'पापा को खोया है, वो टूट चुकी है', दिवंगत संजय गुप्ता की बेटी की उंगली दिखाने वाली हरकत पर मां ने मांगी प्राइवेसी
फिल्ममेकर संजय गुप्ता के अचानक निधन के बाद उनकी बेटी दलाई का पैपराजी को गुस्से में उंगली दिखाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ. अब उनकी मां अनुराधा लेखी गुप्ता ने इस पर चुप्पी तोड़ी है और लोगों से बच्चों को समझने व प्राइवेसी देने की अपील की है.
'कांटे', 'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'काबिल' जैसी धांसू फिल्में देने वाले जाने-माने फिल्ममेकर संजय गुप्ता अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके निधन के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसी घटना हुई, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा. अंतिम संस्कार के समय उनकी बेटी दलाई का एक वीडियो इंटरनेट पर छा गया, जिसमें वह कैमरों की भीड़ से परेशान होकर मिडल फिंगर दिखाती नजर आईं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद जहां कुछ लोग लड़की को ट्रोल कर रहे थे, वहीं अब उनकी मां अनुराधा लेखी गुप्ता का एक बहुत ही भावुक बयान सामने आया है.
आखिर क्या हुआ था अंतिम संस्कार के वक्त?
संजय गुप्ता का 59 साल की उम्र में वर्सोवा स्थित उनके घर पर एक एक्सीडेंटल फॉल की वजह से निधन हो गया था. सिर में गंभीर चोट लगने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. इस दुखद खबर से पूरा बॉलीवुड हिल गया. अगले दिन जब उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, तब उनके घर और गाड़ी के बाहर पैपराजी यानी मीडिया कैमरों की भारी भीड़ जुट गई.
जब परिवार गाड़ी में बैठकर निकल रहा था, तो संजय गुप्ता की बेटी दलाई बहुत ज्यादा परेशान दिख रही थीं. उन्होंने अपने चेहरे को जैकेट से ढक रखा था. लेकिन बाहर खड़े फोटोग्राफर्स लगातार उनकी तस्वीरें और वीडियो लेने की कोशिश कर रहे थे. इसी बीच दलाई का सब्र टूट गया और उन्होंने कैमरों की तरफ मिडल फिंगर दिखा दी. इसके बाद वह हल्की सी मुस्कुराईं और फिर चेहरा ढक लिया.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया. कुछ लोगों ने दलाई के इस व्यवहार की आलोचना की और इसे गलत ठहराया. वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में यूथ और समझदार यूजर्स ने पैप्स के इस बर्ताव पर सवाल उठाए. लोगों का कहना था कि जब कोई परिवार अपने पिता को खो चुका हो, तब उन्हें थोड़ा स्पेस और प्राइवेसी मिलनी चाहिए, न कि कैमरों को उनके मुंह के सामने सटा देना चाहिए. संजय गुप्ता के करीबी दोस्त और डायरेक्टर मिलाप जावेरी ने इस पूरे मामले पर अनुराधा लेखी गुप्ता का आधिकारिक बयान इंस्टाग्राम पर शेयर किया है.
मां अनुराधा का दर्द भरा बयान
संजय गुप्ता की पत्नी अनुराधा लेखी गुप्ता ने इस मुश्किल घड़ी में अपनी बात सामने रखी है. उन्होंने लिखा कि हमारे जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा हमेशा के लिए खो गया है. इस खालीपन को कभी कोई नहीं भर सकता. उन्होंने उन सभी फैंस, रिश्तेदारों और मीडिया के दोस्तों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस दुख की घड़ी में उनका साथ दिया.
अनुराधा ने अपने बयान में लिखा कि संजय अपने बच्चों और परिवार से बहुत प्यार करते थे. हमारे बच्चे अभी टीनएज में हैं और उन्होंने अचानक अपने प्यारे पिता को खो दिया है. वे कभी भी इस तरह के ग्लैमर और कैमरों की नजरों के बीच बड़े नहीं हुए हैं. अचानक जब उनके घर में इतना बड़ा दुख आया, तो कैमरों की इतनी भीड़ देखकर वे पूरी तरह डर गए और घबरा गए.
"यह किसी का गुस्सा नहीं, एक टूट चुके बच्चे की चीख है"
अनुराधा ने बहुत ही सादगी और दर्द के साथ लोगों से अपील की है. उन्होंने लिखा कि बच्चों ने दुख और घबराहट में जो भी रिएक्शन दिया, हो सकता है उससे कुछ मीडियाकर्मियों को बुरा लगा हो. अगर ऐसा हुआ है तो मैं दिल से माफी मांगती हूं. उन्होंने आगे लिखा कि मैं आप सभी से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करती हूं कि बच्चों के इस रिएक्शन को गलत नजरिए से न देखें. यह किसी का गुस्सा या बदतमीजी नहीं है, बल्कि यह उन बच्चों के दिल का दर्द है जो अपने पिता को खो चुके हैं और इस बड़े सदमे को सह नहीं पा रहे हैं.
मां अनुराधा ने हर किसी से एक खास अपील की है. उन्होंने कहा कि आप सभी लोग प्लीज इस वीडियो को आगे शेयर न करें और अगर हो सके तो इसे हर जगह से डिलीट कर दें. इस उम्र में इस तरह के वायरल कंटेंट से बच्चों के मन पर जीवन भर के लिए गहरे दिमागी जख्म बन सकते हैं. उन्होंने मीडिया और आम जनता से मांग की है कि इस मुश्किल वक्त में उनके बच्चों को अकेला छोड़ दिया जाए. उन्हें थोड़ा स्पेस, प्राइवेसी और प्यार दिया जाए ताकि वे अपने पिता के जाने के गम से बाहर निकल सकें.
संजय गुप्ता का बॉलीवुड करियर और हादसा
बता दें कि 30 अक्टूबर को संजय गुप्ता अपने मुंबई वाले घर पर अचानक गिर पड़े थे. उनके सिर में बहुत गंभीर चोट आई थी. परिवार वाले उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. संजय गुप्ता बॉलीवुड के एक दिग्गज डायरेक्टर थे. उन्होंने 'कांटे', 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'शूटआउट एट वडाला' और 'काबिल' जैसी सुपरहिट एक्शन फिल्में बनाई हैं. उनके अचानक इस दुनिया से चले जाने से पूरी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. हर कोई यही कह रहा है कि इस दुख की घड़ी में परिवार को प्राइवेसी मिलनी ही चाहिए.