कुदरत का होने वाला है 'तांडव': 15 से 17 अक्टूबर के बीच आंध्र के समंदर में उठेगा चक्रवात, भारी बारिश का अलर्ट!
IMD Weather Update 13 October 2026: मौसम अब तेजी से बदल रहा है. आंध्र प्रदेश के समंदर में 15 से 17 अक्टूबर के बीच चक्रवात उठने वाला है. इस दौरान भारी बारिश का अलर्ट है!
IMD Weather Forecast 13 October 2026: हिमालय क्षेत्र में आए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सोमवार तड़के मौसम बदलने से दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई. सोमवार को भी दिनभर हल्के बादल छाए रहे और कई जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई. जिससे अधिकतम तापमान में कमी आई और लोगों को उमस से निजात मिली. अचानक आई बारिश का यह मौसम अब गुजर गया है और बुधवार को आसमान साफ और मौसम सुहावना रहने की संभावना जताई गई है.
बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल बारिश की फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं है. बुधवार को क्षेत्र का मौसम आंशिक बादलों वाला या साफ रहेगा. अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री और न्यूतनम तापमान 22-22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. मौसम में आ रहे बदलाव की वजह से सुबह और रात के वक्त हल्की ठंडक बनी रहेगी.
यूपी-बिहार में धीरे-धीरे साफ हो जाएगा आकाश
अगर देश के बाकी राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी मौसम धीरे-धीरे साफ हो रहा है. हालांकि दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश में अभी भी छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. पीएलएन मूर्ति ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है. इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. जिससे आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अक्टूबर के मध्य में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके प्रभाव से 15, 16 और 17 अक्टूबर के आसपास तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है.
तटीय इलाके में हो सकती है तेज बारिश
डॉ. पीएलएन मूर्ति ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है. इसके उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की अधिक संभावना है. जब यह मौसम प्रणाली तट के करीब पहुंचेगी, तब इसका प्रभाव तटीय क्षेत्रों में बारिश के रूप में दिखाई दे सकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कम दबाव के क्षेत्र की तीव्रता और इसके आगे के विकास को लेकर अभी इंतजार करना होगा.
(एजेंसी आईएएनएस)