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Hansi News: जमीन के दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ और फर्जी रजिस्ट्री के मामले में गिरफ्तार हांसी व्यापार मंडल प्रधान प्रवीण तायल को सोमवार को अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने पूछताछ और जांच के लिए तीन दिन के रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने पुलिस की रिमांड याचिका खारिज कर दी. अदालत ने जमीन छेड़छाड़ मामले में आरोप प्रवीण तायल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. वहीं आरोप पक्ष की ओर से जमानत याचिका भी दायर की गई है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी.
आपको बता दें कि अदालत में सुनवाई के बाद प्रवीण तायल के वकील प्रवीण मित्तल ने कहा कि पुलिस ने तीन दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि बहस के दौरान आरोपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए. उनके अनुसार अभियोजन पक्ष यह स्पष्ट नहीं कर सका कि प्रवीण तायल की कथित भूमिका क्या है.
वकील ने कहा कि जिस संपत्ति को लेकर मामला दर्ज किया गया है. उसमें नगर परिषद के रिकॉर्ड में 120 वर्ग गज जमीन दर्ज होने का आरोप है, जबकि कथित तौर पर दस्तावेज में छेड़छाड़ कर इसे 1200 वर्ग गज कर दिया गया. उनका कहना है कि मामले की पहले भी एसडीएम और कमेटी स्तर पर जांच हो चुकी है और नगर परिषद की ओर से जमीन या गली नहीं मिलने संबंधी रिपोर्ट दी गई थी.
प्रवीण मित्तल के अनुसार हाईकोर्ट में भी इस मामले को लेकर सुनवाई हुई थी. उन्होंने दावा किया कि प्रवीण तायल न तो संबंधित सेल डीड में लाभार्थी हैं और न ही जमीन के कथित ट्रांसफर में उनका कोई सीधा रोल है. उन्होंने कहा कि प्रवीण तायल केवल गवाह के तौर पर दस्तावेजों में सामने आए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस रिमांड के दौरान प्रवीण तायल से किसी प्रकार की बरामदगी प्रस्तावित नहीं थी. वकील ने बताया कि अदालत में जमानत याचिका दायर कर दी गई है और उस पर मंगलवार को बहस होगी. अदालत के फैसले के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
शिकायतकर्ता पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं शिकायतकर्ता पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष अरोड़ा ने कहा कि जांच अधिकारी की ओर से प्रवीण तायल का तीन दिन का पुलिस रिमांड मांगा गया था, लेकिन अदालत ने रिमांड देने से इनकार करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
उन्होंने बताया कि यह मामला एक असेसमेंट रिकॉर्ड में कथित बदलाव से जुड़ा है. शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि 120 वर्ग गज के रिकॉर्ड में कथित तौर पर बदलाव कर उसे 1200 वर्ग गज किया गया और इसके बाद इसी रिकॉर्ड के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई. आगे जमीन के हिस्से ट्रांसफर किए जाने का भी आरोप है. शिकायतकर्ता आयुष गर्ग ने बताया कि उनके पिता प्रमोद गर्ग करीब सात-आठ साल से इस मामले को लेकर न्यायालयों के चक्कर काट रहे थे. पिता के निधन के बाद अब वह इस मामले की कानूनी लड़ाई आगे बढ़ा रहे हैं. आयुष गर्ग का कहना है कि मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए.
शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने बताया कि मामले में प्रवीण तायल के अलावा गोवर्धन दास तायल, जय भगवान तायल, पुरुषोत्तम तायल, सतवीर तायल, विनोद कुमार जैन और सुंदरलाल जैन समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं. पुलिस द्वारा अन्य आरोपियों की तलाश और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है.
प्रवीण तायल की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी CIA-1 के बाहर भी एकत्र हुए. गिरफ्तारी के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस द्वारा प्रवीण तायल को बाहर से हिरासत में लेते हुए देखा जा रहा है. इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया. कोर्ट में पेशी के दौरान प्रवीण तायल ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और उन्हें उम्मीद है कि कानून के तहत उन्हें न्याय मिलेगा.
फिलहाल अदालत ने पुलिस रिमांड की मांग को खारिज करते हुए प्रवीण तायल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उनकी जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी. मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ को लेकर पुलिस जांच जारी है.
(हांसी से नवीन शर्मा की रिपोर्ट)