अमिताभ, राजेश खन्ना से लेकर विराट कोहली तक... कब-कब अपने बयानों से कंट्रोवर्सी में आए नसीरुद्दीन शाह; देखें पूरी टाइमलाइन
जानें दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के उन विवादित बयानों के बारे में जिन्होंने सिनेमा से लेकर सियासत तक में भूचाल ला दिया था. अमिताभ से लेकर विराट कोहली तक पर उन्होंने क्या कहा था.
वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह सिर्फ अपनी बेहतरीन फिल्मों के लिए ही नहीं जाने जाते, बल्कि उनकी बेबाक बयानबाजी भी हमेशा चर्चा का विषय रही है. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जन्मे नसीर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की बारीकियां सीखीं और दर्शकों को एक से बढ़कर एक यादगार फिल्में दीं. उन्होंने ऑन-स्क्रीन हर किरदार को जिस संजीदगी से जिया है, उसकी मिसाल आज भी दी जाती है.
लेकिन अपनी लाजवाब कलाकारी के साथ-साथ नसीर साहब अपने तीखे और बेबाक बयानों की वजह से भी अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं. वे देश के सामाजिक, राजनीतिक और सिनेमा से जुड़े मुद्दों पर बिना किसी झझक के अपनी राय रखते आए हैं. उनकी यही आदत कई बार बड़े विवादों का कारण बनी है. सिनेमा के दिग्गजों पर टिप्पणी करने से लेकर देश के राजनीतिक माहौल पर सवाल उठाने तक, उनके बयानों ने कई बार बहस को जन्म दिया है.
नसीरुद्दीन शाह के उन प्रमुख विवादित बयानों और घटनाओं की पूरी टाइमलाइन, जिसने समय-समय पर मीडिया और सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया.
नसीरुद्दीन शाह के प्रमुख विवादों की पूरी टाइमलाइन-
1. अमिताभ बच्चन की फिल्मों पर टिप्पणी (2010)
साल 2010 में न्यूजएक्स को दिए एक इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने अभिनेताओं और उनके प्रभाव पर बात करते हुए अमिताभ बच्चन और उनकी फिल्मों पर तीखी टिप्पणी की थी . नसीर ने कहा था कि उन्होंने कोई भी महान फिल्म नहीं बनाई है और जब उनसे अमिताभ बच्चन की सबसे प्रसिद्ध फिल्मों में से एक 'शोले' के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आगे कहा कि शोले कोई महान फिल्म नहीं है, यह यकीनन मनोरंजक है लेकिन महान नहीं है. नसीरुद्दीन शाह की यह टिप्पणी काफी हैरान करने वाली थी. उनके इस बयान के बाद अमिताभ बच्चन के फैंस में काफी गुस्सा देखा गया और नसीर साहब की काफी आलोचना हुई थी.
2. राजेश खन्ना को बताया 'औसत एक्टर' (2016)
साल 2016 में एचटी को दिए गए एक बयान में उन्होंने सत्तर के दशक को बॉलीवुड का सबसे औसत दौर बताया. इसके साथ ही उन्होंने सुपरस्टार राजेश खन्ना को एक औसत कलाकार कह दिया. इस टिप्पणी पर काफी बड़ा विवाद हुआ था. राजेश खन्ना की बेटी ट्विंकल खन्ना ने सार्वजनिक तौर पर इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की थी, जिसके बाद नसीरुद्दीन शाह को अपने बयान के लिए माफी भी मांगनी पड़ी थी.
3. विराट कोहली को कहा 'बुरे बर्ताव वाले खिलाड़ी' (2018)
एक फेसबुक पोस्ट में भारतीय क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान विराट कोहली के ऑन-फील्ड व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने उनकी प्रतिभा की तारीफ के साथ-साथ उनके रवैये की कड़ी आलोचना की थी; उन्होंने कोहली को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज मानने के साथ ही उन्हें दुनिया का सबसे बुरे बर्ताव करने वाला खिलाड़ी करार दिया था और लिखा था, विराट के न केवल दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाज हैं, बल्कि दुनिया के सबसे बदतमीज खिलाड़ी भी हैं; खेल में उनका बेहतरीन प्रदर्शन उनके घमंड और बुरे व्यवहार के आगे फीका पड़ जाता है.. और वैसे, मेरा देश छोड़ने का कोई इरादा नहीं है."
4. अनुपम खेर को कहा 'जोकर' (2020)
साल 2020 में अपने साथी कलाकार अनुपम खेर पर निशाना साधते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि अनुपम खेर एक जोकर हैं और उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए. इस बात पर अनुपम खेर ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि नसीर साहब की पूरी जिंदगी कुंठा में बीती है. दोनों बड़े कलाकारों के बीच की यह जुबानी जंग कई दिनों तक खबरों में छाई रही थी.
5. 'द केरला स्टोरी' और 'द कश्मीर फाइल्स' को बताया प्रोपेगेंडा (2023)
साल 2023 में रिलीज हुई चर्चित फिल्मों द केरला स्टोरी और द कश्मीर फाइल्स पर फ्री प्रेस जर्नल से बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें नफरत फैलाने वाली और प्रोपेगेंडा आधारित फिल्में करार दिया था. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मंशा पर सवाल उठाए गए और उन्हें जमकर ट्रोल किया गया.
6. छात्र आंदोलनों और NEET विवाद का समर्थन (2026)
अक्टूबर 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान नसीरुद्दीन शाह खुलकर छात्रों के पक्ष में आए. उन्होंने पुलिस कार्रवाई और प्रशासन के रवैये की आलोचना करते हुए छात्रों के समर्थन में एक वीडियो संदेश जारी किया, जिससे एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई थी.
7. खुद को कहा 'दिमागी नक्सली'
फेसबुक पर मंगलवार यानी 27 अक्टूबर 2026 को जारी एक वीडियो संदेश में, वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने खुद को गर्व से दिमागी नक्सल कहते हुए छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों का खुलकर समर्थन किया था; इस दौरान उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा प्रणाली को नष्ट करने और देश के युवाओं के साहस को तोड़ने का प्रयास करने का गंभीर आरोप भी लगाया था.