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लंच के बाद सड़क पर संग्राम...सड़क पर लेटीं प्रियंका, खिंची राहुल की टी-शर्ट, दिल्ली में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के क्या हैं मायने?

दिल्ली में दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन सड़कों पर रहा. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन मोर्चा खोला. इस बार दोनों जंतर-मंतर से करीब 200 मीटर पहले ही सड़क पर धरने पर बैठ गए. जब सुरक्षाबलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, तो प्रियंका गांधी हाथ में संविधान की कॉपी थामे सड़क पर ही लेट गईं. आइए जानते हैं लंच के बाद सड़क पर संग्राम के क्या मायने हैं...

Written By Bhoopendra Rai
Published: Oct 07, 2026, 11:55 PM IST | Updated: Oct 07, 2026, 11:58 PM IST
Image Credit: लंच के बाद सड़क पर संग्राम...सड़क पर लेटीं प्रियंका...
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राजधानी दिल्ली में आज दिनभर जबरदस्त सियासी गहमागहमी रही. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने लंच टेबल पर रणनीति तैयार की और फिर बात सीधे सड़क पर टकराव तक जा पहुंची. लंच के बाद इंडिया गठबंधन के सांसद जैसे ही जंतर-मंतर के लिए निकले, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया. इसके बाद धक्का-मुक्की और खींचतान हुई. राहुल गांधी और प्रियंका को डिटेन कर लिया गया है. आइए जानते हैं कि आखिर इंडिया गठबंधन के इस 'पॉलिटिकल लंच' की अंदरूनी कहानी क्या है और सड़क पर उतरे विपक्ष के इन तल्ख तेवरों के मायने क्या होने वाले हैं.

अमेरिका के विदेश मंत्री रहे प्रसिद्ध राजनीतिक विचारक हेनरी किसिंजर का मानना है कि कुशल रणनीतिकार घटनाओं के पीछे छुपने के बजाय खुद को मंच के केंद्र में रखते हैं. वे जानते हैं कि राजनीतिक नैरेटिव को जो नियंत्रित करता है, वही खेल का असली विजेता होता है.

बीजेपी के उत्सव के बीच विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

आज एक तरफ बीजेपी पूरे देश में पीएम मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रही थी तो दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन दिल्ली में सड़क पर उतरा. विपक्ष राजनीतिक विमर्श में खुद को पीछे नहीं दिखाना चाहता है. इसलिए आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी नेताओं को एक दक्षिण भारतीय रेस्तरां में लंच पार्टी दी. उसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेता जंतर-मंतर के लिए मार्च पर निकले, लेकिन जंतर-मंतर से पहले ही ली मैरिडियन चौराहे पर विपक्षी सांसदों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई.

बस में सवार होकर निकले विपक्षी सांसद

दक्षिण भारतीय रेस्तरां में लंच के बाद इंडिया गठबंधन के नेता और सांसद जंतर-मंतर की तरफ रवाना हुए. सभी नेता बस में बैठे. राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बस की पहली सीट पर बैठे थे. जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा इंतजाम थे.

ली मैरिडियन चौराहे पर एक घंटे तक जोर-आजमाइश

जंतर-मंतर पहुंचने वाले हर रास्ते पर पुलिस तैनात थी. जगह-जगह विपक्षी कार्यकर्ताओं और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई. जंतर-मंतर से पहले ली मैरिडियन चौराहे पर करीब एक घंटे तक विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच जोर-आजमाइश चली. प्रियंका गांधी सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करती रहीं. उनके हाथ में संविधान की किताब थी. महिला पुलिसकर्मी प्रियंका गांधी को उठाने की कोशिश कर रही हैं. प्रदर्शनकारियों ने प्रियंका गांधी के आसपास घेरा बनाया था. किसी तरह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और फिर प्रियंका गांधी को उठाया जाता है. चारों तरफ पुलिसवाले और दूसरे सुरक्षाकर्मी मजबूत घेरा बनाते हैं. फिर प्रियंका गांधी को लेकर महिला पुलिसकर्मी आगे बढ़ जाती हैं.

विरोध की बदलती और तीखी तस्वीरें

ये विपक्ष के विरोध की तीव्रता का साक्ष्य है. इससे पहले भी कांग्रेस का प्रदर्शन हुआ है. प्रियंका धरने पर बैठी हैं, लेकिन ऐसी तस्वीर आपने शायद पहली बार देखी होगी. प्रियंका गांधी का प्रदर्शन के दौरान सड़क पर लेट जाना. इससे पहले कल न्यू पुलिस लाइंस परिसर के गेट पर चढ़ जाना, ये दिखाता है कि CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और वोट चोरी वाले मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध में कितनी तीव्रता और तीखापन आ गया है.

