'किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी फिर भी...', हत्या की कोशिश के बाद सामने आया टाइगर श्रॉफ का पहला रिएक्शन!
मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए जानलेवा हमले ने बॉलीवुड में सनसनी फैला दी है. हालांकि, एक्टर इस हमले में बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर घायल हो गए. पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की गहन जांच जारी है.
बॉलीवुड के मशहूर एक्शन हीरो टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में एक जानलेवा हमला हुआ. 18 अक्टूबर, 2026 की शाम को जब 36 साल के एक्शन हीरो फुटबॉल खेलकर अपनी बीएमडब्ल्यू कार से वापस लौट रहे थे, तब दो बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर पांच से छह राउंड फायरिंग कर दी थी. गनीमत ये रही कि अगली पैसेंजर सीट पर बैठे टाइगर श्रॉफ इस हमले में बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई. हालांकि, इस खौफनाक वारदात में उनका ड्राइवर और एक व्लॉगर घायल हो गए. हमले के तुरंत बाद टाइगर ने स्थिति को सभांलते हुए खुद गाड़ी चलाकर अपने घायल ड्राइवर को हॉस्पिटल पहुंचाया.
इस सनसनीखेज घटना के बाद से एक्टर टाइगर श्रॉफ गहरे सदमे में हैं. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम जब उनका बयान दर्ज करने उनके घर पहुंची, तो उन्होंने कहा, 'मैं गहरे सदमे में हूं. मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता. मुझ पर ऐसा जानलेवा हमला कौन करना चाहेगा और क्यों?' सोर्स के हवाले से ये भी सामने आया है कि एक्टर ने कहा, 'मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है... तो मुझ पर हमला क्यों किया गया.' इस घटना के बाद से बॉलीवुड और उनके फैंस के बीच भारी चिंता का माहौल है.
तुर्की की पिस्तौल हुई जाम, ऐसे हुए फरार
पुलिस जांच में इस हमले से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों में शामिल रेहान रहीसुद्दीन अंसारी ने तुर्की में बनी जिगाना पिस्तौल का इस्तेमाल किया था, जो गोलीबारी के दौरान अचानक जाम हो गई और दो जिंदा कारतूस बिना चले ही नीचे गिर पड़े. वहीं, दूसरे हमलावर फूल सिंह ने देसी कट्टे से गोलियां चलाईं. वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर हरियाणा के फूल सिंह और रेहान अपने तीसरे साथी ऋतिक कुमार उर्फ रोशन (निवासी बिहार) के साथ बाइक पर सवार होकर फरार हो गए और अंधेरी में अपनी मोटरसाइकिल लावारिस हालत में छोड़ दी.
प्लान बी फेल: सूरत से जयपुर भाग रहे थे आरोपी
वारदात के बाद आरोपी गुजरात के सूरत भाग गए थे और उनका प्लान बस से दिल्ली होते हुए नेपाल बॉर्डर पार करने का था. लेकिन, बस छूट जाने के कारण उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने प्लान बी एक्टिवेट किया और एक दूसरे आरोपी अंकित खटक द्वारा आरोपियों को नए निर्देश भेजे. इसके बाद, तीनों आरोपी ऑटो से सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे और पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए. हालांकि, पुलिस से बचने के लिए उन्होंने रास्ते में ही हथियार और गोलियां सूरत बस स्टैंड के पास एक खुली जगह में छिपा दिए थे.
अब तक कुल 11 लोग गिरफ्तार
मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम लगातार सूरत बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज से इन पर नजर बनाए हुए थी. आखिरकार, मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने इन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से धर दबोचा. इस पूरे मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, गिरफ्तारियों का सिलसिला भी तेज हो गया है. हाल ही में पुलिस ने शनिवार को इंदौर से 22 साल के प्रांजल ठाकरान को भी गिरफ्तार किया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल केस में अब तक गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या 11 पहुंच गई है.
हथियारों की बरामदगी से खुल रहे हैं राज
इस हमले पर शुरुआती पूछताछ और गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने शुक्रवार को सूरत में एक ठिकाने पर छापेमारी कर फायरिंग में इस्तेमाल किए गए दो हथियार और दस जिंदा कारतूस बरामद करने में सफलता हासिल की है. बरामद किए गए इन हथियारों को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का शक है कि ये मूल रूप से सोनीपत, हरियाणा का रहने वाला प्रांजल ठाकरान, जो इंदौर में अपने भाई के इलाज के सिलसिले में मौजूद था, ने इन शूटरों को आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद मुहैया कराई थी. फिलहाल पुलिस इस पूरी साजिश की हर एक कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है.