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बॉलीवुड में स्टारकिड्स की लॉन्चिंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब बात शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान की हो, तो मामला थोड़ा अलग हो जाता है. यहां सिर्फ एक फिल्म से डेब्यू कराने की बात नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्टार इमेज तैयार करने की कोशिश दिखाई देती है, जिसका असर फिल्मों से लेकर विज्ञापनों और फैशन की दुनिया तक नजर आए.
सुहाना ने साल 2023 में जोया अख्तर की फिल्म ‘द आर्चीज’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. फिल्म रिलीज हुई तो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई, लेकिन सुहाना की एक्टिंग को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की राय बंटी रही. लोगों को लगा कि शाहरुख खान की बेटी होने के बावजूद सुहाना को अपनी पहचान बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी.
लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं हुई. सुहाना को Maybelline जैसे इंटरनेशनल ब्यूटी ब्रांड और Adidas जैसे बड़े स्पोर्ट्सवेयर ब्रांड से जुड़ने का मौका मिला. अब दिसंबर 2026 में रिलीज होने जा रही ‘किंग’ में वह अपने पिता शाहरुख खान के साथ नजर आने वाली हैं. सवाल यह है कि क्या शाहरुख खान अपनी बेटी को सिर्फ फिल्मों में लॉन्च कर रहे हैं या फिर वह सुहाना के लिए एक ऐसा स्टारडम तैयार कर रहे हैं, जिसमें फिल्म, फैशन और ब्रांड वैल्यू तीनों शामिल हों?
साल 2023 में जब जोया अख्तर की फिल्म ‘द आर्चीज’ नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई, तो यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी. इसके साथ बॉलीवुड के तीन बड़े फिल्मी परिवारों की अगली पीढ़ी अपना डेब्यू कर रही थी. अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा, श्रीदेवी की बेटी खुशी कपूर और शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान. फिल्म को लेकर पहले से ही जबरदस्त चर्चा थी. इसकी वजह सिर्फ जोया अख्तर का निर्देशन नहीं, बल्कि इन स्टारकिड्स की मौजूदगी भी थी. सुहाना ने फिल्म में वेरोनिका लॉज का किरदार निभाया था. ग्लैमर, फैशन और स्क्रीन प्रेजेंस के मामले में उन्हें काफी अटेंशन मिला, लेकिन एक्टिंग को लेकर हर कोई उतना प्रभावित नहीं हुआ.
कई समीक्षाओं में फिल्म की कहानी और कलाकारों के अभिनय पर सवाल उठे. द इंडियन एक्सप्रेस की फिल्म समीक्षा में सुहाना के अभिनय को लेकर भी टिप्पणी की गई थी. हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई, क्योंकि ‘द आर्चीज’ सिनेमाघरों में रिलीज ही नहीं हुई थी. यह नेटफ्लिक्स पर आई थी. यानी सुहाना के सामने पहली चुनौती थी कि वह सिर्फ शाहरुख खान की बेटी के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी एक्टिंग के दम पर पहचानी जाएं.
यहां से सुहाना के करियर का दूसरा पहलू सामने आता है. आमतौर पर किसी नए कलाकार के करियर की शुरुआत फिल्मों से होती है. फिल्म हिट हुई तो पहचान मिलती है और फ्लॉप हुई तो अगली फिल्म का इंतजार करना पड़ता है. लेकिन सुहाना के मामले में तस्वीर कुछ अलग नजर आती है. उनकी फिल्म रिलीज होने से पहले ही वह बड़े ब्रांड्स के साथ जुड़ चुकी थीं.
अप्रैल 2023 में Maybelline न्यूयॉर्क ने सुहाना खान को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था. यह घोषणा उस वक्त हुई, जब ‘द आर्चीज’ रिलीज भी नहीं हुई थी. यानी सुहाना को एक बड़े ग्लोबल ब्यूटी ब्रांड ने उनकी फिल्मी शुरुआत से पहले ही अपनी मार्केटिंग का हिस्सा बना लिया था. यह एक अहम बात है, क्योंकि किसी नए कलाकार के लिए ब्रांड एंडोर्समेंट सिर्फ कमाई का जरिया नहीं होता, बल्कि वह उसकी पब्लिक इमेज भी तैयार करता है. Maybelline के जरिए सुहाना की पहचान एक यंग, ग्लैमरस और जेन जी ऑडियंस से जुड़ी लड़की के रूप में बनी.