चौराहे पर ही बन गया धरना ग्राउंड

दरअसल जब लंच के बाद विपक्ष का कारवां जंतर-मंतर की तरफ बढ़ा तो ली मैरिडियन होटल के पास तैनात सुरक्षाबलों ने विपक्षी नेताओं को रोका. रोके जाने पर प्रियंका गांधी की सुरक्षाबलों से बहस भी हुई. राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बस में बैठे थे. राहुल जब बस से उतरे तो पुलिसवालों से पहले उनकी बहस हुई. राहुल गांधी के बाद प्रियंका गांधी बस से उतरीं. नई दिल्ली के ली मैरिडियन चौराहे पर पुलिस ने प्रियंका गांधी को डिटेन करने की कोशिश की. पहले पुलिसवालों से प्रियंका की बहस हुई. उसके बाद वो दूसरी महिला सांसदों के साथ सड़क पर लेट गईं. प्रियंका गांधी ने समर्थकों को भी सड़क पर बैठने का इशारा किया. ली मैरिडियन चौराहा ही धरना ग्राउंड बन गया.

धक्का-मुक्की, पोस्टर फाड़े और राहुल-प्रियंका हिरासत में

इससे पहले कि पुलिसवाले प्रियंका गांधी तक पहुंचते प्रदर्शनकारियों ने आसपास घेरा बना लिया. हालांकि किसी तरह इस घेरे को तोड़कर महिला पुलिस प्रियंका गांधी तक पहुंची और उन्हें बस तक ले जाया गया, लेकिन इस बीच जो हुआ वो बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन रहा है. विपक्षी नेता आरोप लगा रहे हैं कि प्रियंका गांधी से बदसलूकी की गई. प्रदर्शन वाली जगह पर राहुल के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. उन्हें पीछे से टीशर्ट पकड़कर खींचा गया. जंतर-मंतर से पहले रोके जाने से नाराज प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. नाराज प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के पोस्टर्स और झंडे फाड़े.कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच कांग्रेस के नेता भी एक्शन में दिखे, दीपेंद्र हुड्डा, राजा वडिंग, इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी जैसे नेता बस की छत पर चढ़ गए. करीब एक घंटे चली मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को डिटेन किया, उन्हें बस में बैठाया गया. इसके बाद प्रदर्शन की आंच धीमी हुई.

दो दिन में दो बड़े प्रदर्शन

दो दिन में दूसरी बार कांग्रेस नेताओं ने CEC के खिलाफ दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया. 24 घंटे पहले हुआ धरना 8 घंटे चला. आज का धरना-प्रदर्शन 3 घंटे चला, लेकिन आज जो प्रदर्शन हुआ उसकी तीव्रता कल से ज्यादा थी. आज के विरोध का अंदाज कल के मुकाबले ज्यादा तल्ख था. अरसे बाद ये पहली बार दिखा जब दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी. ये दिखाता है कि कांग्रेस SIR में गड़बड़ी और वोट चोरी के मुद्दे को ग्राउंड तक पहुंचाने में कामयाब रही है. कांग्रेस जमीन पर ये नैरेटिव बनाने में सफल रही है कि वोट की चोरी हो रही है.

गठबंधन के केंद्र में राहुल गांधी

आज की खास बात ये भी है कि लंच से लेकर प्रदर्शन तक केंद्र में राहुल गांधी ही रहे. 16 पार्टियों के नेता राहुल गांधी के साथ एकजुट होकर खड़े रहे. इससे साफ है कि इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों ने निर्विवाद तौर पर राहुल गांधी को गठबंधन का नेता मान लिया है. आज विपक्षी दलों का जो प्रदर्शन हुआ उसकी प्लानिंग भी ऑन द स्पॉट हुई. लंच के दौरान ही मेन्यू में प्रदर्शन का प्लान भी परोसा गया. स्वादिष्ट व्यंजन खाते-खाते रणनीति बनी और तत्काल उसपर अमल भी हुआ. तय प्लान के मुताबिक इंडिया गठबंधन के नेता जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन ये संदेश देने में जरूर कामयाब रहे कि वो वोट चोरी के मुद्दे को पूरी ताकत से उठाते रहेंगे. कांग्रेस ने कल काला दिवस मनाने की घोषणा की है.

बाराखंभा थाने से राहुल की रिहाई

शाम 6 बजकर 30 मिनट के करीब पुलिस.. प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को अपने साथ ले गई. इस दौरान राहुल गांधी पुलिसकर्मियों को पानी की बोतल देते दिखे. राहुल गांधी को बाराखंभा थाने में रखा गया था. वो शाम 7 बजकर 45 मिनट पर बाराखंभा थाने से निकल गए. सड़क पर उतर कर कांग्रेस ने बता और जता दिया है कि वो CEC के खिलाफ कदम पीछे नहीं खींचेगी. कांग्रेस इस लड़ाई को अंजाम तक ले जाने के मूड में है. बीजेपी इसे जानती है. इसलिए बीजेपी के सबसे बड़े नेता से लेकर प्रवक्ता तक.. सभी कांग्रेस के खिलाफ सियासी मैदान में उतर गए. बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अराजकता का माहौल बना रही है.

