)
Delhi News: दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनावी हलचल अपने चरम पर है. सभी कैंडिडेट का ऐलान कर दिया गया है, लेकिन NSUI की तरफ से दीपांशु शौकीन को टिकट नहीं दिया गया. उनकी जगह उपाध्यक्ष पद पर वीर चतरथ के नाम का ऐलान किया गया है. वहीं टिकट नहीं मिलने के बाद दीपांशु के बागी रुख ने NSUI के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है.
कौन हैं दीपांशु शौकीन?
दीपांशु शौकीन दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति से जुड़े चेहरा हैं और लंबे समय से NSUI के साथ कैंपस में लगातार सक्रिय रहे हैं. 2025 में उन्होंने DUSU चुनाव को लेकर प्री-कैंपेनिंग भी की थी. साथ ही NSUI के छात्र मुद्दों से जुड़े अभियानों में सक्रियता दिखाई थी. 2026 के DUSU चुनाव में उन्होंने NSUI की ओर से नामांकन दाखिल किया था, लेकिन NSUI ने उपाध्यक्ष पद पर वीर चतरथ के नाम का ऐलान किया है.
कौन हैं वीर चतरथ, जिन्हें NSUI दीपांशु शौकीन की जगह दिया टिकट?
वीर चतरथ कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के युवा छात्र नेता हैं. इन्हें NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026-27 में उपाध्यक्ष पद के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया. वीर चतरथ के पिता मनीष अग्रवाल कांग्रेस के बड़े नेता हैं. ऐसे में DUSU चुनाव में वीर चतरथ की उम्मीदवारी को लेकर छात्र राजनीति के साथ-साथ कांग्रेस से जुड़े राजनीतिक समीकरणों की भी चर्चा हो रही है.
टिकट बंटवारे में दिखी अंदरूनी खींचतान
DUSU चुनाव को लेकर NSUI में टिकट बंटवारे के बाद संगठन की अंदरूनी खींचतान देखने को मिल रही है. NSUI से दीपांशु शौकीन टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह वीर चतरथ को उम्मीदवार बनाया. टिकट नहीं मिलने से दीपांशु में नाराजगी देखने को मिली है. इसी बीच समर्थकों के बीच विवाद और झड़प की बात भी सामने आई है. टिकट से नाराज दीपांशु शौकीन ने इसके बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इससे DUSU चुनाव में NSUI के सामने अंदरूनी विरोध को संभालने की चुनौती बढ़ गई है.
NSUI ने 2026-27 DUSU चुनाव में किन नामों का किया ऐलान?
President: विजय शंकर मीणा
Vice President: वीर चतरथ
Secretary: नम्रता चौधरी
Joint Secretary: गोपाल चौधरी
विनोद जाखड़ ने जारी किया बयान
NSUI के कैंडिडेट के ऐलान के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर पैनल के उम्मीदवारों के लिए छात्रों से समर्थन की अपील की. उन्होंने कहा कि NSUI का पैनल छात्रों की आवाज को मजबूत करने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने के संकल्प के साथ चुनाव मैदान में उतरा है. जाखड़ ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार वीर चतरथ, सचिव पद की उम्मीदवार नम्रता चौधरी और सह-सचिव पद के उम्मीदवार गोपाल चौधरी को समर्थन देने की अपील की. उन्होंने कहा कि छात्रों का वोट उनकी आवाज को मजबूती देगा और छात्रहितों की लड़ाई को आगे बढ़ाएगा.
टिकट कटने के बाद क्या हुआ?
टिकट न मिलने के बाद दीपांशु शौकीन के बागी तेवर हो गए हैं. NSUI की लिस्ट में वो मजबूत दावेदार माने जा रहे थे. टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी साफ देखने को मिल रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
NSUI के वोटों में बंटवारे की संभावना
DUSU चुनाव में NSUI के सामने बागी उम्मीदवारों ने चुनौती बढ़ा दी है. चार प्रमुख पदों में से तीन पर NSUI से अलग होकर उम्मीदवार मैदान में हैं. अध्यक्ष पद पर समर्थ बेनीवाल, उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन और सह सचिव पद पर विशेष यादव चुनाव लड़ रहे हैं. इन उम्मीदवारों के मैदान में होने से NSUI के वोटों में बंटवारे की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में इसका फायदा कहीं न कहीं ABVP को मिल सकता है और मुकाबला उसके लिए कुछ आसान होने की उम्मीद है.
कब होगा चुनाव?
DUSU चुनाव के लिए इस बार उम्मीदवारों के पास प्रचार के लिए ज्यादा समय नहीं है. चुनाव में 14, 15 और 16 सितंबर प्रचार के लिहाज से सबसे व्यस्त दिन रहेंगे, जब सभी छात्र संगठन अपनी पूरी ताकत झोंकेंगे. 17 सितंबर को प्रचार पर रोक रहेगी. इस दौरान सोशल मीडिया भी उम्मीदवारों और संगठनों के लिए प्रचार का अहम माध्यम बनेगा. 18 सितंबर को मतदान होगा, जबकि 19 सितंबर को वोटों की गिनती की जाएगी.