देशभर में डेंगू का प्रकोप, बंगाल में मामले 5000 के पार, तो चेन्नई में भी तेजी से बढ़ रहे मरीज, जानें कैसे करें अपना बचाव?
Symptoms of Dengue Fever: देशभर में डेंगू का प्रकोप फैल रहा है. बंगाल में तो इसके मामले 5000 के पार हो गए हैं. वहीं, चेन्नई में भी तेजी से डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं. आइए, जानें कि इस बीमारी से अपना बचाव कैसे कर सकते हैं.
How to Prevent Dengue Fever? दक्षिण पश्चिम मानसून के ठंडा पड़ने के साथ ही देशभर में डेंगू का प्रकोप शुरू हो गया है. बंगाल लेकर चेन्नई तक लोग डेंगू की चपेट में हैं. अकेले पश्चिम बंगाल में ही डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या 5,000 का आंकड़ा पार कर गया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 11 सितंबर तक राज्य में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या 5,002 तक थी.
राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चिंताजनक बात ये है कि अगस्त में इसी तारीख तक डेंगू से प्रभावित लोगों की कुल संख्या 2,500 से कम थी. आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रभावित लोगों की अधिकतम संख्या मुर्शिदाबाद जिले से 1,072 है. इसके बाद कोलकाता में 500 और उत्तर 24 परगना में 450 हैं. पिछले कुछ वर्षों में इन तीन जिलों में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या सबसे अधिक रही है.
डेंगू को अज्ञात बीमारी के रूप में दर्ज नहीं किया जा रहा
अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामलों की निगरानी और रोकथाम पर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है. इसमें मुख्य फोकस घर-घर जाकर निगरानी और डेंगू के लक्षणों वाले लोगों की तत्काल रक्त जांच पर रखा गया है. आंकड़े यह भी साबित करते हैं कि इस साल कम से कम डेंगू को अज्ञात बीमारी के रूप में दिखाकर प्रभावित आंकड़ों को कम बताने की घटनाएं नहीं हुईं. जैसा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर हुआ था.
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को डेंगू के लक्षण वाले लोगों की जांच कराने के लिए 15 अक्टूबर तक व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है. जिला अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे विभाग को नियमित रूप से रिपोर्ट देते रहें कि प्रतिदिन कितने लोग बुखार से पीड़ित पाए गए हैं और कितने लोगों का डेंगू परीक्षण किया गया है.
चेन्नई में बुखार के 2 हजार केस आए
उधर दक्षिण भारत में डेंगू का कहर जारी है. चेन्नई में पिछले 10 दिन में बुखार के 2000 से ज्यादा केस सामने आए हैं. जिनमें 140 में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है. चेन्नई और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ सप्ताह में बुखार फैल रहा है. डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने, समय पर इलाज कराने और मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय करने की अपील की है.
शहर में अगस्त के महीने में बुखार के लगभग 4,500 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 160 में डेंगू की पहचान हुई.
ताजा आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि कम समय में सामने आए डेंगू के मामलों की संख्या पिछले महीने दर्ज किए गए कुल मामलों के करीब पहुंच रही है.
अड्यार, अन्ना नगर और वलसरवक्कम जोन उन इलाकों में शामिल हैं, जहां बुखार के मामले अपेक्षाकृत ज्यादा हैं. स्वास्थ्य अधिकारी और मेडिकल टीमें स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं क्योंकि सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार, शरीर में दर्द, खांसी और अन्य संबंधित लक्षणों वाले मरीज लगातार आ रहे हैं.
सांस संबंधी वायरस फैलने की आशंका
डॉक्टरों ने बताया कि शहर में कई तरह के सांस संबंधी वायरस फैल रहे हैं, जिनमें इन्फ्लूएंजा ए, राइनोवायरस और रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (जिसे आमतौर पर आरएसवी कहा जाता है) शामिल हैं. वायरल बुखार परिवार के सदस्यों के बीच तेजी से फैल सकता है, खासकर भीड़-भाड़ वाले घरों में, जब कोई संक्रमित व्यक्ति जरूरी सावधानी नहीं बरतता है.
बुखार से पीड़ित लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुद से दवा लेने के बजाय किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लें और जरूरी जांच करवाएं. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इलाज में देरी या बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने से स्थिति गंभीर हो सकती है, खासकर डेंगू के मामलों में.
लोगों से मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने की भी अपील की गई है. घरों और कमर्शियल इमारतों के आसपास गमलों, बेकार टायरों, कंटेनरों, छतों या खुली जगहों पर पानी जमा नहीं होने देना चाहिए.जमा किए गए पानी को ठीक से ढंककर रखना चाहिए और कंटेनरों को नियमित रूप से साफ करना चाहिए.
कंस्ट्रक्शन साइटों में गंदगी हटाने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जोर दिया है कि रिहायशी इलाकों, कंस्ट्रक्शन साइटों और आसपास के इलाकों से कचरा और अन्य गंदगी को नियमित रूप से हटाया जाना चाहिए. डेंगू के प्रसार को कम करने के लिए आसपास सफाई रखना और जमा पानी को खत्म करना बहुत जरूरी है.
लोगों को मच्छरदानी, रिपेलेंट और सुरक्षात्मक कपड़े इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है, खासकर सुबह और शाम के समय. अगर किसी को लगातार बुखार, शरीर में तेज दर्द, उल्टी, असामान्य थकान या ब्लीडिंग जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें तुरंत जांच और इलाज के लिए अस्पताल जाना चाहिए.
(एजेंसी आईएएनएस)