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संगीतकार देवानेसन चोक्कलिंगम यानी 'देवा' का शनिवार को चेन्नई में निधन हो गया. वे 75 वर्ष के थे. उनके निधन के साथ ही भारतीय फिल्म संगीत के सबसे शानदार करियर में से एक का अंत हो गया है. लगभग चार दशकों तक तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा की 400 से अधिक फिल्मों में काम करते हुए उन्होंने ऐसा संगीत रचा जिसने एक पूरी पीढ़ी के तमिल सिनेमा का संगीत सुनने के नजरिए को आकार दिया.
अपने करियर के पीक पर सिर्फ 1996 में ही उन्होंने 36 फिल्मों के लिए म्यूजिक तैयार किया था. वह रजनीकांत की फिल्मों के लिए इंट्रो म्यूजिक तैयार करने को लेकर खास पहचान रखते थे. उनके निधन की खबर से संगीत जगत में शोक की लहर है. देवा ने अपने संगीत से साउथ सिनेमा में खास योगदान दिया.
'थेनिसाई थेंड्रल' के नाम से मशहूर दिग्गज तमिल संगीत निर्देशक देवा ने एक प्राइवेट अस्पताल में अंतिम सांस ली. दिग्गज संगीतकार के निधन की खबर से पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई और हर कोई गम में डूबा हुआ है. इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें तमिलनाडु के कोडंबक्कम स्थित सूर्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
देवा ने कई सुपरहिट फिल्मों में संगीत दिया है, जिनमें सुपरस्टार रजनीकांत की 'अण्णामलाई', 'अरुणाचलम' और 'बाशा' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में शामिल हैं. उन्होंने साल 1986 में तमिल फिल्म 'माटुकारा मन्नारु' से सिनेमा में डेब्यू किया था. सिनेमा में गाना संगीत शैली को लाने का श्रेय भी देवा को ही दिया जाता है. उन्होंने कई गाना शैली के गीतों को कंपोज किया और कई गाने खुद गाए भी हैं.
कुछ हफ्ते पहले ही संगीत निर्देशक देवा ने तमिल फिल्म 'मिसाया मुरुक्कु 2' के सक्सेस मीट में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने बताया था कि वह तमिल सिनेमा में गाना शैली लेकर क्यों आए. उन्होंने कहा था, "मैं 28वां संगीत निर्देशक था जिसने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, उस समय इलैयाराजा का राज चलता था. मेरे से पहले 27 संगीत निर्देशकों ने डेब्यू किया था और टिक नहीं पाए. ऐसे समय में जब दो दिग्गज संगीतकारों का दबदबा था, मेरा बने रहना छोटी बात नहीं है. एक तरफ इलैयाराजा जैसे महान संगीतकार थे और दूसरी तरफ एआर रहमान. मैं जो भी गाना बनाता, वो या तो इलैयाराजा के गाने जैसा लगता या अगर वेस्टर्न नंबर बनाता तो रहमान जैसा लगता. ऐसे हालात में मैं अपनी एक अलग पहचान चाहता था, इसलिए मैं गाना शैली लेकर आया."
देवा तमिलनाडु सरकार के प्रतिष्ठित कलैमामणि पुरस्कार के विजेता थे और उन्होंने पहली बार 1990 में तमिलनाडु सरकार का स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता था. देवा के बेटे श्रीकांत देवा भी एक जाने-माने संगीत निर्देशक हैं और उनके भतीजे जय तमिल सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता हैं. दिवंगत संगीत निर्देशक के करीबी सूत्रों का कहना है कि शनिवार दोपहर 2 बजे उनका पार्थिव शरीर वडापलानी स्थित उनके आवास पर ले जाया जाएगा, जहां आम लोग और इंडस्ट्री के लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे.
(आईएएनएस इनपुट)