UP से बिहार तक पेड़ उखड़े, मकान ढहे, लोग मलबे में दबे; ओडिशा में घरों तक पहुंचा समंदर का पानी... बारिश ने बरपाया कहर, देखिए तस्वीरें
देश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं. यूपी में पेड़ और कच्चे मकान गिरने की घटनाएं सामने आईं, जबकि ओडिशा में गांव जलमग्न हैं और पुरी में उफनते समुद्र व तटीय कटाव ने चिंता बढ़ा दी है.
लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है. कहीं सड़कें जलमग्न हैं, तो कहीं बारिश के चलते पेड़ और कच्चे मकान भरभराकर गिर रहे हैं. उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक बारिश की वजह से हालात बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. बरेली में पेड़ गिरने की घटना कैमरे में कैद हुई, लखनऊ में कच्ची दीवार गिरने से तीन लोग मलबे में दब गए, जबकि हमीरपुर में देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान जमींदोज हो गया. वहीं, ओडिशा के खुर्दा और पुरी में भारी बारिश और समुद्र की ऊंची लहरों ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
बरेली में पिछले 24 घंटों से करीब 127mm बारिश दर्ज की गई है. लगातार बारिश के बीच शहर के कई इलाकों में जलभराव की हालत बन गई है. कई जगह सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. इसी बीच बरेली के मॉडल टाउन इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बड़ा हादसा होते-होते बच गया. पेड़ गिरने की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि सड़क किनारे सफेद रंग की एक कार खड़ी हुई है. आसपास बारिश का माहौल है और सड़क पर आवाजाही भी दिखाई दे रही है. सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद अचानक सड़क किनारे खड़ा एक भारी-भरकम पेड़ जड़ से उखड़ जाता है.
इसके अलावा लखनऊ के रहीमाबाद के चैना गांव में भी जबरदस्त बारिश के चलते कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे में सुरेश, उनकी बेटी सलोनी और बेटा रजनीश दबे मलबे में दब गए. घटना आज 26 सितंबर को तड़के करीब 1:10 बजे हुई. सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ पहुंचे. पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को सकुशल बाहर निकाल लिया. तीनों को पुलिस के सरकारी साधनों से CHC मलिहाबाद भेजा गया.
लखनऊ के बैरन रोड पर भी एक पेड़ गिरा, यह सड़क कैंटोनमेंट इलाके को चारबाग से जोड़ती है. पेड़ की टहनियों से एक कार को नुकसान पहुंचा. किसी के जख्मी होने की खबर नहीं है, लेकिन एक हावन उसमें दबा हुआ है.
इसके अलावा ओडिशा के खुर्दा में तटीय और दक्षिणी इलाकों में 4 दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद, खुर्दा जिले की बनपुर तहसील के कई ग्रामीण इलाके पानी में डूब गए हैं. यह इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है. कई घर पानी में डूब गए हैं, जिससे लोग घबरा गए हैं और कई लोग फंस गए हैं.
वहीं पुरी में भी समुद्र रिहायशी इलाकों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. सड़क किनारे दुकान लगाने वालों को सौ मीटर दूर हटाए जाने के बाद भी, उफनता समुद्र खतरा बना हुआ है. तटीय कटाव पुरी के लिए एक बड़ी चिंता बन गया है. पिछले दो दशकों में, समुद्र ने तटरेखा का लगभग 15.8 किलोमीटर हिस्सा निगल लिया है. मुख्य सड़क से समुद्र तट तक जाने वाली सीढ़ियां ढह गई हैं, जिससे पर्यटकों के लिए रास्ता खतरनाक हो गया है. इस बीच, कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ) के नियमों का उल्लंघन करते हुए हाई-टाइड जोन में 308 इमारतें बनाई गई हैं. पुरी की तटरेखा की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक चलने वाले उपाय लागू करने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक के साथ बातचीत चल रही है.
ट्रेन पर गिरी पेड़ की टहनी
तेज आंधी और बारिश का असर पटना-गया जी रेलखंड में देखने को मिला, जहां तेज आंधी बारिश की वजह से एक पेड़ की बड़ी टहनी ट्रेन के इंजन पर गिर पड़ी. जिससे ट्रेन स्टेशन पर खड़ी हो गई. घटना शनिवार दोपहर गया पटना रेलखंड के पुनपुन घाट स्टेशन की है. इस्लामपुर से चलकर पटना जाने वाली सवारी गाड़ी 63391 जैसे ही पुनपुन घाट स्टेशन पहुंची. तभी अचानक से स्टेशन के समीप लगे एक बड़े पेड़ की टहनी इंजन पर गिर गई, जिससे ट्रेन स्टेशन पर रुकी रही.
बागमती नदी भी उफन गई
मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली बागमती नदी भी बुरी तरह उफनाई, गायघाट ब्लॉक के कई गांवों के निचले इलाके में नदी का पानी घुस गया. बागमती नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के बाद लोगों को बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर चिंता बढ़ी.
सिक्किम के रिम्बी में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग
सिक्किम के रिम्बी में भी लगातार भारी बारिश की वजह से युक्सोम-ताशीडिंग निर्वाचन क्षेत्र के रिम्बी गांव में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है, जिससे 32 से ज्यादा घर और सरकारी क्वार्टर को नुकसान पहुंचा. प्रभावित परिवारों को घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और उन्हें सुरक्षित जगहों और बनाए गए राहत शिविर में भेजा जा रहा है. स्थानीय लोग भूस्खलन वाली जगह से अपना सामान हटाने में एक-दूसरे की मदद करते दिखे.