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Haryana News: हरियाणा से एक मामला सामने आया है, जहां रोहतक की BJP नेता दीपिका नारा के एडवोकेट पति प्रदीप नारा का शव बुधवार की रात कांग्रेस भवन के सामने स्कॉर्पियो में पड़ा मिला. जैसे ही पुलिस को इस बात की सूचना मिली पुलिस वहां पहुंची और शुरुआती जांच के आधार पर इसे सुसाइड बताया है. वहीं घटना वाली जगह पर पहुंचे मृतक के पिता देवेंद्र नारा ने इसे गोली मारकर हत्या बताया है.
क्या है पूरा मामला?
देवेंद्र के अनुसार, ये पूरा मामला 32 करोड़ रुपये के लेनदेन का है. परिवार को 10 दिन पहले से धमकियां मिल रही थीं. यहां तक की कुछ लोगों ने घर आकर भी धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि उसे भी मारेंगे और पोते -पोती को भी मारेंगे. पिता का ये भी कहना है कि मारने वाले बाहर के नहीं है. ये परिवार के ही तीन लोग हैं. इन्ही लोगों के डर से परिवार पिछले साल मध्य प्रदेश का काम छोड़कर रोहतक आ गया था. उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है.
देवेंद्र नारा ने क्या कहा?
मृतक के पिता देवेंद्र नारा के अनुसार, वो मध्य प्रदेश में 1989 से ठेकेदारी का काम करते है. उनके चाचा-ताऊ के लोगों ने उन्हें चेलेंज दे रखा था. लगभग 32 करोड़ के चेक बाउंस हो रखे हैं, जिसमें से 17 करोड़ 70 लाख रुपए प्रदीप नारा की कंपनी पीके कंस्ट्रेक्शन और 14 करोड़ 38 लाख रुपए के उसके चेक बाउंस हो गए थे.
देवेंद्र नारा ने आगे बताया कि आरोपियों ने एमपी में 17 दिसंबर 2025 को उन्हें होटल से उठाकर जांगल ले गए और वहां उन्हें मारने का प्रयास किया. लेकिन वो वहां से किसी तरह जान बचाकर भागने में कामयाब हो गए. इसके बाद से आरोपी उन्हें हमेशा धमकी दे रहे थे. वहीं अब उनके बेटे की हत्या हो गई.
देवेंद्र नारा ने कहा कि वो लोग आरोपियों के डर से मध्य प्रदेश से काम छोड़कर यहां आ गए थे. इतना ही वहीं आरोपियों ने सारी मशीने और प्लाट भी कब्जा रखे हैं. उन्होंने धमकी देने वालों में महिपाल और रोहित का नाम लिया, जबकि गांव पलड़ी हाल समालखा से महावीर का नाम लिया है. देवेंद्र नारा बाकी परिवार को भी खतरा बताया है.
एडवोकेट था प्रदीप नारा
देवेंद्र नारा ने बताया कि उनका बेटा प्रदीप नारा पेशे से वकील था. वो जिला बार एसोसिएशन का सदस्य भी था. वो वकालत करने की बजाए ठेकेदारी का काम करता था. उसकी कंपनी पीके कंस्ट्रक्शन के नाम से थी. यहां तक की उनके और उनके बेटे के पास एमपी के कांट्रेक्ट भी थे.
2019 में पार्षद बनी थी पत्नी दीपिका
देवेंद्र नारा का परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है. 2019 में उनकी बहू दीपिका नारा ने वार्ड-18 से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी. बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली. पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के अनुसार, दीपिका ने 2022 में भाजपा ज्वाइन की थी. प्रदीप नारा की मौत को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और पुलिस जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.
आर्य नगर थाना प्रभारी सुशील के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है. पुलिस के अनुसार, प्रदीप नारा ने लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारी. प्रदीप ठेकेदारी का काम करते थे. पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से मिलने वाली शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.