Delhi जल बोर्ड बदलेगा सीवर सिस्टम: 8 जोन में बंटेगी राजधानी, रोबोट से होगी सीवर की सफाई
दिल्ली जल बोर्ड ने सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ₹17,969 करोड़ की 10 साल की योजना समेत कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इससे सीवर नेटवर्क और मेंटेनेंस में काफी बदलाव लाएगा.
Delhi News: दिल्ली जल बोर्ड ने राजधानी में सीवर और पानी सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कई जरूरी प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. बोर्ड ने ₹17,969.93 करोड़ के 10 साल के सीवर सुधार प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. यह प्लान दिल्ली के सीवर नेटवर्क के ऑपरेशन और मेंटेनेंस में काफी बदलाव लाएगा.
दिल्ली 8 जोन में बटेगी और "एक जोन, एक ऑपरेटर" सिस्टम होगा लागू
इस प्लान में दिल्ली को आठ जोन में बांटने और "एक जोन, एक ऑपरेटर" सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है. इसके मुताबिक, हर जोन में पूरे सीवर नेटवर्क के लिए एक ही ऑपरेटर जिम्मेदार होगा. सीवर की सफाई में मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें 100% मैकेनिकल और रोबोटिक सीवर सफाई, जियो-टैग्ड इंस्पेक्शन और सेंट्रल कमांड सेंटर के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग शामिल है.
साउथ दिल्ली का पानी सप्लाई सिस्टम होगा मजबूत
दिल्ली जल बोर्ड ने साउथ दिल्ली में पानी सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ₹6,044 करोड़ के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है. इस प्रोजेक्ट से लगभग 247 वर्ग किलोमीटर और लगभग 2.44 लाख घरेलू कंज्यूमर्स को फायदा होने की उम्मीद है.
इसके अलावा, राजधानी में सीवेज ट्रीटमेंट कैपेसिटी बढ़ाने के लिए 13 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने के लिए टेंडर मंजूर किए गए हैं. इन प्रोजेक्ट्स का मकसद कुल 328 MGD एक्स्ट्रा सीवेज ट्रीटमेंट कैपेसिटी जोड़ना है. इसकी अनुमानित लागत ₹7,373 करोड़ है.
वजीराबाद में बनेगा नया वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट
वजीराबाद वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए ₹1,214.58 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है. इस प्रोजेक्ट से एक नया 80 MGD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) बनेगा. एक ऑटोमेटेड रॉ वॉटर इनटेक सिस्टम और 15 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) प्लान भी प्रपोज्ड है.
पानी और सीवरेज सर्विस के लिए नए टैरिफ और मीटरिंग रेगुलेशन 2026 को भी मंजूरी मिल गई है. दिल्ली में 25 वॉटर इमरजेंसी सेंटर को फिर से बनाने के लिए ₹65.49 करोड़ की रकम मंजूर की गई है.
पानी के कनेक्शन और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग पर जोर
नए सिस्टम के तहत, बिल्डिंग की ऊंचाई चाहे जो भी हो, कुछ शर्तों को पूरा करने पर अलग-अलग पानी के कनेक्शन मिलेंगे. हालांकि, 17.5 मीटर से कम ऊंचाई वाले कंज्यूमर्स को पानी का सही स्टोरेज करना होगा.
रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए छूट का भी प्रस्ताव है. इन प्लान का मकसद दिल्ली की पानी और सीवरेज सर्विस को टेक्नोलॉजी के हिसाब से ज्यादा एडवांस, मॉनिटर किया हुआ और ऑर्गनाइज्ड बनाना है.
(दिल्ली से तान्या चूग की रिपोर्ट)