'पापा के स्टारडम का फायदा नहीं चाहिए', अक्षय कुमार के बेटे आरव का स्वाभिमान जीत लेगा आपका दिल
अक्षय कुमार ने हाल ही में खुलासा किया कि उनके बेटे आरव भाटिया लाइमलाइट से दूर रहकर अपनी खुद की पहचान बनाना चाहते हैं. जानिए अक्षय के आर्मी कनेक्शन और उनके पिता से मिली सीख के बारे में.
बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' यानी अक्षय कुमार आज जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने के लिए हर कोई तरसता है. हालांकि, उनका बेटा आरव भाटिया स्टारडम की इस चकाचौंध से दूर रहना चाहता है. बाकी स्टार किड्स के उलट आरव किसी को यह तक नहीं बताना चाहते कि वे अक्षय कुमार के बेटे हैं. बीयर ग्रिल्स के शो 'इनटू द वाइल्ड' में अक्षय ने अपने बेटे की इस सोच, अपने पिता से मिली सीख और इंडियन आर्मी के प्रति अपने खास लगाव के बारे में दिल खोलकर बात की.
अक्षय कुमार ने बताया कि आरव को लाइमलाइट से बहुत परहेज है. वे किसी के सामने यह जाहिर भी नहीं होने देना चाहते कि वे बॉलीवुड के इतने बड़े सुपरस्टार के बेटे हैं. आरव का मानना है कि वे अपनी काबिलियत के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाएं. अक्षय कहते हैं कि उनका बेटा उनसे बहुत अलग सोच रखता है और एक पिता होने के नाते वे उसकी इस सोच का पूरा सम्मान करते हैं और उसे पूरी आजादी देते हैं.
पिता की सीख ने बदली अक्षय की दुनिया
शो के दौरान जब बीयर ग्रिल्स ने अक्षय से उनके रोल मॉडल के बारे में पूछा, तो अक्षय ने बिना पलक झपकाए अपने पिता का नाम लिया. अक्षय ने बताया कि उनकी जिंदगी पर सिर्फ और सिर्फ उनके पिता का असर रहा है. उन्होंने बचपन से लेकर आज तक अपने पिता के बनाए नियमों और सीख को फॉलो किया है. अक्षय को उम्मीद है कि जो संस्कार उन्हें अपने पिता से मिले हैं, वही अच्छी आदतें और वैल्यूज उनका बेटा आरव भी अपनी जिंदगी में उतारेगा.
आर्मी बैकग्राउंड, जवानों से खास लगाव
अक्षय कुमार का देशभक्ति वाला रूप सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है. इसके पीछे उनके परिवार का गहरा ताल्लुक है. अक्षय ने खुलासा किया कि उनके पिता इंडियन आर्मी में थे, इसलिए बचपन से ही उनके दिल में यूनिफॉर्म पहनने वाले जवानों के लिए एक अलग ही इज्जत और प्यार रहा है. यही वजह है कि वे हर मुश्किल वक्त में देश के सैनिकों और उनके परिवारों के साथ खड़े नजर आते हैं.
'भारत के वीर' पहल के जरिए सीधी मदद
सैनिकों के प्रति अपनी इसी जिम्मेदारी को समझते हुए अक्षय कुमार ने 'भारत के वीर' पहल की शुरुआत की थी. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां कोई भी आम नागरिक शहीद हुए जवानों के परिवारों को सीधे आर्थिक मदद भेज सकता है. इसमें खास बात यह है कि पैसा किसी सरकारी फंड में जाने के बजाय सीधा शहीद के परिवार के बैंक अकाउंट में पहुंचता है. इससे मदद करने वाले और मदद पाने वाले दोनों के बीच एक सीधा रिश्ता बनता है.