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'तुम कुएं के मेंढक हो' ममूटी के माथे पर तिलक लगाने पर मचा बवाल, तो मुस्लिम एक्टर ने ट्रोलर्स को यूं दिया मुंह तोड़ जवाब

Mammootty Tilak Controversy: गुजरात के एकता नगर में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी में ममूटी का तिलक लगाकर वेलकम किया गया. इसका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए और उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. वहीं एक्टर हरीश्री यूसुफ ने इसे ट्रेडिशनल स्वागत बताते हुए ट्रोलर्स को मुंह तोड़ जवाब दिया.

'तुम कुएं के मेंढक हो' ममूटी के माथे पर तिलक लगाने पर मचा बवाल, तो मुस्लिम एक्टर ने ट्रोलर्स को यूं दिया मुंह तोड़ जवाब
Image Credit: ममूटी के माथे पर तिलक लगाने पर मचा बवाल

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले मलयालम सिनेमा के दिग्गज कलाकार ममूटी इन दिनों एक अलग वजह से खबरों में छाए हुए हैं. दरअसल, नेशनल अवॉर्ड लेने के लिए गुजरात पहुंचे ममूटी का वहां ट्रेडिशनल तरीके से वेलकम किया गया. इस दौरान उनके माथे पर तिलक लगाया गया और इसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कुछ लोगों ने ममूटी को निशाने पर लेना शुरू कर दिया. तिलक स्वीकार करने को लेकर की गई इसी ट्रोलिंग पर मलयालम एक्टर और कॉमेडी आर्टिस्ट हरिश्री यूसुफ ने तीखा रिएक्शन दिया. उन्होंने कहा कि कलाकारों की सोच को धर्म की सीमाओं में बांधकर नहीं देखा जाना चाहिए.

अपने फेसबुक वीडियो में हरिश्री यूसुफ ने उस शख्स को जमकर खरी-खोटी सुनाई, जिसने ममूटी के तिलक लगाने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा कि ममूटी के नेशनल अवॉर्ड जीतने पर पूरी मलयाली कम्युनिटी गर्व महसूस कर रही थी, लेकिन एक व्यक्ति ने इस मौके पर भी एक्टर को निशाना बना दिया. हरिश्री यूसुफ ने कहा, 'मलयाली लोग उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिलने पर बहुत खुश थे. हमने उनके लिए तालियां बजाईं. लेकिन एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ टिप्पणी पोस्ट की. ये टिप्पणी करने वाला अब्बास नाम का कोई व्यक्ति है.'

'कलाकरों की सोच छोटी नहीं होती'

हरिश्री यूसुफ ने इसके बाद कहा, 'इस व्यक्ति को लगा कि ये बहुत बड़ा अपराध है. बेटा, तुम कुएं के मेंढक की तरह हो. ममूटी एक कलाकार हैं. मैं भी एक मामूली कलाकार हूं. हम कलाकार छोटी सोच वाले नहीं होते. हम थोड़ा बड़ा सोचते हैं. इसलिए, तुम्हारे जैसे लोग, जिनके मन में केवल धर्म भरा है, ऐसा ही सोचते हैं.' हरिश्री यूसुफ ने अपनी बात को सिर्फ ममूटी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि धार्मिक आस्था के अलग-अलग तरीकों पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों की धार्मिक परंपराएं भले अलग दिखती हों, लेकिन उनके पीछे ईश्वर के प्रति आस्था और समर्पण की भावना हो सकती है'.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

उन्होंने आगे कहा, 'क्या आपने वो गीत सुना है जिसमें कहा गया है, ‘चाहे आप तिलक लगाएं, क्रॉस का चिन्ह बनाएं या झुककर प्रार्थना करें, देखने वाला एक ही है, सुनने वाला एक ही है, दयालु ईश्वर’?'. उन्होंने आगे कहा, 'चाहे आप क्रॉस का चिन्ह बनाएं, तिलक लगाएं या झुककर प्रार्थना करें, सब कुछ ईश्वर की ओर निर्देशित है. ये हमारे सृष्टि के कर्ता के प्रति प्रेम दर्शाता है.'

होटल की तरह हुआ ममूटी का पारंपरिक स्वागत

ममूटी के माथे पर लगाए गए तिलक को लेकर हो रही बहस पर हरिश्री यूसुफ ने एक और एग्जांपल दिया. उन्होंने इसे किसी होटल में मेहमानों के ट्रेडिशनल स्वागत से जोड़ते हुए कहा, 'बेटा, जब तुम किसी बड़े होटल में जाओगे, तो मेहमानों का स्वागत करने का ये एक तरीका है. मेहमानों के आने पर, उन्हें फूलों का गुलदस्ता दिया जाता है और अंदर आने से पहले उनके माथे पर तिलक लगाया जाता है.' उन्होंने ममूटी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर के मलयाली उनका सम्मान करते हैं. साथ ही उन्होंने ममूटी से जुड़े सामाजिक और परोपकारी कामों के बारे में भी बताया और कहा, 'अब्बास, उस व्यक्ति के समाज के लिए किए गए अच्छे कामों को देखिए. जिन संगठनों का वो चलाते हैं, वो यहां कितने अच्छे काम करते हैं. उसने कितने बच्चों की फ्री हार्ट सर्जरी इलाज उपलब्ध कराने में मदद की है. क्या आप कभी इस समाज के हित में कम से कम एक काम भी कर सकते हैं?'

'धर्म इंसानों को बेहतर बनाने के लिए है’

आखिर में हरिश्री यूसुफ ने धर्म के नाम पर सोशल मीडिया पर किसी को गाली देने और अपमानित करने की सोच पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, 'आप जैसे लोग कमेंट सेक्शन में आकर किसी के पिता को गाली दे सकते हैं, अपमानजनक टिप्पणियां कर सकते हैं और फिर उसमें भगवान को घसीटकर धर्म का नाम ले सकते है. बस यही आप कर सकते हैं. धर्म आवश्यक है, लेकिन धर्म किसलिए है? ये इंसानों को आपस में लड़ने के लिए नहीं है. धर्म का उद्देश्य मनुष्यों को बेहतर बनाना है.'

Harisree Yousuf

उन्होंने आगे टिप्पणी करने वाले अब्बास की सोच पर भी तीखा रिएक्शन दिया और कहा, 'अब्बास, तुम्हारी सोच के लिए सबसे सही देश तालिबान है. तुम्हारी मानसिकता वहीं की है. मैं तुम्हें वहां जाने के लिए नहीं कह रहा हूं. क्योंकि अगर तुम वहां जाओगे, तो वे तुम्हें अंदर नहीं आने देंगे. हरिश्री यूसुफ मलयालम फिल्मों और स्टेज शो में अपने एक्टिंग  और कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं. उनकी फिल्मोग्राफी में ‘म्याऊ’, ‘इनी उथराम’ और ‘अमर अकबर एंथोनी’ जैसी फिल्में शामिल हैं.

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About the Author

Jyoti Rajput

Jyoti Rajput

ज्योति सिंह राजपूत जी न्यूज में सब एडिटर हैं और पिछले 1 साल से ज्यादा से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं. दैनिक जागरण प्रिंट और सहारा न्यूज नेटवर्क में ट्रेनिंग लेने के बाद अब Zee News में काम कर रही हैं. कुछ समय तक लाइफस्टाइल की खबरों में काम करने के बाद अब एंटरटेनमेंट में काम कर रही हैं. वहीं हॉलीवुड की खबरों और फिल्मों पर पैनी नजर रखती हैं. उन्होंने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी (MCU) से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री हासिल की है. आप Jyoti.Rajput@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं.
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