हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जिनकी मौजूदगी ही पूरी फिल्म में जान फूंक देती है. वो जब पर्दे पर आते हैं, तो हंसी के ठहाके भी लगते हैं और उनके बोले गए डायलॉग्स इतिहास बन जाते हैं. ऐसे ही जब भी साल 2000 की कल्ट कॉमेडी फिल्मों की बात होगी, तो 'वेलकम' का नाम सबसे ऊपर आएगा. लेकिन अफसोस की बात ये है कि महज दो हफ्तों के भीतर इस फिल्म ने अपने दो सबसे शानदार कलाकारों को खो दिया है, जिसके चलते पूरी इंडस्ट्री और उनके फैंस गहरे सदमे में हैं. क्योंकि जिनके किरदारों को देखकर उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी, अब उनके जाने से सिर्फ सन्नाटा और नम आंखें बाकी रह गई हैं.
आज सुबह-सुबह जैसे ही मूवी लवर्स की आंख खुली, तो नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर सुनने को मिली, जिससे हर कोई हैरान रह गया था. 75 साल की उम्र में गोवा में दिल का दौरा पड़ने से उनका देहांत हो गया. सुबह करीब 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. महाराष्ट्र में जन्मे नाना साहब ने साल 1978 में फिल्म 'गमन' से अपना सफर शुरू किया था.
नाना पाटेकर ने अपने करियर में 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'यशवंत' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों दीं. गंभीर और तीखे तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले नाना को पद्म श्री और तीन नेशनल अवॉर्ड्स से नवाजा गया था. लेकिन 'वेलकम' के 'उदय भाई' के रूप में उनका नरम दिल और सनकी गैंगस्टर वाला अवतार आज भी लोगों के दिमाग में बसा हुआ है. इस किरदार में उनकी लाइट कॉमेडी ने न सिर्फ फैंस का दिल जीता, बल्कि उनके द्वारा दिए गए फेमस डायलॉग्स को दोहराने पर भी मजबूर कर दिया, जो आज सोशल मीडिया पर मीम्स में भी दिखाई पड़ते हैं. उनका अंतिम संस्कार पुणे के पास उनके पैतृक गांव डोनाजे में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है.

नाना पाटेकर के जाने का गम अभी हरा है, लेकिन इस दुख से कुछ दिन पहले ही सीनियर एक्टर मुश्ताक खान ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. मुश्ताक खान का भी महज दो हफ्ते पहले 62 साल की उम्र में कैंसर से एक लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया था. मुंबई के यारी रोड कब्रिस्तान में उन्हें अंतिम विदाई दी गई. मध्य प्रदेश के बालाघाट से आने वाले मुश्ताक खान ने फिल्म 'आशिकी', 'हम हैं राही प्यार के', 'हेरा फेरी', 'स्त्री' और 'गदर 2' जैसी कई फिल्मों में काम किया. 'वेलकम' फिल्म में उन्होंने 'बल्लू पाजी' का किरदार निभाया था. शुरुआती दौर में उनके पास कोई डायलॉग नहीं था, लेकिन बाद में सेट पर लिखा गया उनका एक डायलॉग... 'मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था' आगे चलकर पॉप कल्चर का हिस्सा बन गया.

'वेलकम' फिल्म में नाना पाटेकर और मुश्ताक खान की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इतनी शानदार थी कि जब भी उदय भाई अपने गुस्से पर काबू पाने के लिए 'कंट्रोल उदय, कंट्रोल' कहते, तो ऑडियंस हंस-हंसकर लोटपोट हो जाते. वहीं बल्लू पाजी का नकली पैर और उदय शेट्टी की सनक के बीच का तालमेल हंसी का ऐसा तूफान लाता था, जो आज भी सोशल मीडिया और मीम्स की दुनिया पर राज करता है. दोनों कलाकारों ने पर्दे पर जिस सादगी और टाइमिंग के साथ कॉमेडी को पेश किया, उसने इंडियन सिनेमा में कॉमेडी एक्टिंग का एक नया लेवल सेट कर दिया. उनके बिना 'वेलकम' फिल्म को इमेजिन करना भी मुश्किल है.

महज 14 दिनों के अंतर पर मुश्ताक खान और नाना पाटेकर का यूं चले जाना हिंदी सिनेमा के लिए एक बहुत बड़ा झटका है. एक तरफ जहां मुश्ताक साहब ने अपने छोटे से छोटे रोल से फिल्मों में जान फूंकी, तो वहीं नाना पाटेकर ने सीरियस सिनेमा से लेकर कॉमेडी तक हर किरदार को अमर बना दिया. आज भले ही ये दोनों दिग्गज कलाकार हमारे बीच मौजूद न हों, लेकिन बड़े पर्दे पर छोड़ी गई उनकी कभी न मिटने वाली छाप, आइकॉनिक डायलॉग्स और बेमिसाल अदाकारी की विरासत हमेशा-हमेशा के लिए करोड़ों फैंस के दिलों में जिंदा रहेगी.