एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा बनीं सिंगर: 'मुसाफिरी' में सिर्फ सिंगिंग ही नहीं, गाने के लिरिक्स भी खुद लिखे; आखिर कौन दे रहा साथ?
एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने अपनी नई नॉन-फिक्शन सीरीज 'मुसाफिरी' के टाइटल ट्रैक के लिए स्नेहा खानवलकर के साथ हाथ मिलाया है. ऋचा ने खुद इस गाने के बोल लिखे हैं. जानिए पूरी कहानी.
बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए पहचानी जाने वाली ऋचा चड्ढा अब एक नए अंदाज में नजर आने वाली हैं. ऋचा अपनी नई नॉन-फिक्शन सीरीज 'मुसाफिरी' को लेकर काफी चर्चा में हैं. इस शो के टाइटल ट्रैक के लिए उन्होंने मशहूर म्यूजिक कंपोजर स्नेहा खानवलकर के साथ काम किया है. सबसे मजेदार बात यह है कि इस गाने के बोल किसी पेशेवर लिरिसिस्ट ने नहीं, बल्कि खुद ऋचा चड्ढा ने लिखे हैं. दोनों की इस जुगलबंदी ने फैंस के बीच जबरदस्त उत्सुकता बढ़ा दी है.
बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा हमेशा से ही लीक से हटकर काम करने के लिए जानी जाती हैं. इस बार उन्होंने अपनी नॉन-फिक्शन सीरीज 'मुसाफिरी' के जरिए कुछ नया और मजेदार करने का फैसला किया है. इस शो के टाइटल ट्रैक के लिए ऋचा ने देश की बेहतरीन म्यूजिक कंपोजर्स में से एक स्नेहा खानवलकर के साथ हाथ मिलाया है. इस गाने में स्नेहा ने कंपोजिंग के साथ-साथ अपनी आवाज भी दी है. लेकिन सबसे बड़ा सरप्राइज यह है कि गाने के बोल खुद ऋचा ने अपने हाथों से लिखे हैं. ऋचा की यह नई क्रिएटिव साइड देखकर उनके फैंस काफी एक्साइटेड हैं.
स्नेहा खानवलकर को बताया अपना लकी चार्म
ऋचा चड्ढा अपने और स्नेहा के इस नए कोलैबोरेशन को लेकर बेहद खुश हैं. उन्होंने स्नेहा की तारीफ करते हुए कहा कि वे उन्हें अपनी बहुत अच्छी दोस्त मानती हैं. ऋचा का कहना है कि अगर भारत में एक हजार कहानियां छुपी हैं, तो स्नेहा के पास उन सभी कहानियों के लिए एकदम परफेक्ट म्यूजिक मौजूद है. ऋचा को इस गाने की गुनगुनाहट, इसकी शरारत और इसमें छुपी लोरी जैसी मिठास बहुत पसंद आई.
ऋचा ने अपने करियर के पन्नों को पलटते हुए बताया कि स्नेहा उनके लिए हमेशा से बहुत लकी रही हैं. बतौर एक्ट्रेस ऋचा की पहली फिल्म 'ओए लकी! लकी ओए!' थी और स्नेहा ने भी इसी फिल्म से म्यूजिक की शुरुआत की थी. इसके बाद जब ऋचा ने बतौर प्रोड्यूसर अपनी पहली फिल्म 'गर्ल्स विल बी गर्ल्स' बनाई, तो उसमें भी स्नेहा का एक गाना शामिल था. अब जब ऋचा पहली बार क्रिएटर बनकर अपना प्रोजेक्ट 'मुसाफिरी' ला रही हैं, तब भी स्नेहा उनके साथ खड़ी हैं. इसी वजह से ऋचा स्नेहा को अपना असली लकी चार्म मानती हैं.
कैसे तैयार हुआ यह खास गाना
गाना बनने का किस्सा भी काफी दिलचस्प और मजेदार है. जब ऋचा ने स्नेहा से अपनी सीरीज के लिए टाइटल ट्रैक बनाने को कहा, तो स्नेहा ने तुरंत एक बेसिक रिदमिक ट्यून तैयार कर दी. स्नेहा ने उस समय धुन के साथ कुछ ऐसे शब्द गुनगुनाए थे जिनका कोई तय मतलब नहीं निकल रहा था. इसके बाद ऋचा ने उस धुन को समझा और उस पर खुद ही अपने शब्द सजा दिए. ऋचा के लिखे शब्दों को बाद में स्नेहा ने अपनी आवाज में रिकॉर्ड किया. स्नेहा का कहना है कि ऋचा के साथ काम करना हमेशा से ही काफी मजेदार और एनर्जी से भरा होता है.
जर्नलिज्म की पढ़ाई का शो में दिखा असर
स्नेहा खानवलकर ने भी ऋचा चड्ढा के इस नए प्रोजेक्ट और उनकी सोच की जमकर तारीफ की है. स्नेहा का कहना है कि ऋचा की अपनी एक बहुत ही अलग और आजाद आवाज है. ऋचा ने कॉलेज के दिनों में जो जर्नलिज्म यानी पत्रकारिता की पढ़ाई की थी, उसका पूरा फायदा उन्होंने इस सीरीज 'मुसाफिरी' में उठाया है.
स्नेहा के मुताबिक यह सिर्फ एक शो नहीं है, बल्कि एक बहुत ही एंटरटेनिंग और गहरा सफर है. यह शो दर्शकों को उन जगहों और इलाकों की सैर कराता है, जिन्हें हम अक्सर देखते तो रहते हैं, लेकिन जिनके बारे में हमें कभी गहराई से जानने का मौका नहीं मिला.
स्नेहा खानवलकर म्यूजिक इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने अपने दम पर अपनी जगह बनाई है. उन्हें फिल्म 'ओए लकी! लकी ओए!' के अनोखे साउंडट्रैक और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के दोनों पार्ट्स के आइकॉनिक गानों से बहुत बड़ी पहचान मिली. आपको बता दें कि स्नेहा इस कैटेगरी में फिल्मफेयर नॉमिनेशन पाने वाली दूसरी भारतीय महिला संगीतकार हैं. उनसे करीब 28 साल पहले मशहूर संगीतकार उषा खन्ना को यह सम्मान मिला था. ऐसे में जब स्नेहा और ऋचा जैसी दो मजबूत और क्रिएटिव महिलाएं साथ आई हैं, तो जाहिर है कि 'मुसाफिरी' का यह गाना लोगों के दिलों को जरूर छुएगा.
(इनपुट आईएएनएस से भी)