HPSC के नए चेयरमैन सतीश सैनी के सामने 5 बड़ी चुनौतियां, भर्ती परीक्षाओं से रिजल्ट तक पर रहेगी नजर
हरियाणा लोक सेवा आयोग के नए चेयरमैन सतीश कुमार सैनी कल अध्यक्ष पद की शपथ लेंगे. ऐसे में इनके सामने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, लंबित परिणाम, परीक्षा प्रबंधन और चयन प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करने की चुनौती होगी.
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के नए चेयरमैन के तौर पर पूर्व HCS ऑफिसर सतीश कुमार सैनी की नियुक्ति के साथ ही कमीशन के रिक्रूटमेंट सिस्टम को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं. सतीश सैनी 29 अक्टूबर को हरियाणा लोक भवन में चेयरमैन पद की शपथ लेंगे. वे अभी हरियाणा लोक सेवा आयोग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर रहे थे. उन्होंने हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है. अब उनके सामने कमीशन के कामकाज को मजबूत करने, भर्ती परीक्षा में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने और कैंडिडेट्स का भरोसा बनाए रखने जैसी अहम चुनौतियां होंगी.
भर्ती परीक्षाओं में भरोसा बहाल करना एक बड़ी चुनौती
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एग्जाम का समय पर होना, प्रश्नपत्रों का सही होना और चयन प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी बहुत जरूरी है. इसलिए नए चेयरमैन के कार्यकाल के दौरान यह मॉनिटर करना बहुत जरूरी होगा कि एग्जाम से जुड़ी शिकायतों का कितनी जल्दी निपटारा होता है और भर्ती प्रक्रिया को और भरोसेमंद बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
1. परीक्षा रद्द होने और स्थगित होने के मामलों से निपटना
भर्ती परीक्षा के रद्द या स्थगित से कैंडिडेट्स की तैयारी और शेड्यूल पर असर पड़ता है. ऐसे मामलों में कमीशन के सामने एग्जाम मैनेजमेंट को मजबूत करने और समय पर, साफ जानकारी देने की चुनौती होती है. परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया को और सिस्टमैटिक बनाना एक अहम प्राथमिकता हो सकती है.
कितने एग्जाम कैंसिल हुए और क्यों?
जून 2025 में, HPSC ने असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) का रिटन एग्जाम कैंसिल कर दिया था. कमीशन ने प्रिंटिंग और सीलिंग से जुड़ी तकनीकी खामियों का हवाला दिया, जबकि पेपर लीक और छेड़छाड़ के आरोप भी सामने आए. कमीशन ने जानबूझकर पेपर लीक होने से इनकार किया.
2. पेपर लीक के आरोपों पर पारदर्शिता
भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और प्रश्नपत्रों में कथित गड़बड़ियों के आरोपों ने युवाओं में चिंता पैदा कर दी है. हालांकि, जांच में साबित हुए आरोप और गड़बड़ियां अलग-अलग चीजें हैं. नए चेयरमैन के सामने ऐसी शिकायतों की बिना किसी भेदभाव के जांच करने, सुरक्षा व्यवस्था का रिव्यू करने और फैक्ट्स के आधार पर स्थिति साफ करने की चुनौती होगी.
पेपर लीक के आरोप बनाम जांच का रिकॉर्ड
जनवरी 2023 में 383 वेटनरी सर्जन पोस्ट के लिए हुए भर्ती परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्रों में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगे थे. नवंबर 2023 में, HPSC ने लिखित परीक्षा कैंसिल कर दी. दिसंबर 2025 में, हरियाणा सरकार ने विधानसभा में कहा कि 2014 और 2024-25 के बीच HPSC लेवल पर कोई पेपर लीक पक्के तौर पर साबित नहीं हुआ है.
3. लंबित परिणाम और नियुक्तियों में देरी
परीक्षा पूरी होने के बाद कैंडिडेट्स को परिणाम, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार करते हैं. लंबे समय तक स्थिति स्पष्ट न होने से उम्मीदवारों की अनिश्चितता बढ़ती है. आयोग के लिए भर्ती के हर स्टेज के लिए डेडलाइन तय करना और कैंडिडेट को रेगुलर अपडेट देना जरूरी हो सकता है.
भर्ती परीक्षाओं में देरी और बार-बार रीशेड्यूल करना
जनवरी 2026 में, HPSC ने ट्रेजरी ऑफिसर, असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर और कई लेक्चरर और इंस्ट्रक्टर पदों सहित सात परीक्षाओं को पोस्टपोन कर दिया था. उस समय आयोग ने साफ किया कि परीक्षाएं स्थगित की गई थीं, रद्द नहीं की गई थीं.
4. प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और चयन प्रक्रिया
कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं में सवालों की क्वालिटी, सिलेबस के साथ उनका तालमेल और मूल्यांकन का भरोसेमंद होना चयन प्रक्रिया प्रोसेस के जरूरी हिस्से हैं. प्रश्नपत्रों के बारे में उठाए गई आपत्तियों की सही जांच और शिकायतों का समय पर सॉल्यूशन आयोग की क्रेडिबिलिटी को मजबूत करने में मदद कर सकता है.
बता दें कि फरवरी 2026 में हरियाणा विधानसभा में विपक्ष ने भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे. कुछ असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा पर दूसरे राज्यों के आयोगों के प्रश्नों से समानता के आरोप भी लगाए.
5. आगामी परीक्षाओं का कैलेंडर और भर्ती प्रक्रिया
नए चेयरमैन के लिए एक और जरूरी काम आने वाली परीक्षाओं के लिए एक स्पष्ट शेड्यूल बनाए रखना और बताई गई तारीखों का पालन पक्का करना होगा. कैंडिडेट्स लंबित भर्ती प्रक्रियाओं की स्पीड और परीक्षा से लेकर परिणाम और नियुक्तियों तक की प्रक्रिया तक सभी करीब पर नजर रहती है.
HPSC के 2026 के परीक्षा कैलेंडर में 41 पोस्ट के लिए एग्जाम शामिल थे, जो 13 से 27 सितंबर 2026 के बीच होने थे. अब 28 अक्टूबर 2026 तक अगला जरूरी सवाल यह है कि इनमें से किन एग्जाम के रिजल्ट, इंटरव्यू या अपॉइंटमेंट पेंडिंग हैं और आगे के एग्जाम की नई तारीखें क्या हैं.
HPSC चेयरमैन का पद क्यों जरूरी है?
हरियाणा लोक सेवा आयोगन राज्य के अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए क्लास I और क्लास II अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है. कमीशन भर्ती परीक्षाएं, इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया आयोजित करता है. इसलिए चेयरमैन का पद कमीशन के कामकाज और भर्ती प्रक्रिया के संचालन के लिए बहुत जरूरी है.