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23 साल की इंजीनियरिंग छात्रा की शादी कहीं और तय हो गई तो प्रेमी ने उसको महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की लगभग 1000 फीट गहरी खाई में धकेल दिया. गार्गोटी की रहने वाली इंजीनियरिंग की थर्ड ईयर की स्टूडेंट तरन्नुम नाइक भुदरगढ़ तालुका में नाइकवाड़ी झरने के नीचे घाटी में मृत पाई गई.
उसके 25 साल के प्रेमी श्रीपाद वदार को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस को युवती की मौत की परिस्थितियों के बारे में उसके बयानों में गड़बड़ी मिली.
स्थानीय लोगों ने बताया कि तरन्नुम की शादी 12 नवंबर को तय हुई थी. अपने कॉन्ट्रैक्टर भाई के साथ काम करने वाले वदार ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह और तरन्नुम साढ़े पांच साल से रिलेशनशिप में थे और जब उसके परिवार ने उसकी शादी किसी और से तय कर दी, तो उन्होंने एक साथ आत्महत्या करने का फैसला किया.
यह मामला शनिवार सुबह उस वक्त सामने आया, जब वदार पुलिस स्टेशन पहुंचा और बताया कि तरन्नुम एक चट्टान से घाटी में गिर गई है. उसने दावा किया कि वह कूदी थी, लेकिन आखिरी पल में वह हिम्मत हार गया.
पुलिस ने शुरू में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत गलत तरीके से बंधक बनाने का मामला दर्ज किया. हालांकि, उनको कपल की चैट हिस्ट्री की जांच से सुसाइड पैक्ट वाली बात पर शक पैदा हुआ.
गाधिंग्लज के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर विवेक पाटिल ने कहा, 'चैट हिस्ट्री से वो बात साबित नहीं होती, जो उसने हमें आत्महत्या की योजना के बारे में बताई थी. मैसेज से पता चला कि श्रीपाद, तरन्नुम की शादी किसी और से तय करने के परिवार के फैसले के खिलाफ था. इससे गंभीर शक पैदा हुआ और हमने हत्या के लिए BNS की धारा 103(1) लगाई.'
पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह पता चल सके कि तरन्नुम कूदी थी या उसे घाटी में धकेला गया था. पाटिल ने कहा कि रिपोर्ट के एडवांस्ड एनालिसिस में तीन से चार दिन लगने की उम्मीद है.
रविवार को एक स्थानीय अदालत ने वदार को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया. पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं.
नायकवाड़ी झरना गरगोटी से लगभग 50 किलोमीटर दूर एक सुनसान जंगली इलाके में है. पुलिस ने बताया कि मॉनसून के बाद झरना सूख गया था और शुक्रवार को जब यह कपल वहां पहुंचा तो वहां कोई और मौजूद नहीं था. इस घटना के कारण गर्गोटी में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. स्थानीय निवासियों ने फास्ट-ट्रैक ट्रायल की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन तक मार्च किया.
स्थानीय लोगों ने बताया कि तरन्नुम अपनी पढ़ाई के दौरान गर्गोटी के शिवाजीनगर इलाके में अपनी नानी के साथ रहती थी और छुट्टियों में घर लौटती थी. उसका अंतिम संस्कार भुदरगढ़ तालुका के उसके पैतृक गांव पटगांव में किया गया.