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पुरानी दिल्ली की बदलेगी तस्वीर! लाल किला-जामा मस्जिद से कश्मीरी गेट तक नया लुक, जानें 3.3 KM के हेरिटेज कॉरिडोर का पूरा डिजाइन और प्लान

दिल्ली सरकार नेताजी सुभाष मार्ग के 3.3 किलोमीटर लंबे हिस्से को हेरिटेज कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी में है, जहां फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, पार्किंग, हरित क्षेत्र और 12 ऐतिहासिक एवं सार्वजनिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ा जाएगा.

Written By Renu Akarniya
Published: Nov 01, 2026, 04:44 PM IST | Updated: Nov 01, 2026, 04:59 PM IST
Image Credit: AI IMAGE
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दिल्ली सरकार राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक और व्यस्त मार्गों में शामिल नेताजी सुभाष मार्ग को नए स्वरूप में विकसित करने की योजना तैयार कर रही है. इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN) की इस पुनर्विकास परियोजना में दिल्ली गेट से कश्मीरी गेट तक (करीब 3.3 किलोमीटर) सड़क को अधिक व्यवस्थित, सुंदर, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है. योजना में सड़क के सौंदर्यीकरण के साथ आसपास के ऐतिहासिक स्मारकों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को भी एक-दूसरे से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार का प्रयास है कि यह मार्ग आवागमन के साधन के साथ-साथ दिल्ली के इतिहास, विरासत, स्थापत्य, संस्कृति और आधुनिक शहरी जीवन के बीच एक जीवंत सेतु के रूप में विकसित हो.

प्रस्तावित कॉरिडोर तीन श्रेणियों में बांटा गया
प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली गेट से शुरू होकर कश्मीरी गेट तक जाएगा. सौंदर्यीकरण को सड़क की उपलब्ध चौड़ाई के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहले हिस्से में कश्मीरी गेट से जीपीओ चौक तक रखा गया है. यह इस कॉरिडोर की सबसे व्यस्त सड़क है और इसकी चौड़ाई 12 से 24 मीटर है. दूसरे हिस्से में जीपीओ से ब्रिज मोहन चौक (जामा मस्जिद की ओर जाने वाला चौराहा) की सड़क को रखा गया है. इसकी औसत चौड़ाई 45 मीटर है. तीसरे हिस्से में ब्रिज मोहन चौक से दिल्ली गेट चौराहे की सड़क रखी गई है. इसकी औसत चौड़ाई 16.8 से 26 मीटर है.

इस कॉरिडोर के इन तीनों हिस्सों में सड़क की चौड़ाई व अन्य उपलब्धताओं को ध्यान में रखते हुए. यातायात के साथ पैदल और गैर-मोटर चालित परिवहन को भी पर्याप्त स्थान देने की व्यवस्था की गई है. इनमें फुटपाथ, बस लेन और मोटर वाहन लेन के अलावा पार्किंग व्यवस्था, पैदल प्लाजा, साइकिल ट्रैक आदि शामिल है. इसके अलावा इस सड़क के दोनों ओर आधुनिक शौचालयों का निर्माण होगा और बस स्टॉप्स को अपग्रेड किया जाएगा. इन व्यवस्थाओं का आधार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से मौजूदा स्ट्रीटस्केप परियोजना के लिए साझा किए गए डिजाइन दिशा-निर्देश शामिल हैं.

ऐतिहासिक और हरित स्थलों को जोड़ने पर बल
परियोजना की प्रमुख विशेषता नेताजी सुभाष मार्ग के आसपास मौजूद ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक महत्व के स्थलों को एक समग्र स्वरूप में विकसित करना है. इसके अंतर्गत लाल किला, जामा मस्जिद, सेंट जेम्स चर्च, कश्मीरी गेट का क्षेत्र, लालकिला से जुड़ा चांदनी चौक का चौराहा, सुभाष पार्क, हिंदी पार्क, आईजीटी यूनिवर्सिटी, अग्रसेन पार्क, सुनहरी मस्जिद जैसे प्रमुख स्थलों को कॉरिडोर की योजना में शामिल किया गया है.

साथ ही अग्रसेन पार्क, लोथियान कब्रिस्तान, पुराना रेलवे स्टेशन चौक, लाल किला ग्रीन पॉकेट, लाल किले का दशहरा मेला स्थल, चांदनी चौक-लालकिला चौक, सुनहरी मस्जिद बाग, सुभाष पार्क, ब्रिज मोहन चौक, दिल्ली गेट चौक, एकता स्थल और हिंदी पार्क सहित 12 प्रमुख स्थानों और हरित क्षेत्रों के एकीकरण का प्रस्ताव है. इससे मार्ग के आसपास उपलब्ध हरित स्थानों को बेहतर ढंग से विकसित करने और शहर के इस ऐतिहासिक हिस्से को अधिक आकर्षक बनाने की परिकल्पना की गई है.

दिल्ली गेट पर बनेगा विरासत परिचय पार्क
योजना में दिल्ली गेट के आसपास के क्षेत्र को विशेष रूप से विकसित करने का प्रस्ताव है. यहां विरासत परिचय उद्यान (हेरिटेज इंटरप्रिटेशन पार्क) विकसित करने की परिकल्पना की गई है. यहां प्रतिमा, आकर्षक मंडप (पैवेलियन), हरित क्षेत्र, पैदल आवागमन और पार्किंग की व्यवस्था रखी गई है. पार्क के डिजाइन में हरियाली, सजावटी पौधों, वृक्षों और विरासत से जुड़े स्थापत्य तत्वों को प्रमुखता दी गई है. सुभाष मार्ग के सौंदर्यीकरण के प्रस्तावित सौंदर्यीकरण में सड़क के दोनों ओर पेड़-पौधे, फूलों की क्यारियां, हरित डिवाइडर और आकर्षक स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था प्रस्तावित है. इसके अलावा सजावटी दीवारें, बैठने के लिए व्यवस्थित स्थान तथा विरासत की पहचान दर्शाने वाले डिजाइन शामिल किए गए हैं. सड़क पर पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निर्धारित क्रॉसिंग, ट्रैफिक सिग्नल और सुव्यवस्थित जंक्शन भी बनाए जाएंगे.

ऐतिहासिक पहचान और आधुनिक सुविधाएं भी: CM रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री व इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN) की चेयरमैन रेखा गुप्ता रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली केवल देश की राजधानी नहीं, बल्कि सदियों के इतिहास, गौरवशाली विरासत, विविध संस्कृति और जीवंत परंपराओं की पहचान भी है. पुरानी दिल्ली का क्षेत्र इस ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां लाल किला, जामा मस्जिद, चांदनी चौक, सुभाष पार्क और कश्मीरी गेट जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल हमारी समृद्ध विरासत की कहानी कहते हैं. नेताजी सुभाष मार्ग का पुनर्विकास इसी ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए राजधानी को आधुनिक शहरी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. हमारी परिकल्पना है कि विकास के नाम पर दिल्ली की ऐतिहासिक आत्मा और सांस्कृतिक पहचान से कोई समझौता न हो, बल्कि आधुनिक सुविधाएं उसकी विरासत को और अधिक गौरव एवं गरिमा प्रदान करें.ॉ

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(तान्या चुघ की रिपोर्ट) 

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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