चक्रवात 'अर्नब' ने मचाया तांडव: ओडिशा-आंध्र में भारी बारिश से जनजीवन ठप, कई जिलों में स्कूल बंद, पुल-सड़कें डूबीं
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आखिरकार उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों से टकरा ही गया, जिसका असर ओडिशा, आंद्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल में दिख रहा है.
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आखिरकार ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट पर टकरा गया है. देर रात करीब 11 से 1 बजे के बीच हुए इस लैंडफॉल के बाद से ही दोनों राज्यों में आफत की बारिश हो रही है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 12 से 24 घंटों के लिए गंभीर अलर्ट जारी करते हुए तटीय इलाकों में हाई अलर्ट घोषित किया है. इन इलाकों में मूसलाधार बारिश ने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है. मौसम विभाग ने बताया है कि ओडिशा में पिछले 24 घंटे में औसतन 70 मिमी बारिश हुई है. सबसे ज्यादा बारिश कोरापुट के सिमिलिगुडा में हुई, जहां 193.9 मिमी पानी बरसा.
'अर्नब' के टकराने के बाद ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं. यहां 10 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया गया है, भद्रक में मछुआरों की 10 नाव डूबने की भी खबर है, जबकि तेज हवाओं की वजह से दर्जनों नावें टूट-फूट गईं.
मलकानगिरी जिले का सबसे बुरा हाल
सबसे बुरा हाल मलकानगिरी जिले का है. यहां नदियां और नाले उफान पर हैं. कांकुरुकोंडा, कन्याश्रम, एमवी-90 और एमवी-96 पुलों पर 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है. इसके चलते मलकानगिरी, कालीमेला, मोटू और पोडिया का आपस में संपर्क पूरी तरह टूट गया है. कई पुलों को नुकसान पहुंचा है और जगह-जगह पेड़ गिर गए हैं. सुरक्षा के चलते एनएच-326 (NH-326) को बंद कर दिया गया है, जिससे वहां सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं.
आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भरा
'अर्नब' चक्रवता के टकराने का असर ओडिशा के बाद आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा दिख रहा है. श्रीकाकुलम और कलिंगपट्टनम में बारिश ने खूब तबाही मचाई है.इन इलाकों में 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं.
भारी बारिश के चलते विजयवाड़ा के निचले इलाकों में पानी भर गया है, इसलिए स्कूलों में लगातार दूसरे दिन छुट्टी घोषित करनी पड़ी. मौसम विभाग ने बताया है कि सिस्टम कलिंगपट्टनम के पास तट को पार करते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और अगले 12 घंटों तक इसका असर ऐसे ही बना रहेगा.
पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट
इस चक्रवात का असर पश्चिम बंगाल में भी दिखआ है. साउथ 24 परगना जिले में भारी बारिश हुई है. यहां तेज हवाओं को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी इलाकों में भी आंधी-बारिश की चेतावनी है. प्रशासन ने मछुआरों से अपील की है कि वे शुक्रवार सुबह तक समुद्र में बिल्कुल न जाएं.
कब थमेगा कहर?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अर्नब तूफान लगभग 5 किमी प्रति घंटे की बहुत धीमी चाल से आगे बढ़ रहा है और कलिंगपट्टनम के पास तट से टकराएगा. जमीन पर पूरी तरह पहुंचने में इसे करीब दो घंटे का वक्त लग सकता है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि टकराने के बाद भी अगले 12 घंटों तक तूफान का असर बिल्कुल कम नहीं होगा और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश चलती रहेगी. इसके बाद ही यह आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे शांत पड़ेगा.
मानसून का खतरा अभी टला नहीं
इसी बीच, भारत के मौसम सैटेलाइट INSAT-3DS ने एक ऐसी फोटो भेजी है, जो हर किसी को चौंका रही है, क्योंकि तस्वीर में पश्चिमी चीन और तिब्बत से लेकर उत्तर और मध्य भारत तक फैला 4000 किलोमीटर लंबा बादलों का एक बहुत बड़ा घेरा (क्लाउड बैंड) दिखाई दे रहा है. आसमान में घने बादलों का यह भारी जमावड़ा साफ बता रहा है कि भले ही देश से मानसून जा रहा हो, लेकिन पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में अभी बारिश और तूफान का खतरा टला नहीं है.
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