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राम के मंच पर अश्लीलता का खेल! ZEE NEWS के अभियान से मचा हड़कंप, कई जिलों में एक्शन

रामलीला के मंच पर अश्लील डांस के खिलाफ ZEE NEWS के अभियान का असर दिखने लगा है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आयोजकों और प्रशासन ने संज्ञान लिया है, जबकि कुछ जगहों पर ऐसी घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 17, 2026, 10:27 PM IST | Updated: Oct 17, 2026, 10:33 PM IST
Image Credit: रामलीला मंच पर नृत्य के अलग-अलग मंजर
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इस खबर में रामलीला के नाम पर अश्लीलता फैलाने वालों के खिलाफ ZEE NEWS के अभियान का असरदार विश्लेषण करेंगे. हमने गुरुवार को भी DNA में आपको बताया था कि रामलीला के पावन मंच का प्रयोग फूहड़ गानों और अश्लील डांस के लिए किया गया. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला के मंच से अशिष्टता परोसकर इस धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को धूमिल करने का षड्यंत्र रचा गया.

जी न्यूज की मुहिम का असर अब जमीन पर दिखने लगा है. जी न्यूज की इस रिपोर्ट के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आयोजकों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया है. बुलंदशहर के पहासू में रामलीला कमेटी ने अपनी चूक स्वीकार की, तो पुलिस ने भी आयोजकों को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो. संभल के बहजोई और अमरोहा में भी कमेटियों ने आगे बढ़कर यह तय किया है कि मंच पर ऐसे आपत्तिजनक प्रदर्शन पूरी तरह रोके जाएंगे, जिसके बाद प्रशासन ने भी पंडालों में सतर्कता बढ़ा दी है. स्थानीय कमेटियों ने भी यह सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है कि मर्यादा की सीमाओं का पूरा पालन किया जाएगा.

लेकिन यह भी सच है कि प्रशासन की हिदायतों और कमेटियों के दावों के बावजूद अभी भी कुछ जगहों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो चिंता पैदा करती हैं. सोनभद्र के बखरिहवा बाजार से रामलीला मंच पर नृत्य का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है, जिस पर पुलिस जांच कर रही है.

सच दिखाने पर पत्रकार पर बनाया गया दबाव

कासगंज के सोरों से तो एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां रामलीला मंच पर अमर्यादित नृत्य के वीडियो को जब एक स्थानीय पत्रकार ने उजागर किया, तो कार्रवाई करने के बजाय उल्टे रामलीला कमेटी के लोग विरोध पर उतर आए और मंच पर ही धरने पर बैठ गए. दबाव के चलते उस स्थानीय पत्रकार को सोशल मीडिया पर मजबूरन माफी तक मांगनी पड़ी और हद तो तब हो गई जब प्रशासनिक अधिकारियों ने भी आयोजकों की आपत्ति पर सच सामने लाने वाले पत्रकार के खिलाफ ही विधिक कार्रवाई का भरोसा दे दिया.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस अभद्र प्रस्तुति के लिए कासगंज की रामलीला कमेटी के आयोजकों ने क्या सफाई दी. उनका कहना है कि नर्तकी के भेष में मंच पर लड़के ही नृत्य कर रहे हैं. इसलिए उन्हें इसमें कोई अश्लीलता नजर नहीं आती. सोचिए... लड़कों की इस तरह की अश्लील प्रस्तुति से रामलीला के पावन मंच पर होने वाली अमर्यादा और फूहड़ता कम हो जाती है?

बात सिर्फ यहीं तक नहीं है, बल्कि मऊ के खुरहट और बागपत के कोताना गांव से भी ऐसे वीडियो सामने आए हैं. सवाल यही है कि जब मंच मर्यादा का है, तो ऐसी तस्वीरें बार-बार सामने क्यों आ रही हैं?

हमारे संवाददाता अमित भारद्वाज शामली के उसी रामलीला मैदान पर पहुंचे, जहां से मर्यादा को तार-तार करने वाली तस्वीरें सामने आई थीं. उन्होंने ग्राउंड लेवल पर पड़ताल की कि आखिर भक्ति के इस मंडप को फूहड़ता और अशिष्टता का मंच बनाने की अनुमति किसने दी और इसके पीछे किसकी असावधानी थी.

शामली में आयोजकों का अजीब का तर्क

शामली के जलालाबाद में रामलीला के मंच पर जिस तरह फिल्मी गानों पर ठुमके लगाए गए, उसने आस्था के इस केंद्र पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जब हमारी टीम ने इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल शुरू की, तो वहां के प्रबंधकों और कलाकारों के अजीबोगरीब तर्क सामने आए. किसी ने इसे सीन बदलने का फिलर बताया, तो किसी ने जनता की डिमांड का हवाला दिया.

यानी आयोजकों की दलील यह है कि सीन बदलने के खाली समय को भरने के लिए इस तरह के डांस जरूरी हैं और चूंकि कलाकार लड़का है, इसलिए इसमें कोई अश्लीलता नहीं है. रामलीला समिति से जुड़े आयोजकों ने भी कैमरे पर यह माना कि अगर ऐसे आइटम या फिलर न डाले जाएं, तो जनता भीड़ लेकर नहीं आएगी. यानी भगवान राम के आदर्शों से ज्यादा उन्हें अपनी भीड़ की चिंता है.

शामली के जलालाबाद की यह जमीनी सच्चाई बता रही है कि बीमारी कितनी गहरी है. आयोजक इसे जरूरत बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या रावण के दरबार या सीन बदलने के नाम पर सनातन संस्कृति के इस पवित्र मंच को इस तरह धूमिल किया जा सकता है? पैसे और भीड़ जुटाने के चक्कर में रामलीला के मूल स्वरूप का यह क्षरण अब और सहन नहीं किया जाना चाहिए.

कारोबार की आड़ में आस्था पर चोट

व्यवसायिकता की आड़ में शायद इन आयोजकों को कोई फर्क न पड़ता हो लेकिन इससे लाखों सनातनियों की आस्था को चोट जरूर पहुंचती है और सच्चाई यह भी है कि जब इन दिनों देश के कोने-कोने में रामलीलाओं का मंचन चल ही रहा है, तो ऐसे वीडियो और भी सामने आ सकते हैं, जो अपनी कुत्सित मानसिकता और फूहड़ता से इस पवित्र मंच को कलंकित करने की कोशिश करेंगे.

लेकिन सवाल यह है कि जिस मंच पर रावण जैसे ज्ञानी पात्र ने भी कभी मर्यादा नहीं लांघी, वहां आज ऐसी फूहड़ता कैसे परोसी जा रही है? जी न्यूज के स्टूडियो में आए 10 अलग-अलग रामलीलाओं के रावण ने भी इस अश्लीलता और सांस्कृतिक प्रदूषण के खिलाफ अपनी मुखर आवाज उठाई है. आपको रावण की बात भी एक बार नीचे दिए गए वीडियो में सुननी चाहिए.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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