सुहाना की ब्रांड जर्नी को देखें तो एक पैटर्न नजर आता है. अप्रैल 2023 में Maybelline से जुड़ने के बाद मई 2024 में वह Lux के साथ भी नजर आईं. जून 2025 में Adidas ने उन्हें अपने ओरिजनल्स कैंपेन का चेहरा बनाया.

तीनों ब्रांड्स की ऑडियंस अलग-अलग है, लेकिन इनका एक साझा कनेक्शन है. ये सुहाना की पर्सनैलिटी को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर पेश करते हैं. यानी एक तरफ वह फिल्मों में एक्ट्रेस के रूप में अपनी जगह बना रही हैं, तो दूसरी तरफ विज्ञापनों में एक फैशन और लाइफस्टाइल फेस के तौर पर नजर आ रही हैं. यहां शाहरुख खान की स्टार वैल्यू का फायदा भी एक बड़ा फैक्टर हो सकता है. हालांकि यह कहना मुश्किल है कि इन ब्रांड्स के साथ उनके जुड़ाव के पीछे शाहरुख की कोई सीधी भूमिका थी. लेकिन इतना जरूर है कि शाहरुख की बेटी होने के कारण सुहाना को शुरुआत से ही मीडिया और पब्लिक का बड़ा ध्यान मिला.
सुहाना के करियर का सबसे अहम मोड़ उनकी आने वाली फिल्म ‘किंग’ हो सकती है. इस फिल्म में वह पहली बार अपने पिता शाहरुख खान के साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगी. फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं. वही सिद्धार्थ आनंद जिन्होंने शाहरुख खान के साथ ‘पठान’ जैसी बड़ी फिल्म बनाई थी. फिल्म में शाहरुख और सुहाना के अलावा दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन और रानी मुखर्जी जैसे कलाकार भी शामिल हैं. फिल्म की रिलीज डेट 24 दिसंबर 2026 तय की गई है. यानी क्रिसमस के मौके पर शाहरुख खान एक बार फिर सिनेमाघरों में वापसी करने जा रहे हैं.

एक नए कलाकार के लिए इससे बड़ा प्लेटफॉर्म मिलना आसान नहीं होता. ‘द आर्चीज’ में सुहाना को अपने दम पर दर्शकों का ध्यान खींचना था, लेकिन ‘किंग’ में उनके पास शाहरुख खान जैसा सुपरस्टार और एक बड़ी फिल्म का सहारा होगा.
‘किंग’ की कहानी में एक दिलचस्प मोड़ भी आया था. शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया था कि यह फिल्म मुख्य रूप से सुहाना की बड़ी थिएट्रिकल लॉन्चिंग हो सकती है और शाहरुख खान इसमें एक डिटेल्ड कैमियो में नजर आएंगे. लेकिन बाद की रिपोर्ट्स में सामने आया कि स्क्रिप्ट में बदलाव हुआ और फिल्म को शाहरुख खान की मुख्य भूमिका वाली बड़ी एक्शन थ्रिलर के रूप में तैयार किया गया.
यानी जिस प्रोजेक्ट को शुरुआत में सुहाना के बड़े पर्दे पर लॉन्च होने के मौके के तौर पर देखा जा रहा था, वह आगे चलकर शाहरुख की अपनी बड़ी फिल्म बन गया, जिसमें सुहाना भी अहम भूमिका निभा रही हैं. मीडिया में आई खबरों की माने तो फिल्म में शाहरुख का किरदार सुहाना के किरदार का मेंटर है. हालांकि, फिल्म की पूरी कहानी और किरदारों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
यहां एक बात समझने वाली है. अगर शाहरुख सिर्फ बेटी को लॉन्च करना चाहते तो उनके लिए किसी फिल्म में कैमियो करना भी एक रास्ता हो सकता था. लेकिन ‘किंग’ में उनका खुद लीड रोल में होना फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाता है.
शाहरुख खान का करियर भी इस कहानी को दिलचस्प बनाता है. दिल्ली से मुंबई पहुंचे शाहरुख ने टीवी से शुरुआत की और फिर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई. उनके पास फिल्मी परिवार का बैकग्राउंड नहीं था. ‘दीवाना’, ‘बाजीगर’, ‘डर’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बनाया. आज उनकी पहचान सिर्फ एक एक्टर की नहीं, बल्कि एक ग्लोबल ब्रांड की है. उनकी फिल्मों के अलावा विज्ञापन, प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और बिजनेस से जुड़ी गतिविधियां भी उनकी पब्लिक इमेज का हिस्सा हैं.
