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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पुलिस तीन लोगों को बिना शर्ट और नंगे पैर, सिर्फ शॉर्ट्स पहनाकर ले गई. इस दौरान उनकी कमर में रस्सियां बंधी हुई थी. यह कदम एक घटना के 'रीकंस्ट्रक्शन' के दौरान उठाया गया, जिसमें इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग लड़के, उसके पिता और एक दोस्त को नग्न अवस्था में चलने के लिए मजबूर किया था.
पुलिस के मुताबिक सोमवार को गिरफ्तार किए ये तीनों आरोपी एक 13 साल की लड़की के पिता, मामा और बड़े भाई हैं. इनपर आरोप आरोप है कि इन्होंने रविवार की शाम लड़की को 17 साल के एक लड़के के साथ Kiss करते हुए देखा था, जिसके बाद उसके परिवार के लोगों ने लड़के और उसके साथियों के साथ मारपीट की, साथ ही उन्हें सबके सामने बेइज्जत किया.
आरोपों के मुताबिक, लड़की के माता-पिता और मामा ने लड़के और उसके दोस्त को एक कमरे में बंद कर दिया और उनकी पिटाई की. इसके बाद, कथित तौर पर लड़के से उसके पिता को वहां बुलाने के लिए कहा गया. लड़के के पिता ने बताया कि जब वो वहां पहुंचे तो कम से कम छह लोग उन्हें मारपीट रहे थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि लड़की के मामा ने उन्हें एक बंदूक दी और कहा कि या तो वे अपने बेटे को गोली मार दें, या फिर उसके साथ नग्न होकर चलें.
पिता ने पत्रकारों के साथ बातचीत में बताया,'बाद में उन्हें, उनके बेटे और उसके दोस्त को बिना कपड़ों के चलने को मजबूर किया, इस दौरान बहुत सारे लोग उनका वीडियो भी बना रहा थे.' इन्हीं में से कोई एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इसके अलावा बाद में लड़के के पिता ने भी शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लड़की के पिता, बड़े भाई और मामा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी मां को हिरासत में लिया गया है. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को सड़क पर अंडरवियर में चलवाकर मामले से जुड़ी घटना का रीक्रिएशन कराया.
इसके अलावा खबर यह भी है कि पहली घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गुस्साए लोगों ने लड़की के घर पर तोड़फोड़ करने की भी कोशिश की. घटना को लेकर इलाके में तनाव फैल गया. जिसके बाद राज्य सरकार में मत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भी कसूरवार होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का जाएगी. उन्होंने यह भी यकीन दिलाया कि आरोपियों के राजनीतिक रिश्ते भी उन्हें कार्रवाई का सामना करने से नहीं बचा सकते.