओं का आभार जताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि यह जीत उन सभी ग्रेजुएट्स की एकता की जीत है, जिन पर हमें गर्व है. शरद पवार की बेटी और बारामती सांसद सुप्रिया सुले ने भी हर्षदा को बधाई देते हुए लिखा कि अब स्नातकों की समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें न्याय मिलेगा.
कौन हैं हर्षदा देशमुख जाधव?
हर्षदा, सेवानिवृत्त सिविल सेवक प्रभाकर देशमुख की बेटी हैं. उन्होंने मुंबई से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद पुणे के विश्वकर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद पुणे यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल/डिजाइन इंजीनियरिंग में मास्टर की डिग्री हासिल की है. इतना ही नहीं, हर्षदा ने यूके के क्रैनफील्ड स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से फाइनेंस और मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की है.
वर्तमान समय में वह पुणे में स्थित केजे एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं. एक शिक्षाविद के अलावा वह समाज सेविका भी हैं. वह हर्षदा ड्रीम सोशल फाउंडेशन की फाउंडर डायरेक्टर हैं, जो महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण शिक्षा और पर्यावरण संबंधी काम करती है.