नैरेटिव पर कब्जे की होड़

अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन का विचार है कि चाहे आपकी प्रशंसा हो या आपकी आलोचना, कभी भी उपेक्षित न हों. चर्चा के केंद्र में बने रहें, क्योंकि जो व्यक्ति ध्यान आकर्षित करना जानता है, वह अंततः सत्ता पर भी नियंत्रण पा लेता है.

आज दिनभर कांग्रेस के नेताओं की कोशिश चर्चा के केंद्र में बने रहने की रही.. जिसकी शुरुआत लंच से हुई. मल्लिकार्जुन खरगे के निमंत्रण पर दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर जनपथ के एक दक्षिण भारतीय रेस्तरां में विपक्ष के नेता और सांसद जुटे. इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों के नेताओं को लंच का न्योता दिया था. 140 से ज्यादा सांसदों के लिए सीट रिजर्व कराई गई थी. कांग्रेस नेताओं का दावा है कि लंच में 200 से ज्यादा सांसद शामिल हुए.

लंच टेबल का सिटिंग अरेंजमेंट

विपक्ष के इस हाईप्रोफाइल लंच में शामिल होने के लिए राहुल गांधी.. प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ पहुंचे. मल्लिकार्जुन खरगे राहुल गांधी के बाद रेस्तरां पहुंचे. लंच के दौरान मेजबान होने के नाते मल्लिकार्जुन खरगे बीच में उनकी बाईं तरफ प्रियंका गांधी, दाहिनी तरफ राहुल गांधी बैठे हैं. राहुल के दाहिनी तरफ के सी वेणुगोपाल हैं. राहुल के ठीक सामने ममता बनर्जी के गुट वाली टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन बैठे हैं. वीडियो में आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा भी दिख रहे हैं.

साउथ इंडियन रेस्तरां ही क्यों चुना?

लंच करीब 90 मिनट चला. लेफ्ट और इंडिया गठबंधन के दूसरे सांसद भी इसमें शामिल हुए. यहां एक सवाल जरूर आपके मन में होगा कि आखिर खरगे ने आज ही लंच क्यों दिया और दक्षिण भारतीय रेस्तरां में ही लंच क्यों दिया. क्या इसका भी कोई राजनीतिक संदेश है.

आज बीजेपी पीएम मोदी की जनसेवा के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रही थी. उस उत्सव की चर्चा के बीच अटेंशन को अपनी ओर खींचने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष ने आज ही विपक्षी सांसदों को लंच पर बुलाया. ये बड़ी सधी हुई राजनीतिक रणनीति थी. जिस रेस्तरां में खरगे ने लंच की बुकिंग कराई थी वो जंतर-मंतर से कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही है. जंतर-मंतर मार्च की रणनीति के लिहाज से इस जगह को चुना गया होगा, चूंकि खरगे दक्षिण भारतीय हैं इसलिए उन्होंने अपनी पसंद का रेस्तरां चुना था. ये भी हो सकता है कि दक्षिण भारत में विपक्षी गठबंधन मजबूत है, इसलिए दक्षिण भारतीय रेस्तरां को चुनकर दक्षिण भारतीय वोटर्स को संदेश देने की कोशिश भी हुई हो.

'आप' और सपा की गैरहाजिरी से चर्चा

विपक्षी एकता दिखाने के लिए हुए इस लंच में सबसे ज्यादा चर्चा आम आदमी पार्टी ने बटोरी. केजरीवाल की पार्टी लंच में नहीं पहुंची. इस तरह आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक विमर्श में अपना अलग स्पेस बनाया. जब इंडिया गठबंधन के नेता स्वादिष्ट लंच के साथ राजनीतिक चर्चा कर रहे थे तब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता करीब 10 किलोमीटर दूर प्रदर्शन कर रहे थे. खरगे के लंच में समाजवादी पार्टी के नेता भी नहीं पहुंचे. लंच में समाजवादी पार्टी का नहीं आना भी सुर्खियों में रहा.

खरगे की थाली का 'पॉलिटिकल मेन्यू'

लंच दक्षिण भारतीय, संदेश अखिल भारतीय

समझिए आज का लंच सिर्फ क्या खाना है, या साथ खाना है, जैसा सामान्य लंच नहीं था. राजनीतिक शब्दावली में कहें तो ये लंच यह तय करने के लिए था कि अगला निवाला किस मुद्दे पर उठाया जाए. लंच बेशक दक्षिण भारतीय रेस्तरां में था, लेकिन इसका राजनीतिक संदेश अखिल भारतीय था. इस अखिल भारतीय संदेश को और प्रचारित करने के लिए कांग्रेस ने कल यानी 8 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. कल देशभर में ब्लॉक लेवल पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे.

ये भी पढ़ें: डिटेन किए गए राहुल को बाराखंभा पुलिस ने 2 घंटे बाद छोड़ा, प्रियंका बोलीं: 'हम संविधान के लिए अपनी जान दे देंगे'
 

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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