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EC पर कांग्रेस का प्रहार: 'ज्ञानेश कुमार पर PM मोदी ने बनाया दबाव...,' चुनाव आयोग विवाद पर मल्लिकार्जुन खरगे का आरोप, प्रधानमंत्री से भी मांगा इस्तीफा

Election Commission Of India: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ( CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लोग सड़कों पर हैं. वहीं, अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस पर अपना बयान देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री दबाव बना रहे हैं. उन्हें भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.

EC पर कांग्रेस का प्रहार: 'ज्ञानेश कुमार पर PM मोदी ने बनाया दबाव...,' चुनाव आयोग विवाद पर मल्लिकार्जुन खरगे का आरोप, प्रधानमंत्री से भी मांगा इस्तीफा

Mallikarjun Kharge On CEC: इलेक्शन कमीशन के कामकाज में गड़बड़ी को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ( CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज चल रही है. मंगलवार ( 29 सितंबर 2026) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन पर सत्तापक्ष को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर यह सब करने के लिए दबाव डालने के चलते पीएम मोदी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने ज्ञानेश कुमार को भी तुरंत पद से हटाने की मांग की.  

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि पार्टी की लड़ाई किसी व्यक्ति, संस्था या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि वोटर्स के अधिकार, संविधान और डेमोक्रेटिक सिस्टम की रक्षा के लिए है. उन्होंने कहा,' इलेक्शन कमीशन की आजादी लोकतंत्र की सुरक्षा की पहली शर्तों में से एक है.'

'CEC को पद में रहने का कोई अधिकार नहीं...'


कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रश्न उठाया कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का निर्णय किसने लिया और 2 इलेक्शन कमिशनर्स को इंटरनल पोल से बाहर क्यों रखा गया? उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन के कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और निर्वाचन आयुक्तों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे में संबंधित CEC को पद में बैठने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत पद से हटा दिया जाना चाहिए. मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पीएम के दबाव के चलते ऐसा हुआ है, ऐले में पीएम मोदी को नैतिकता के आधार पर खुद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से लोगों के नाम मिटाए जा रहे हैं, जिससे योग्य नागरिकों के वोटिंग राइट्स पर असर पड़ सकता है.    

संस्थाओं की आजादी 


खरगे ने कहा,' संविधान सभा में डॉक्टर बी आर आंबेडकर ने मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे मौलिक चीज बताई थी.  लोकतंत्र में हर योग्य नागरिक का वोट सुरक्षित होना चाहिए और हर वोट की निष्पक्ष गणना होनी चाहिए. वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने वाले किसी योग्य व्यक्ति को किसी अधिकारी की मनमर्जी के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए.' कांग्रेस नेता ने इलेक्शन कमीशन पर उठ रहे सवालों को लेकर कहा,' कांग्रेस ने देश में संस्थाओं के निर्माण और उन्हें स्वतंत्र समेत अधिकार संपन्न बनाने में भूमिका निभाई है, लेकिन आज इन संस्थाओं की आजादी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हमारे सवाल इन संस्थाओं को कमजोर करने के इरादे से नहीं होते. हम तो चाहते हैं कि इलेक्शन कमीशन इतना मजबूत और विश्वसनीय हो कि सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों उसके फैसलों पर समान भरोसा करें.'

कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी की ओर से रखी 5 मांगें

1- वोटर लिस्ट में होने वाले बड़े बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक हो.

2- जिन वोटर्स के नाम हटाए गए उन्हें इसकी सूचना और अपील का मौका देना.

3- राजनीतिक दलों को वोटर लिस्ट से जुड़े अहम डेटा समय पर उपलब्ध कराना.

4- गंभीर गड़बड़ियों के मामलों में स्वतंत्र और समयबद्ध जांच सुनिश्चित हो.

5-  चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और फैसलों में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी हो.  

'वोटर्स को भरोसा होना चाहिए...'


खरगे ने कहा कि सबसे अहम बात ये है कि देश के वोटर्स को भरोसा होना चाहिए कि उनका वोट सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करने का काम करेगी कि किसी भी वोटर के वोटिंग राइट्स को न छीना जाए और हर व्यक्ति का वोट सुरक्षित रहे. उन्होंने कहा कि निष्पक्षता के साथ चुनाव से ही जनता चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बनाए रख सकती है. तभी लोकतंत्र और देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसकी रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी. 

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About the Author

Shruti Kaul

Shruti Kaul

ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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