'वोट चोरी तो नेहरू ने की थी...': खरगे के बयान पर BJP का तीखा पलटवार, कांग्रेस को याद दिलाया 1947 का इतिहास
'वोट चोरी' पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है. कांग्रेस को 1947 का इतिहास दिलाते हुए बीजेपी ने कहा कि वोट चोरी तो जवाहर लाल नेहरू ने की थी.
कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन मोदी सरकार पर पिछले काफी दिनों से हमलावर है. विपक्ष ने इस मुद्दे पर दिल्ली में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन भी किया. इसके बाद अब 1 नवंबर को दिल्ली में प्रोटेस्ट मार्च और रामलीला मैदान में रैली करने जा रही है. अब बीजेपी ने 'वोट चोरी' पर कांग्रेस को घेर लिया है. पार्टी ने कहा कि 'वोट चोरी' तो हुई थी लेकिन वह नेहरू ने की थी. जब उन्होंने जनता की पसंद वल्लभ भाई पटेल को ठुकराकर देश के प्रधानमंत्री बन गए थे.
'खरगे जी के वोट चोरी के दावे में सच्चाई'
बीजेपी के प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के विरोध पर दिल्ली में प्रेसवार्ता कर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, '...आज खरगे जी वोट चोरी के इस मुद्दे पर बोल रहे थे. मैं खरगे जी से कहना चाहूंगा कि हां, वोट चोरी के दावे में सच्चाई है. वोट चोरी वास्तव में हुई थी.'
'नेहरू ने चुरा लिए थे पीएम पद के वोट'
संबित पात्रा ने आगे कहा, आज 31 अक्टूबर है. यह आदरणीय सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है. अगर भारत में कभी वोट चोरी हुई थी, 'तो वह गांधी परिवार के पहले सदस्य पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा की गई थी, जिन्होंने प्रमुख कांग्रेस नेताओं के वोट चुराए थे. उन नेताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतपेटी में अपने वोट डाले थे. उन वोटों को चुराकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बने. एक बिना चुने हुए प्रधानमंत्री.'
संबित पात्रा का इशारा उस घटना की ओर था, जब देश आजाद होने पर कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई थी. उसमें सभी ने एकमत से वल्लभ भाई पटेल को स्वतंत्र भारत का पहला प्रधानमंत्री चुनने का फैसला किया. कहा जाता है कि महात्मा गांधी को यह फैसला रास नहीं आया था. वे अपने चहेते जवाहर लाल नेहरू को देश का पीएम बनवाना चाहते थे.
जब गांधी जी ने पटेल को बताई दिल की बात
इस चाहत को पूरा करने के लिए उन्होंने पटेल को अपने पास बुलवाया और कहा कि वे उनसे कुछ मांगना चाहते हैं, मना तो नहीं करोगे. वल्लभ भाई पटेल ने कहा कि वे उनकी बात को नहीं टालेंगे. इस पर गांधी जी ने कहा कि वे चाहते हैं कि जवाहर लाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बनें. कुछ देर सोचने के बाद पटेल ने उनकी बात में हां कर दिया.
इसके बाद नेहरू के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया और सबके और गुणवान होने के बावजूद पटेल इस दौड़ में पीछे रह गए. हालांकि देश को एक करने और गोवा, जूनागढ़ जैसी रियासतों को आजाद करवाकर भारत में मिलवाने का काम उन्होंने ही किया.