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गुजरात के एकता नगर में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का ग्रैंड इवेंट हुआ. इस खास मौके पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अवॉर्ड जितने वाले सितारों को सम्मानित किया और उनकी मेहनत की सराहना करते हुए बधाई दी. अपनी स्पीच के दौरान उन्होंने फिल्मी दुनिया के दिग्गजों की जमकर तारीफ की, लेकिन साथ ही उन्होंने सितारों से एक खास अपील भी की. उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों बच्चों और नौजवानों पर फिल्मी सितारों का बहुत गहरा असर होता है. लोग उनको अपना आदर्श मानते हैं. ऐसे में कलाकारों को अपने इस रुतबे का इस्तेमाल हेल्थ खराब करने वाली चीजों को बढ़ावा देने के लिए नहीं करना चाहिए.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंच से सितारों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराया. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, ‘जब सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली के फायदों के बारे में बात करते हैं, तो लाखों बच्चे और युवा उनकी राह पर चलने लगते हैं. इसलिए मैं देश के सभी कलाकारों से ये खास अपील करती हूं कि वे ऐसे किसी भी चीज का प्रचार कतई न करें, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो’. अपनी बात को गहराई से समझाते हुए राष्ट्रपति ने एक बेहद खूबसूरत और दिल छू लेने वाली बात कही, सच्चा सितारा असल में वही होता है जो समाज में रोशनी फैलाता है, न कि लोगों को अंधकार की तरफ धकेलता है’.
मैं यह अनुरोध करना चाहूंगी कि लोकप्रिय कलाकार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का endorsement न करें। Star वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं। pic.twitter.com/5VPwBxK4Y2
— President of India (@rashtrapatibhvn) September 22, 2026
राष्ट्रपति का ये बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने विमल इलायची के विज्ञापनों को लेकर बॉलीवुड के बड़े अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस भेजा है. सरकारी एजेंसी की तरफ से ये कदम बैन हुए पान मसाला के इनडायरेक्ट प्रमोशन को लेकर उठाया गया है. एफडीए का मानना है कि इस तरह के विज्ञापनों के जरिए नियमों को किनारे रखकर असल में हानिकारक प्रोडक्ट्स को ही प्रमोट किया जाता है. इस पूरे मामले के बाद राष्ट्रपति का ये बयान बेहद अहम माना जा रहा है.
फिल्म इंडस्ट्री में काफी समय से ये खेल चल रहा है, जहां कंपनियां सीधे तौर पर तंबाकू या पान मसाला नहीं बेचतीं, बल्कि घुमा-फिराकर चीजें प्रमोट करती हैं. तंबाकू और पान मसाला बनाने वाली कंपनियां अक्सर सिल्वर पर्ल्स इलायची या माउथ फ्रेशनर के नाम पर अपने ब्रांड का प्रमोशन कराती हैं. इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे इन विज्ञापनों से भारी-भरकम पैसा कमाते हैं और इन ब्रांड्स के पोस्टरों पर चमकते नजर आते हैं. सालों से बॉलीवुड के कई टॉप कलाकार इन माउथ फ्रेशनर विज्ञापनों का बड़ा चेहरा बने हुए हैं. पर्दे पर भले ही सादा इलायची दिखाई जाती हो, लेकिन इसके पीछे की असली कहानी किसी से छुपी नहीं है और इसी बात पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं.
मैं यह अनुरोध करना चाहूंगी कि लोकप्रिय कलाकार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का endorsement न करें। Star वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं। pic.twitter.com/5VPwBxK4Y2
— President of India (@rashtrapatibhvn) September 22, 2026
हालांकि, ये विज्ञापन तकनीकी रूप से ऐसे प्रोडक्ट्स का प्रमोशन करते हैं, जिनमें तंबाकू शामिल नहीं होता है. इसके बावजूद सोशल एक्टिविस्ट्स, क्रिटिक्स और गवर्नमेंट रेगुलेटर्स ने हमेशा इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया है, उनका साफ कहना है कि इलायची और माउथ फ्रेशनर के बहाने असल में तंबाकू और पान मसाला के को ही आम लोगों के बीच प्रमोट किया जा रहा है. जब कोई युवा टीवी या होर्डिंग पर वही नाम और वही लोगो देखता है, तो उसके दिमाग में उस कंपनी का नशीला प्रोडक्ट ही याद आता है. कंपनियां बहुत चालाकी से हार्मलेस दिखने वाले सामान की आड़ लेकर अपने पूरे ब्रांड का मार्केट में उतारती हैं और कस्टमर्स बनाती हैं.
पब्लिक हेल्थ रिसर्च की कई रिपोर्ट्स ने भी इस पूरे प्रोसेस को बेहद बेहद चालाक तरीका बताया है. रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि तंबाकू कंपनियों की ओर से अच्छे दिखने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल केवल इसलिए किया जाता है, ताकि लोगों को उनके ब्रांड का नाम हमेशा याद रहे. इसे ब्रांड रिकॉल कहा जाता है, जहां बैन से बचने के लिए इलायची सामने रखी जाती है, लेकिन निशाना पान मसाला बेचने पर ही होता है. यही वजह है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेशनल अवॉर्ड्स जैसे बड़े राष्ट्रीय मंच से कलाकारों को टोकते हुए ये मैसेज दिया कि वे चंद पैसों के लिए युवाओं की जिंदगी और सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले विज्ञापनों से पूरी तरह किनारा कर लें.