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पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने अपने कार्यकाल क पहली ही 'दुर्गा पूजा' पर कई बड़े फैसले लिए हैं. नई सरकार ने पहली ही पूजा में ऐसे कई फैसले लिए हैं, जिनका असर पंडाल से लेकर विसर्जन और पूजा के माहौल तक दिखाई देने वाला है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को बड़े ऐलान करते हुए दुर्गा पूजा कार्निवल खत्म कर दिया गया है, पूजा और विसर्जन में DJ पर रोक रहेगी, महाष्टमी पर शराब की बिक्री बंद होगी और महालया के दिन ईडन गार्डन्स में भव्य कार्यक्रम होगा.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई अहम ऐलान किए. इनमें पिछली सरकार की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा कमेटियों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. हालांकि, इस बार रकम घटाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन पूजा समितियों को आर्थिक मदद की जरूरत है, उन्हें सरकार 1 लाख रुपये देगी. हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि बड़े बजट वाली पूजा समितियों से अपील है कि वो सरकारी मदद ना लें. फिर भी जिन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है, उन्हें संबंधित थाने में इसके लिए आवेदन देना होगा.

सुवेंदु अधिकारी ने इस दौरान यह भी बताया कि पूजा पंडालों के लिए सरकार ने बिजली का 100% शुल्क माफ कर दिया है. यह छूट सीईएससी और राज्य बिजली वितरण बोर्ड, दोनों के तहत आने वाले पंडालों पर लागू होगी. साथ ही पंडाल के लिए फायर ब्रिगेड का लाइसेंस लेने पर भी कोई फीस नहीं देनी होगी.
सरकार ने पुलिस, दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत कई डिपार्टमेंट्स के लिए दो दिन की छुट्टी का भी ऐलान किया है. पूजा के दौरान पुलिस, दमकल, स्वास्थ्य, परिवहन कर्मचारी और सिविक वॉलंटियर लगातार ड्यूटी पर रहते हैं. सरकार ने उनके लिए भी बड़ा ऐलान किया है. पूजा खत्म होने के बाद इन जरूरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को वेतन के साथ 2 दिन की अतिरिक्त छुट्टी दी जाएगी.
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने 2016 में पहली बार 'रेड रोड' पर यह कार्निवल आयोजित किया था. इसके बाद यह आयोजन हर साल होने लगा. हालांकि 2020 और 2021 में कोरोना महामारी के चलते आयोजित नहीं हो पाया. आसान भाषा में कहें तो यह दुर्गा पूजा के बाद निकलने वाली एक भव्य शोभा यात्रा होती थी. जिसमें चुनिंदा दुर्गा प्रतिमाओं को सजाकर एक जगह लाया जाता है और उनके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. कार्निवल के बाद इन प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया जाता है.