दिल्ली में Satya Niketan हादसे पर NSUI का DU में प्रदर्शन, VC के इस्तीफे की मांग
दिल्ली विश्वविद्यालय में सत्य निकेतन हादसे को लेकर NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. NSUI ने DU के कुलपति पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है.
Delhi News: सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने के बाद NSUI ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. योगेश सिंह के एक कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध किया. NSUI ने DU VC पर स्टूडेंट्स और हादसे से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के प्रति सेंसिटिविटी की कमी का आरोप लगाया और उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की. विरोध के दौरान, स्टूडेंट्स ने सवाल किया कि सत्य निकेतन हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा. इस हादसे में पांच छात्र समेत कुल सात लोगों की जान चली गई.
आर्ट्स फैकल्टी के पास हुए प्रदर्शन में NSUI कार्यकर्ताओं ने छात्र सुरक्षा और हॉस्टल सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि सत्या निकेतन त्रासदी के बाद छात्र और उनके परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में कुलपति का कार्यक्रम में शामिल होना संवेदनहीनता को दर्शाता है. उन्होंने सवाल किया कि कुलपति ने प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से कितनी बार मुलाकात की.
NSUI का आरोप है कि DU में पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने के कारण छात्र असुरक्षित निजी आवासों में रहने को मजबूर हैं. संगठन ने हादसे की तत्काल जांच, जिम्मेदारी तय करने, हॉस्टल और निजी छात्र आवासों का सुरक्षा ऑडिट कराने तथा सुरक्षित और किफायती हॉस्टल उपलब्ध कराने की मांग की है.
सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG हॉस्टल बिल्डिंग गिरने के बाद छात्र संगठन का विरोध जारी है. लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन के अलावा, NSUI और ABVP भी छात्रों की सुरक्षा को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं. विरोध करने वाले संगठन की मुख्य मांगों में इलाके के छात्र के लिए सही हॉस्टल का इंतजाम और हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को सही मुआवजा देना शामिल है.
VC ने हादसे पर दुख जताया
6 सितंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के VC प्रो. योगेश सिंह ने साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में PG हॉस्टल बिल्डिंग गिरने में DU स्टूडेंट्स की मौत पर दुख जताया. इसके बाद, उन्होंने कॉलेज प्रिंसिपल्स की एक बैठक भी बुलाई. बैठक की शुरुआत हादसे में जान गंवाने वाले स्टूडेंट्स को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई.
प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना दिल्ली यूनिवर्सिटी के लिए एक बड़ा झटका है. उन्होंने ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया.
हॉस्टल सुविधाओं का रिव्यू करने के निर्देश
VC ने कॉलेज प्रिंसिपल्स को मौजूदा स्टूडेंट हाउसिंग की स्थिति का रिव्यू करने और जो अभी बन रहे हैं, उन्हें तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया. उनसे नए हॉस्टल बनाने की संभावना पर भी विचार करने को कहा गया. उन्होंने कॉलेजों से स्टूडेंट हाउसिंग सुविधाओं को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा छात्र को सुरक्षित रहने की जगह देने के लिए उपलब्ध जमीन, सरकारी योजनाओं और दूसरे संसाधनों का आकलन करने को कहा.
प्रो. योगेश सिंह ने यह भी भरोसा दिलाया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी हादसे से प्रभावित स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को हर मुमकिन मदद देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी.
(दिल्ली से नसीम अहमद की रिपोर्ट)