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बंगाल की खूनी सियासत: भांगड़ में CPM नेता पर बम से जानलेवा हमला, ISF कार्यकर्ताओं पर आरोप, सियासी गलियारों में हलचल

पश्चिम 24 परगना के भांगड़ इलाके में CPIM नेता गयासुद्दीन मुल्ला पर बम से जानलेवा हमला किया गया. गनीमत रही कि CPIM नेता की जान बच गई और उन्हें ज्यादा चोटें नहीं आईं. ISF कार्यकर्ताओं पर इस हमले का आरोप लगा है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 26, 2026, 10:28 AM IST | Updated: Oct 26, 2026, 11:03 AM IST
Image Credit: CPIM नेता गियासुद्दीन मुल्ला पर बम से जानलेवा हमला (File Photo- Zee Media)
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के 6 महीने बाद भी चुनावी हिंसा से जुड़ी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला पश्चिम 24 परगना के भांगड़ से सामने आया है. यहां CPIM नेता गयासुद्दीन मुल्ला पर जानलेवा हमला किए जाने की खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, कुछ उपद्रवियों ने CPIM नेता गयासुद्दीन मुल्ला को निशाना बनाते हुए बम से हमला किया. गनीमत रही कि CPIM नेता की जान बच गई. इस जानलेवा हमले में उन्हें ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आईं. ISF कार्यकर्ताओं पर इस हमले का आरोप लगा है. इस घटना से जहां इलाके में दहशत है, वहीं सियासी गलियारों में भी हलचल है.

बाल-बाल बचे गियासुद्दीन मुल्ला 

यह घटना भांगड़ ब्लॉक 2 के पोलहाट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सतुलिया तेतुलतला इलाके में हुई. बताया जा रहा है कि CPIM नेता गियासुद्दीन मुल्ला रविवार (25 अक्टूबर) की रात को अपनी मोटरसाइकिल से घर जा रहे थे. सतुलिया तेतुलतला इलाके में वह कुछ लोगों से बात करने के लिए रुके. इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी मोटरसाइकिल पर पीछे से हमला कर दिया. CPIM नेता का दावा है कि उन पर सीधे दो बम फेंके गए. हालांकि, वह बाल-बाल बच गए.

'दीदी' के खिलाफ साथ आए थे CPIM-ISF

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कभी CPIM, कांग्रेस और अब्बास सिद्दीकी की ISF ने गठबंधन किया था. तीनों दलों ने इस गठबंधन को 'संयुक्त मोर्चा' नाम दिया था और 2021 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था. गठबंधन के तहत ISF ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल की थी. उस वक्त भांगड़ विधानसभा से ISF के नौशाद सिद्दकी को कामयाबी हासिल हुई थी. 

कैसे टूटा था संयुक्त मोर्चा?

2026 के विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन टूट गया था. सबसे पहले कांग्रेस पार्टी इस गठबंधन से अलग हुई थी. इसके बाद सीट शेयरिंग को लेकर CPIM और ISF की राहें जुदा हो गई थीं. ISF ने कई सीटों पर CPIM उम्मीदवार के खिलाफ अपना कैंडिडेट उतारा था. इस पर CPIM के वरिष्ठ नेता विमान बसु ने ISF नेतृत्व से साफ कहा था कि जिन सीटों पर CPIM पहले ही उम्मीदवार उतार चुका है, वहां से ISF को पीछे हटना होगा. कई राउंड की बातचीत के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. इससे दोनों दलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं में मनमुटाव हो गया और गठबंधन धरासाई हो गया.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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