साउथ कोरिया फिल्म इंडस्ट्री अक्सर अपनी शानदार कहानियों और दमदार एक्टिंग के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार एक फिल्म को लेकर कोरिया में ऐसा भूचाल आया है, जिसने सिर्फ बॉक्स ऑफिस को ही नहीं, बल्कि पॉलिटिक्स और आम लोगों को भी हिलाकर रख दिया है. हिस्टोरिकल थ्रिलर फिल्म 'द असासिन्स' (The Assassins) सिनेमाघरों में बंपर कमाई कर रही है और अब तक करीब 2 मिलियन से ज्यादा ऑडियंस का आंकड़ा पार कर चुकी है. लेकिन इस शानदार सफलता के ठीक पीछे एक ऐसा विवाद खड़ा हो गया है, जिसने इसके कलाकारों और मेकर्स को निशाने पर ले लिया है. दरअसल इस फिल्म की पूरी कहानी 15 अगस्त, 1974 की उस ऐतिहासिक घटना के आसपास घूमती है, जब साउथ कोरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति पार्क चुंग ही पर एक जानलेवा हमला हुआ था.
इस हमले में राष्ट्रपति तो बच गए थे, लेकिन देश की पहली महिला युक यंग-सू की गोली लगने से मौत हो गई थी. हिस्ट्री के मुताबिक, ये हमला मुन से-ग्वांग नाम के एक इंसान ने किया था, जिसे बाद में फांसी दे दी गई. लेकिन 'द असासिन्स' के मेकर्स ने इस घटना को सीधे तौर पर दिखाने के बजाए एक सिनेमैटिक थ्योरी के रूप में पेश किया. फिल्म उस समय की जांच में छूटे हुए सवालों, जैसे गायब हुए सबूत, गोलियां और खाली कारतूस को आधार बनाकर ये इशारा करती है कि इस पूरी घटना के पीछे कोरियाई खुफिया एजेंसी या खुद सत्ता का कोई बड़ा हाथ हो सकता था. बस यही मोड़ देश के नेताओं और पुराने लोगों को नागवार गुजरा रहा है.

फिल्म रिलीज होते ही साउथ कोरिया के कट्टर समूहों और एक पॉलिटिकल पार्टी ने इस पर इतिहास को गलत तरीके से पेश करने और पहली महिला के परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है. ये मामला इतना बढ़ गया कि निर्देशक हुर जिन-हो और मेकर्स के खिलाफ आपराधिक शिकायत तक दर्ज करा दी गई. इस विवाद का सबसे खतरनाक मोड़ उस समय देखने को मिला, जब फिल्म के लीड स्टार्स यू हे-जिन को पर्सनली निशाना बनाया जाने लगा. एक कट्टर समूह ने एक्टर के घर के बाहर धरना देना शुरू कर दिया, जहां वो मांग कर रहे हैं कि यू हे-जिन को अब अपनी इमेज बैलेंस करने के लिए राइट-विंग्स फिल्म्स में भी काम करना होगा.

हद तो तब पार हो गई, जब जिन ब्रांड्स के लिए यू हे-जिन एड करते हैं, उन पर भी ऑनलाइन ट्रोलिंग शुरू हो गई. इसके अलावा, फिल्म की तारीफ करने वाली फेमस एक्ट्रेस ली यंग-ऐ और किम गो-इन को भी सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया. हर तरफ से हो रहे हमले के बीच फिल्म के निर्देशक हुर जिन-हो ने सफाई देते हुए कहा कि फिल्म को किसी पॉलिटिकल एजेंडे से जोड़कर देखना पूरी तरह गलत है. उन्होंने साफ किया कि सिनेमा में इतिहास के अनसुलझे सवालों पर सवाल उठाने का हक हर क्रिएटिव को है और कलाकारों को इस तरह से परेशानी में देखना बेहद दुखद है.

इस विवाद के चरम पर पहुंचने के बाद कोरियाई फिल्म इंडस्ट्री के 19 फिल्म निर्देशक संघ और प्रोड्यूसर्स गिल्ड मेकर्स और कलाकारों के समर्थन में उतर आए हैं. 5 अक्टूबर को जारी बयानों में उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म को पसंद न करना आपकी राय हो सकती है, लेकिन एक्टर्रस की पर्सनल लाइफ, उनकी रोजी-रोटी और घर के बाहर जाकर हमला करना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है.

'द असासिन्स' की स्टार-कास्ट में शामिल ली मिन-हो इस समय ग्लोबल लेवल पर सबसे पॉपुलर एक्टर्स में से एक हैं. इस फिल्म में उनके सीरियस और पॉलिटिक्स से भरे किरदार उनके आम रोमांटिक हीरो वाले अवतार से बिल्कुल अलग है. वहीं दूसरी ओर, विवादों के बावजूद ऑडियंस को फिल्म में उनकी एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस बेहद पसंद आ रही है. ली मिन-हो के करियर की बात करें, तो उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर साल 2009 में आए कल्ट ड्रामा 'बॉयज ओवर फ्लावर्स' से वो रातोंरात पॉपुलर हो गए थे. वहीं साल 2020 में नेटफ्लिक्स पर फैंटेसी सीरीज 'द किंग: इटरनल मोनार्क' रिलीज हुई थी, जिसमें वो सम्राट ली गोन की भूमिका निभाते हुए नजर आए थे. इस नाटक से उन्होंने साबित कर दिया कि वो बड़े प्रोजेक्ट्स को भी अपने दम पर हिट करा सकते हैं.