जेलों में सख्ती का नया दौर: पैरामिलिट्री फोर्स के हाथों में होगी कमान! कैसे बन सकते हैं जेलर, योग्यता और सैलरी क्या?
How to Become Jailer: देश की जेलों की कमान अब पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों को सौंपने का विचार किया जा रहा है, जिसके लिए जम्मू-कश्मीर की जेलों से शुरुआत की जा सकती है. आइए जानते हैं कि किसी जेल में जेलर कैसे बना जा सकता है, उसके लिए क्या प्रक्रिया है और कितनी सैलरी होती है?
How to Become a Jailer: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एक खास योजना पर काम किया जा रहा है जिसके तहत, जेल अधीक्षक के पदों पर पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों को तैनात किया जाएगा. इसका मतलब ये हुआ कि राज्य या जेल कैडर के अधिकारियों की बजाए पैरामिलिट्री फोर्स के ऑफिसर को जेलर बनाया जाएगा. इस योजना पर अभी बात की जा रही है और इसकी शुरुआत जम्मू-कश्मीर की जेलों से की जा सकती है. CISF के अधिकारियों को जेलर बनाने का विचार-विमर्श चल रहा है.
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के जेलों के बाद दिल्ली के तिहाड़ जेल और फिर दूसरे जेलों में भी CISF के अधिकारियों को तैनात किया जा सकता है. जम्मू-कश्मीर के करीब 7 जेलों की सुरक्षा पैरामिलिट्री फोर्स के पास है और अब जेल प्रशासन को बढ़ाते हुए अधिकारियों की भूमिका बढ़ाने का सोचा जा रहा जिसका मकसद जेलों में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना है. एक जेलर की नियुक्ति कैसे होती है? अगर किसी को जेलर बनना है तो कौन सी परीक्षा देनी होगी? एक जेलर की सैलरी कितनी होती है? जेलर बनने के लिए किन योग्यताओं की जरूरत है? जेलर बनने के लिए आयु सीमा कितनी तय की गई है? आइए इन सबके बारे में जानते हैं.
जेलर कौन होते हैं?
केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कंट्रोल किए जाने वाले कारगारों में जेलर होते हैं, जिनकी डायरेक्ट भर्ती नहीं होती, बल्कि उन्हें सहायक जेलर या डिप्टी जेलर के तौर पर चुना जाता है. जब उन्हें उस पद पर रहते हुए कुछ सालों में अच्छा-खासा अनुभव हासिल हो जाता है तब उनके कार्य-क्षमता के आधार पर उनका उन्हें जेलर के पद पर प्रमोशन दिया जाता है. एक जेलर का काम जेल या कारागार में सभी कैदियों पर ध्यान रखने का होता है. कैदियों की आवा-जाही, जेल प्रशासन, देख-रेख और कंट्रोल करने जैसे काम की जिम्मेदारी भी जेलर की होती है.
जेलर कैसे बनते हैं?
आमतौर पर भारत में जेलर या डिप्टी जेलर का चयन सीधी भर्ती या फिर प्रमोशन के जरिए होता है. योग्य और इच्छुक उम्मीदवार डायरेक्ट डिप्टी जेलर या जेल वार्डर पद के लिए आवेदन कर सकते हैं. अनुभव हासिल कर लेने के बाद जेलर का पद मिलता है. राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से डिप्टी जेलर की भर्ती परीक्षा आयोजन किया जाता है जिसमें पास होने के बाद अधिकारी बन सकते हैं. वहीं, निचले पद जैसे जेल वार्डर पर भर्ती के लिए कुछ साल का अनुभव और विभागीय परीक्षा के आधार पर पदोन्नति पाकर भी जेलर बन सकते हैं.
सहायक जेलर बनने के लिए किन योग्यता की जरूरत?
- शैक्षणिक योग्यता:- किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन की डिग्री होना. इसके अलावा बेसिक कंप्यूटर कोर्स किया हो या कंप्यूटर अप्लीकेशन डिप्लोमा हासिल किया हो.
- शारीरिक योग्यता:- लंबाई 168 सेन्टीमीटर और सीना 87 सेन्टीमीटर होना चाहिए.
- आयु सीमा:- न्यूनतम उम्र 18 साल या 21 साल होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 35 साल या 40 साल होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में नियमा के मुताबिक छूट दी जाएगी.
सहायक जेलर बनने के लिए चयन प्रक्रिया क्या है?
- लिखित परीक्षा:- सहायक जेलर भर्ती के तहत चयन प्रक्रिया का पहला चरण लिखित एग्जाम है जिसमें सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स और रीजनिंग, गणित और हिंदी या अंग्रेजी भाषा से संबंधित मल्टीपल सवाल पूछे जाते हैं.
- शारीरिक मानक और दक्षता परीक्षा:- ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने लिखित परीक्षा पास कर ली हो, उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा को पास करना होता है. इसके तहत 1600 मीटर की दौड़ 8 मिनट में और 100 मीटर की दौड़ 15 सेकेंड में शामिल है. इसके अलावा एक लंबी कूद 3.80 मीटर की होती है, अगर इन सब में सफल रहे तो अगले चरण के लिए चुने जा सकते हैं.
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन:- उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि दस्तावेजों की कॉपी दिखानी होती है. इसके बाद आखिरी चरण में शामिल हो सकते हैं.
- चिकित्सा परीक्षण:- चयनित उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट में शामिल होना पड़ता है जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि वो पूरी तरह से शारीरिक और मानसिक तौर पर ये पद संभालने योग्य हैं.
सहायक जेलर की सैलरी कितनी होती है?
जेलर बनने के लिए पहले सहायक जेलर का पद हासिल करना होता है और इस पद पर छठवें वेतन आयोग के हिसाब से पे-बैंड 2 है. हर महीने 9300 से 34800 रुपये और ग्रेड पे 4400 रुपये दिया जाता है. जिन संगठनों में 7वें वेतन आयोग लागू होता है उन्हें वहां के समकक्ष ग्रेड के अनुरूप सैलरी मिलती है. सैलरी के अलावा कई अतिरिक्त कई भत्ते भी दिये जाते हैं.