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40 हजार की फिरौती के लिए किया बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 5 हजार के जाल में आरोपी को दबोचा

दिल्ली के ज्योति नगर थाना पुलिस ने फिरौती के लिए 13 साल के बच्चे के अपहरण के मामले को सुलझा लिया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है. साथ ही फिरौती के 5 हजार रुपये, मोबाइल फोन और अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी जब्त की है.

Written By Akanchha Singh
Published: Nov 01, 2026, 01:44 PM IST | Updated: Nov 01, 2026, 01:46 PM IST
Image Credit: Zee Media File Photo
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ज्योति नगर पुलिस स्टेशन ने फिरौती के लिए अपहरण के मामले को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही बच्चे को सुरक्षित बचा लिया और फिरौती की 5,000 रुपये मोबाइल फोन और अपहरण में प्रयुक्त स्कूटी को भी बरामद कर लिया है. पुलिस ने बताया कि 30 अक्टूबर को शाम लगभग 07.14 पर ज्योति नगर पुलिस स्टेशन को 13 साल की नाबालिग लड़के के अपहरण की सूचना मिली. शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका बेटा कुछ सामान खरीदने बाहर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा. इसके बाद उसे एक अनजान व्यक्ति का फोन आया, जिसने उसके बेटे को सुरक्षित छोड़ने के बदले 40 हजार रुपये की फिरौती मांगी.

कैसे लगाया बच्चे का पता? 

इस सूचना पर ASI गजराज सिंह और हेड कांस्टेबल अमित तोमर दिल्ली के पूर्वी गोकलपुर इलाके की अमर कॉलोनी पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की. इसके साथ ही ज्योति नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई. आरोपी को गिरफ्तार करने और बच्चे को बरामद करने के लिए एसीपी गोकलपुरी, तनवीर अशरफ की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने तुरंत गहन जांच शुरू की. तकनीकी सबूत जुटाए और अगवा किए गए बच्चे का पता लगाने और आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की.

5 हजार किए गए ट्रांसफर

जांच के दौरान अपहरण करने वाले ने शिकायतकर्ता से फिर संपर्क किया और फिरौती की मांग की. आरोपी का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने उसे फिरौती के लेन-देन में उलझाए रखा. हालांकि, नकद लेने के बजाय, आरोपी ने यूपीआई के जरिए पैसे लेने पर जोर दिया और एक बारकोड साझा किया. इसके बाद एक पुलिस अधिकारी के खाते से उस यूपीआई बारकोड पर 5,000 रुपये ट्रांसफर किए गए.

तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस टीम करावल नगर थाना क्षेत्र के एक साइबर कैफे तक पहुंची. ये कैफे दिल्ली के करावल नगर स्थित प्रेम नगर के रहने वाले सुनील सैनी द्वारा चलाया जा रहा था. पूछताछ के दौरान कैफे मालिक ने बताया कि लगभग 21-22 साल का एक युवक एक नाबालिग बच्चे के साथ उसके कैफे में आया था. उसने 50 रुपये के कमीशन के बदले 5,000 रुपये प्राप्त करने के लिए बारकोड का इस्तेमाल किया था.

बच्चे की हुई पहचान

साइबर कैफे के सीसीटीवी फुटेज की तुरंत जांच की गई, जिसमें शिकायतकर्ता ने अपने अपहृत बेटे को पहचान लिया. आरोपी की पहचान पक्की करने और उसे पकड़ने के लिए उसी यूपीआई बारकोड के जरिए 5,000 रुपये का एक और लेन-देन किया गया. कुछ ही समय में आरोपी फिरौती की रकम नकद लेने के लिए अपहृत बच्चे के साथ वापस साइबर कैफे पहुंच गया.

कैफे मालिक की मदद आरोपी पकड़ा गया

कैफे मालिक की मदद और पहचान के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ लिया. आरोपी की पहचान आकाश (22), निवासी लोनी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई. पुलिस ने उसके कब्जे से अपहृत नाबालिग बच्चे को सुरक्षित बचा लिया. आरोपी ने बताया कि वो सदर बाजार इलाके में डिलीवरी हेल्पर के तौर पर काम करता था और अपने चचेरे भाई के जरिए पीड़ित को जानता था. उसने कथित तौर पर नाबालिग लड़के को अपनी स्कूटी पर बैठाकर बहला-फुसला लिया और बाद में पीड़ित की मां को फोन करके फिरौती मांगी.

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Input- IANS

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About the Author

जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
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