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हिमांशु भाऊः फर्जी पासपोर्ट का जुगाड़ हुआ फेल, बायोमेट्रिक्स से खुली पोल; अमेरिका में कुछ इस तरह से पकड़ा गया कुख्यात

फर्जी पासपोर्ट के सहारे अमेरिका पहुंचते ही हिमांशु भाऊ खुद को सुरक्षित समझने लगा था. अमेरिका में छिपने की उसकी साजिश काम नहीं आई. इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा था. यही वजह है कि अमेरिका में FBI ने दबोच लिया.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 25, 2026, 12:58 PM IST | Updated: Oct 25, 2026, 01:47 PM IST
Image Credit: अमेरिका में कुछ इस तरह से पकड़ा गया कुख्यात हिमांशु भाऊ
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भारत का मोस्ट वांटेट अपराधी हिमांशु भाऊ हाल ही में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली-हरियाणा समेत तमाम राज्यों में आतंक मचाने के बाद वह अचानक से देश छोड़कर फरार हो गया. सात समंदर पार करते ही उसे लगा कि उसने भारतीय एजेंसियों को चकमा दे दिया. फर्जी पासपोर्ट के सहारे अमेरिका पहुंचते ही वह खुद को सुरक्षित समझने लगा था. वह भी खुद को दाऊद इब्राहिम समझने लगा था. उसे लगा कि भारतीय पुलिस अब कभी उस तक नहीं पहुंच सकेगी और वह विदेशी सरजमी से ही अपने गैंग को ऑपरेट करता रहेगा. हालांकि, अमेरिका में छिपने की उसकी साजिश काम नहीं आई. इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा था. यही वजह है कि अमेरिका में FBI ने दबोच लिया.

कानून के लंबे हाथों से नहीं बच सका भाऊ

उसकी कोशिश थी कि अमेरिकी कानून की कमजोरियों का फायदा उठाकर राजनीतिक शरणार्थी के रूप में अमेरिका की पनाह हासिल कर ले, जिससे भारतीय कानून उसका कुछ ना बिगाड़ सके. वह खुद को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) को सौंपता, उससे पहले ही भारतीय जांच एजेंसियों ने FBI से संपर्क कर लिया और उन्हें गैंगस्टर का पूरा काला चिट्ठा सौंप दिया. भारत में हिमांशु भाऊ के गुनाहों की लिस्ट देखकर FBI अधिकारी भी चौंक गए. उन्हें अंदाजा भी नही था कि एक 21 साल का लड़का आखिर इतनी बड़ी-बड़ी वारदातों को भी अंजाम दे सकता है.

'डंकी रूट' से पहुंचा था अमेरिका 

हिमांशु भाऊ पहले ही फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश में घुसा था, इसलिए FBI के सामने उसे ट्रेस करने की बड़ी चुनौती थी. जांच एजेंसियों के मुताबिक, काफी वर्षों से फर्जी पासपोर्ट के सहारे कई देशों की यात्रा कर चुका था. अमेरिका में घुसने के लिए भी उसने 'डंकी रूट' का इस्तेमाल किया था. सूत्रों के मुताबिक, वह पहले दुबई गया फिर पुर्तगाल के रास्ते से अमेरिका में एंट्री ली. अमेरिका में घुसते ही उसने अपने साथी समेत अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया.

बायोमेट्रिक्स ने खोल दी सारी पोल

नीरज फरीदपुरिया के साथ हिमांशु भाऊ ने गिरफ्तार होते ही नया पैंतरा फेंका और खुद को राजनीतिक शरणार्थी बताते हुए शरण लेने का आवेदन कर दिया. अमेरिकी ICE ने भी दोनों की फाइल तैयार करनी शुरू कर दी थी. इसके लिए दोनों के फिंगरप्रिंट स्कैन लिए गए. अमेरिकी बायोमेट्रिक्स सिस्टम में जैसे ही दोनों के फिंगरप्रिंट दर्ज किए गए, वैसे ही FBI को उनका इनपुट मिल गया. FBI ने तुरंत रेड अलर्ट जारी कर दिया और ICE ने अपनी प्रक्रिया वहीं पर रोक दी. FBI और अमेरिकी ICE के अधिकारियों ने भारतीय एजेंसियों से संपर्क किया और आरोपियों की शिनाख्त कराई. शिनाख्त होते ही FBI ने दोनों को हिरासत में ले लिया.

खत्म हुआ गैंगस्टर का फिल्मी ड्रामा

अब दोनों को भारत लाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं, ताकि यहां उस पर केस चलाया जा सके और सजा दी जा सके. अमेरिका के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि हो रखी है. अमेरिका के लास वेगास प्रांत में स्थिति हेंडरसन डिटेंशन सेंटर पहुंचने के बाद हिमांशु भाऊ भी समझ चुका होगा कि हॉलीवुड की धरती पर उसका बॉलीवुड स्टाइल का ड्रामा खत्म हो चुका है.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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