ऐसे में सुहाना के लिए एक स्थापित ब्रांड का हिस्सा बनना और पिता की फिल्म में काम करना, दोनों ही बड़े मौके हैं, लेकिन दोनों के रास्ते अलग हैं. शाहरुख को अपनी पहचान बनाने में सालों लगे थे, जबकि सुहाना को शुरुआत से ही एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिल रहा है. यही तुलना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती भी बन सकती है.
सवाल- एक्ट्रेस या ब्रांड? शाहरुख खान आखिर किस रूप में तैयार कर रहे हैं सुहाना को?
जवाब- जाहिर तौर पर शाहरुख खान ने 'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' से आर्यन खान को बहुत सही तरीके से लॉन्च किया. नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर एक डायरेक्टर बना दिया. शाहरुख खुद फ्रंट फुट पर आए, प्रमोट किया. उनके हाथ में उस वक्त चोट लगी हुई थी, तब भी किया.
सवाल- द आर्चीज के बाद किंग में भी पिता का सहारा, क्या अपने दम पर टिक पाएंगी सुहाना?
जवाब- 'द आर्चीज' जब आई थी, तो सुहाना खान ट्रोल हुई थीं. सुहाना खान की एक्टिंग को काफी क्रिटिसाइज किया गया था. तो शाहरुख भी जानते हैं कि सुहाना को एक बड़ा लॉन्च चाहिए और अभी सुहाना शाहरुख की बेटी के तौर पर ही जानी जाती हैं. पहली फिल्म उनकी फ्लॉप हो चुकी है. तो जाहिर तौर पर, अब वो शाहरुख खान हैं तो वो अफोर्ड कर सकते हैं अपने बच्चों को इस तरह का ग्रैंड लॉन्च देना. लेकिन, अल्टीमेटली अगर टैलेंट होगा, तो ही वो चल पाएंगी.
किंग कितनी भी अच्छी फिल्म हो, सुहाना का कितना भी अच्छा रोल हो, लेकिन फिल्म की बात शाहरुख खान की वजह से ही हो रही है. अभी तक तो सुहाना की कोई बात ज्यादा हो नहीं रही है.
सवाल- शाहरुख का स्टारडम बनेगा सुहाना की ताकत या सबसे बड़ी चुनौती?
जवाब- 
सवाल- बॉलीवुड में बदल गया स्टारकिड्स की लॉन्चिंग का फॉर्मूला, क्या सुहाना हैं नया उदाहरण?
जवाब- कपूर खानदान में भी सारे के सारे तो नहीं चले ना? रणधीर कपूर, ऋषि कपूर जितने सक्सेसफुल तो हुए नहीं हैं. तो टैलेंट होगा, तो ही चलेंगे. इसमें शाहरुख की ब्रांड पावर कुछ नहीं कर पाएगी. शाहरुख की ब्रांड पावर एक लॉन्च उन्हें जरूर दे देगी, लेकिन आगे का रास्ता उनको खुद ही तय करना होगा.
सवाल- किंग से नहीं चला सुहाना का जादू तो क्या खत्म हो जाएगा शाहरुख का ब्रांड पावर वाला दांव?
जवाब- जैसे अनन्या पांडे हैं, अब जाकर अनन्या पांडे की एक्टिंग की तारीफ होने लगी है, क्योंकि उन्होंने खुद पर काम करना शुरू किया है. सेम सुहाना के साथ होगा. अगर इस फिल्म में एक्टिंग अच्छी कर दी, तो जादू चलेगा. फिर वो शाहरुख खान की बेटी हैं या नहीं हैं, कोई फर्क नहीं पड़ता. फिलहाल, अभी हमें इस फिल्म के आने का इंतजार करना चाहिए. सिर्फ एक झलक से कुछ भी कह पाना सही न्याय नहीं होगा.
इस पूरी कहानी को देखें तो शाहरुख खान की बेटी होने का फायदा सुहाना को जरूर मिला है. उन्हें शुरुआती पहचान, मीडिया अटेंशन और बड़े प्लेटफॉर्म मिले हैं. लेकिन सिर्फ इतने से कोई कलाकार लंबे समय तक टिक नहीं सकता. शाहरुख खुद इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं. उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, असफलताएं देखीं और फिर ‘पठान’ तथा ‘जवान’ जैसी फिल्मों से शानदार वापसी की. ‘द आर्चीज’ से उन्हें पहला अनुभव मिला. Maybelline और Adidas जैसे ब्रांड्स से उन्हें ग्लोबल मार्केटिंग की दुनिया में पहचान मिली. अब ‘किंग’ उन्हें बड़े पर्दे पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दे रही है.