नोटिस थमाया तो मांग लिए सबूत: OCI स्टेटस पर फंसा पेच, इमरान खान बोले- पहले कागज दिखाओ
आमिर खान के भांजे इमरान खान इस समय OCI दर्जा रद्द करने और 'लीव इंडिया' नोटिस के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. 10 अक्टूबर, 2026 को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप के बाद FRRO ने ये कार्रवाई की थी. फिलहाल बॉम्बे हाई कोर्ट ने देश छोड़ने के आदेश पर रोक लगाई है, जिसकी अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी.
'जाने तू या जाने...' एक्टर और आमिर खान के भांजे इमरान खान की मुश्किलें इन दिनों कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पहले तो उन्हें देश छोड़ने का 'लीव इंडिया' नोटिस थमा दिया गया और अब उनके ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस को कैंसल करने की तैयारी चल रही है. हालांकि, इमरान खान ने भी चुप बैठने के बजाए अधिकारियों को लैटर लिखकर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) से सीधे उन सबूतों और दस्तावेजों की मांग की है, जिनके आधार पर उन्हें OCI स्टेटस कैंसिल करने का 'कारण बताओ नोटिस' भेजा गया है.
FRRO को भेजे गए अपने जवाब में इमरान खान ने अधिकारियों के रवैये पर कड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने नोटिस में दी गई वजहों को अनक्लियर और कॉन्ट्राडिक्शन करार देते हुए आरोप लगाया कि ऐसा लगता है जैसे अधिकारियों ने पहले से ही मन बना लिया है कि उनका OCI स्टेटस रद्द करना ही है. इमरान का साफ कहना है कि जब तक उन्हें वो सभी डॉक्यूमेंट नहीं दिए जाते जिन पर ये नोटिस बेस्ड है, तब तक वो इसका सही और असरदार जवाब कैसे दे सकते हैं?
आखिर क्यों शुरू हुआ ये पूरा विवाद?
ये पूरा विवाद 10 अक्टूबर, 2026 को शुरू हुआ था, जब मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस प्रदर्शन में कथित तौर पर शामिल होने को लेकर इमरान खान के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया था. इसी घटना के तुरंत बाद FRRO हरकत में आया और पहले एक्टर को देश छोड़ने का आदेश दिया और फिर उनका OCI कार्ड छीनने का प्रोसेस शुरू कर दिया.
'लीव इंडिया' नोटिस पर फिलहाल रोक
देश छोड़ने का नोटिस मिलते ही एक्टर इमरान खान ने कानून का दरवाजा खटखटाया और FRRO के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी. अदालत ने इमरान को बड़ी राहत देते हुए 'लीव इंडिया' नोटिस के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर, 2026 को होनी है. कोर्ट के इस रुख से इमरान को थोड़ी सांस लेने की जगह जरूर मिल गई है, लेकिन OCI दर्जा बचाने की तलवार अभी भी लटक रही है.
क्या बचा पाएंगे अपना OCI दर्जा?
फिलहाल ये मामला कोर्ट और अधिकारियों के दांव-पेच के बीच अटका हुआ है. इमरान खान ने साफ कर दिया है कि उन्हें मुंबई पुलिस की अधूरी रिपोर्ट थमाकर कटघरे में खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने प्रशासन से उन सभी रिकॉर्ड्स तक एक्सेस मांगी है, ताकि वो आरोपों का सच सामने ला सकें. अब देखना ये होगा कि 2 नवंबर, 2026 को होने वाली सुनवाई और FRRO से मिलने वाले दस्तावेजों के बाद इमरान खान का अगला कदम क्या होता है.