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Haryana में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बैकफुट पर क्यों है बीजेपी सरकार?

हरियाणा में करीब 13,000 सफाई कर्मचारियों की हड़ताल विधानसभा तक पहुंची. नियमितकरण की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है.

Written By Renu Akarniya
Published: Sep 03, 2026, 07:49 PM IST | Updated: Sep 03, 2026, 07:57 PM IST
Image Credit: haryana sanitation worker Strike
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Haryana News: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से चल रही हड़ताल अब विधानसभा तक पहुंच गई है. करीब 13,000 सफाई कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. हड़ताल से राज्य के कई शहरी इलाकों में सफाई सेवाओं पर असर पड़ा है. विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर विधानसभा में सरकार को घेरा और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का समर्थन किया.

मंगलवार को सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से लगातार बातचीत कर रही है और अब तक छह दौर की मीटिंग हो चुकी हैं.

सरकार का दावा है कि 13 में से 12 मांगें मान ली
मंत्री कृष्ण बेदी के मुताबिक, सरकार ने सफाई कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें मान ली हैं. हालांकि, कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग- उनकी सेवाओं को नियमित करने को लेकर एक कानूनी अड़चन है.

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के मुताबिक, सरकार ने नियमितीकरण के मुद्दे पर एडवोकेट जनरल से कानूनी राय भी मांगी है. सरकार का कहना है कि कोर्ट के ऑर्डर की वजह से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सीधे पक्का करना मुमकिन नहीं है. इसके बजाय उसने कर्मचारियों को बेहतर आर्थिक फायदे देने का प्रस्ताव दिया है.

सैनिटेशन सिस्टम पर असर
कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से राज्य भर के कई शहरों में कचरा जमा होने और सैनिटेशन सिस्टम में रुकावट की शिकायतें आई हैं. कुछ जगहों पर, नगर निगमों ने पुलिस की मौजूदगी में JCB और दूसरी मशीनों का इस्तेमाल करके कचरा हटाने की कोशिश की.

इन कार्रवाइयों के दौरान, कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के बीच झड़पें हुईं. कई प्रदर्शनकारियों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, और कुछ मामलों में FIR दर्ज की गईं. कर्मचारी यूनियनों ने पुलिस पर विरोध के दौरान कुछ महिला कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर बुरा बर्ताव करने का भी आरोप लगाया है.

कांग्रेस ने विधानसभा में सरकार को घेरा
कांग्रेस MLA गीता भुक्कल ने सदन में सफाई कर्मचारियों के विरोध के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों के साथ भी जबरदस्ती की गई. कांग्रेस MLA ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों का जल्द हल निकालने की मांग की.

इस बीच, मंत्री कृष्ण बेदी ने विपक्ष पर आंदोलन का राजनीतिकरण करने और कर्मचारियों को भड़काने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने के लिए लगातार काम कर रही है.

यह मुद्दा वाल्मीकि समुदाय तक भी पहुंचा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर सिर्फ प्रशासनिक स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक असर भी पड़ रहा है. सफाई कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा वाल्मीकि समुदाय से है. इसलिए, लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है.

कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे का इस्तेमाल सरकार पर दबाव बनाने के लिए कर रही है, जबकि BJP सरकार कर्मचारियों की मांगों को बातचीत से हल करने का दावा कर रही है. इस बीच, समुदाय से जुड़े कुछ संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है.

सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव
अभी, हरियाणा के नगर निकायों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को लगभग 19,000 रुपये महीने की सैलरी मिलती है. सरकार ने इस सैलरी को बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति महीना करने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि, कर्मचारी यूनियन नियमितीकरण की अपनी मांग पर अड़ी हुई हैं.

सरकार और कर्मचारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई आखिरी हल नहीं निकला है. इसलिए, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल हरियाणा सरकार के लिए एक प्रशासनिक चुनौती और राजनीतिक मुद्दा दोनों बनती जा रही है.

इस बीच सरकार ने गुरुवार को सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. शहरी स्थानीय निकाय विभागकी तरफ से जारी एक आदेश में नगर निगमों और नगर निकायों में काम करने वाले हड़ताली सफाई कर्मचारियों को 5 सितंबर 2026 तक ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया है. आदेश में साफ किया गया है कि जो कर्मचारी तय समय तक ड्यूटी पर नहीं लौटेंगे, उन पर नियमों के मुताबिक डिपार्टमेंटल और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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