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क्या फ्रांस पर इस्लाम का कब्जा होने वाला है; ट्रंप के दावे पर चुप्पी का मतलब क्या है?

फ्रांस में जारी जबरदस्त प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने दावा किया है कि फ्रांस पर इस्लाम का कब्जा होने वाला है. उनके इस बयान के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 07, 2026, 11:39 PM IST | Updated: Oct 07, 2026, 11:42 PM IST
Image Credit: Donald Trump
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हम एक देश पर मंडराते कब्जे वाले खतरे का विश्लेषण करेंगे, जिसका अंदेशा यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने जताया है. फ्रांस में कई हफ्तों से जारी उपद्रव को वहां की सरकार छात्रों का सबसे हिंसक प्रदर्शन बता रही है. दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति इसे छात्रों या स्कूलों की समस्या मानने से इनकार कर रहे हैं. ट्रंप ने दावा किया है कि फ्रांस पर इस्लाम के कब्जे की कोशिश हो रही है. आज आपको जानना चाहिए कि अमेरिका के राष्ट्रपति अगर फ्रांस पर इस्लाम के कब्जे की आशंका जाहिर कर रहे हैं, तो इसके पीछे की असली वजह क्या है? फ्रांस में जारी प्रदर्शन में ऐसा क्या हो रहा है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के दक्षिणपंथी नेता इस्लाम से जोड़ रहे हैं.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि फ्रांस में जो हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, उनकी असली वजह स्कूलों की खराब हालत या शिक्षकों की कमी नहीं है. फ्रांस में बड़ी संख्या में दूसरे देशों से लोगों का आना अब बेकाबू हो चुका है. इन प्रदर्शनों के पीछे इस्लाम का प्रभाव बढ़ाने और एक समय के महान देश फ्रांस पर अपना दबदबा कायम करने की कोशिश है.

ट्रंप इससे पहले भी कट्टरपंथी इस्लाम पर निशाना साधते रहे हैं, लेकिन इस्लाम फ्रांस पर कब्जा करने की कोशिश रहा है. ट्रंप का ये दावा पूरी दुनिया के लिए हैरान करने वाला है और इससे भी हैरान करने वाली बात ये है कि अब तक फ्रांस के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री ने ट्रंप के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. यानी फ्रांस के बड़े नेता ट्रंप के दावे पर मौन हो गए हैं. सिर्फ फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरो का बयान मीडिया में दिखाया जा रहा है. जिसमें उन्होंने ट्रंप का नाम लिए बगैर सिर्फ इतना कहा है कि अगर हम अपनी कहानी खुद नहीं लिखेंगे, तो दूसरे हमारी जगह लिख देंगे और हम इसे नहीं सहेंगे.

फ्रांस की मीडिया इसी टिप्पणी को फ्रांस का जवाब बता रही है, लेकिन सच ये है. फ्रांस की सरकार ने ट्रंप का नाम लेकर उनके बयान का खंडन नहीं किया. हालांकि, इससे पहले फ्रांस की सरकार ने स्कूलों पर शुरू हुए आंदोलन को कभी इस्लाम या घुसपैठियों की समस्या से भी नहीं जोड़ा, लेकिन ट्रंप के आरोपों पर चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. 

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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