प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में एक बेहद यूनिक ‘भजन क्लबिंग’ कल्चरल इवेंट में शामिल हुए. ये पूरा आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के मौके पर किया गया था, जिसका मकसद आज के नौजवानों और युवाओं तक भक्ति संगीत को एक नए अंदाज में पहुंचाना था. इस दौरान पीएम मोदी ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ का सबसे फेमस भजन ‘जब जिद पर आई पार्वती’ सुना. इस इवेंट में सिंगर साधु तिवारी की परफॉर्मेंस चल रही थी और पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने हाथ में खंजरी थामी और ताल से ताल मिलाते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए.
इस पूरे इवेंट के दौरान लोगों की नजरें स्टेज पर मौजूद एक यंग फीमेल सिंगर पर ठहर गईं, जो बेहद सादगी और खूबसूरती के साथ अपनी आवाज का जादू बिखेर रही थीं. ये टैलेंटेड सिंगर कोई और नहीं बल्कि 23 साल की प्राची अग्रवाल हैं. प्राची अपने सगे भाई राघव अग्रवाल के साथ मिलकर स्टेज पर लाइव भजन गाती हैं. इन दोनों भाई-बहन की जोड़ी ने मिलकर पूरे देश में ‘भजन क्लबिंग’ के एक नए कल्चर को शुरू किया है और उसे युवाओं के बीच जबरदस्त तरीके से पॉपुलर बनाया है. इनकी परफॉर्मेंस का अंदाज बेहद फ्रेश और आज के दौर के हिसाब से काफी अलग है.
राघव और प्राची की खासियत ये है कि वे पारंपरिक भजनों को मॉडर्न कॉन्सर्ट, वाइब्रेंट लाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक बीट्स के साथ पेश करते हैं. उन्होंने इस अंदाज को खास तौर पर ‘जेन जी’ यानी आज की नई पीढ़ी के हिसाब से डिजाइन किया है. उनके इस यूनिक और मॉडर्न आध्यात्मिक कॉन्सेप्ट का असर इतना गहरा रहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बेहद फेमस रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ में इन भाई-बहन की दिल खोलकर तारीफ की थी. आज ये जोड़ी देशभर के अलग-अलग शहरों में लाइव शोज और कॉन्सर्ट्स के सिलसिले में लगातार ट्रैवल करती है और युवाओं का ध्यान खींच रही है.
भले ही दोनों भाई-बहन मंच पर साथ खड़े होकर लाखों लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते हों, लेकिन असल जिंदगी में वे बाकी आम भाई-बहनों की तरह ही हैं. राघव बताते हैं कि जब वे दोनों स्टेज से दूर होते हैं, तो हर आम भाई-बहन की तरह छोटी-छोटी बातों पर दिनभर बहस और झगड़ा करते रहते हैं. राघव बताते हैं, ‘जैसे ही हमारे कदम स्टेज पर पड़ते हैं, हमारी सारी आपसी होड़ एकदम खत्म हो जाती है और वो एक बेहद गहरे आध्यात्मिक तालमेल में बदल जाती है’. स्टेज पर आते ही दोनों के बीच की समझ और जुगलबंदी देखने लायक होती है, जिसे दर्शक भी खूब महसूस करते हैं.
उम्र में भाई राघव से छोटी प्राची ने हंसते हुए एक बेहद दिलचस्प बात साझा की. उन्होंने बताया, ‘हम दोनों हर बात पर बिना वजह लड़ते रहते हैं. किसी भी लाइव शो में जाने से ठीक पहले तो हम लगातार झगड़ते हैं. इसीलिए हमारी टीम में जो मैनेजर हैं, उनका असली काम काम-काज को मैनेज करने से कहीं ज्यादा हम दोनों को लड़ाइयों से बचाना और शांत रखना होता है’. दोनों के बीच का ये प्यार और नोकझोंक ही उनके रिश्ते को खूबसूरत बयां करता है. दोनों की यही नैचुरल मस्ती उनके गानों की एनर्जी में भी पूरी तरह साफ झलकती है.
म्यूजिक की दुनिया में आने से पहले दोनों कॉर्पोरेट फाइनेंस में जॉब कर रहे थे, जिसे उन्होंने लगभग डेढ़ साल पहले पूरी तरह छोड़ दिया. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े भाई होने के नाते परिवार को समझाने की जिम्मेदारी राघव ने उठाई थी. उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया, ‘मैंने पहले नौकरी छोड़ी और एक साल बाद प्राची से भी जॉब छुड़वा दी. हमारे माता-पिता बेहद सपोर्टिव रहे, वे पूरी बात समझ गए. आज हम अपने पारिवारिक रिश्ते को मजबूत करने के साथ भक्ति जैमिंग को जी रहे हैं’. ये फैसला उनके लिए पूरी तरह सही साबित हुआ.