Delhi सत्य निकेतन हादसे में 27 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, अब तक कितनी परतें खुली?
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 27 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद 7 लोगों की मौत और 5 घायल होने की पुष्टि हुई, जबकि पुलिस ने बिल्डिंग मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
Delhi Satya Niketan Accident News: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद लगभग 27 घंटे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं. घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल को गिरफ्तार कर लिया.
सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत
पुलिस के मुताबिक, मरने वालों में पांच छात्र शामिल हैं. उनकी पहचान अभिषेक (20), युवराज सोनी (20), पवन (17), अर्पित जहाज (19) और अक्षत सिंह यादव (18) के तौर पर हुई है. एक 75 साल के मजदूर सुरिंदर सिंह की भी मौत हो गई. मरने वालों में से एक की पहचान नहीं हो पाई है. मरने वाले छात्र उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आए थे.
हादसे मे पांच लोग घायल, तीन की हालत गंभीर
हादसे में असगर अली (30), नीरज बावा (19), आदित्य कुमार (19), नीतीश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) घायल हो गए. सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. पुलिस के मुताबिक, घायलों में से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है. बिल्डिंग गिरने के बाद राहत और बचाव एजेंसियां लगातार मलबा हटाने में लगी रहीं. करीब 27 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हुआ.
बिल्डिंग मालिक समेत उसकी पत्नी और बेटा गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, उसे राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया. हादसे के बाद से ही उसकी तलाश थी.
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पालम विहार में उसके घर पर छापा मारा, लेकिन वह वहां नहीं मिला. इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और करीबी लोगों की तलाश शुरू कर दी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह भिवाड़ी में है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. हरिराम बंसल के बाद उसकी पत्नी उर्मिला और बेटा महेश बंसल को भी गिरफ्तार कर किया गया. बेटे और हरिराम के नाम बिजली कनेक्शन है, जबकि पत्नी उर्मिला के नाम प्रॉपर्टी है.
MCD के पांच अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले में MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अधिकारियों को सस्पेंड करने की घोषणा की. सरकार ने दिल्ली में बिना इजाजत बनी पांच मंजिला इमारतों को तुरंत सील करने का भी आदेश दिया है.
सत्य निकेतन में गिरने बिल्डिंग वाली के साथ वाली इमारत को भी गिराने के आदेश जारी की गए हैं. MCD जल्द ही कार्रवाई करेगी. इसके अलावा, सत्य निकेतन के आसपास बने PG और दूसरी इमारतों की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जांच के दौरान नियम तोड़ने पर सीलिंग समेत सख्त कार्रवाई की जाए.
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी मांगा जवाब
सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई की. याचिका में PG हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल होने वाली इमारतों में सुरक्षा और नियमों के पालन का मुद्दा उठाया गया. कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी और नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और MCD की तरफ से कोर्ट में पेश होंगे. कोर्ट ने इस घटना को बहुत बुरा बताया और अगली सुनवाई 25 सितंबर के लिए तय की.
PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली में प्राइवेट PG और हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल होने वाली इमारतों में सुरक्षा के इंतजाम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि ऐसी घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं, जिससे अक्सर स्टूडेंट्स की मौत हो जाती है. याचिका में MCD और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए गए हैं और बिल्डिंग्स को सुरक्षित रखने और PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पक्का करने के लिए असरदार कदम उठाने की मांग की गई है.
पुलिस अभी हादसे के कारणों और बिल्डिंग से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रही है. प्रशासन ने भी आसपास की बिल्डिंग्स और PG में जांच अभियान शुरू किया है. सरकार ने साफ किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति या अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.