SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

Delhi HC से नीरज बवानिया को राहत, मिली 6 घंटे की कस्टडी पैरोल; जानें वजह

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीरज बवानिया को पत्नी और नवजात बच्चे से मिलने के लिए 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी है. तय अवधि में उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच घर और अस्पताल जाने की अनुमति होगी.

Written By Renu Akarniya
Published: Sep 16, 2026, 04:23 PM IST | Updated: Sep 17, 2026, 07:47 AM IST
Image Credit: Delhi HC से नीरज बवानिया को राहत, मिली 6 घंटे की कस्टडी पैरोल
Join

Delhi News: दिल्ली हाईकोर्ट ने नीरज सेहरावत उर्फ नीरज बवानिया को 6 घंटे की कस्टडी पैरोल का आदेश दिया है. कोर्ट ने उसके परिवार के मौजूदा हालात को देखते हुए यह राहत दी है. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उसे गुरुवार यानी कि 17 सितंबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस कस्टडी में अपने परिवार से मिलने की इजाजत दी गई थी.

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, इस दौरान नीरज बवानिया को दिल्ली के हरि नगर में उसके घर ले जाया जाएगा, जहां वह अपनी पत्नी से मिल सकेंगे. उसे अस्पताल जाने की भी इजाजत दी गई है, जहां उसके नए जन्मे बच्चों का इलाज चल रहा है. इस दौरान वह पुलिस की निगरानी में रहेंगे.

नए जन्मे बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मांगी गई राहत
कोर्ट को दी गई जानकारी के मुताबिक, नीरज बवानिया की पत्नी की 14 अगस्त 2026 को इमरजेंसी सर्जरी हुई थी. इसके बाद, उन्होंने लगभग 27 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में तीन बच्चों को जन्म दिया. एक बच्चे की जन्म के तुरंत बाद मौत हो गई, जबकि बाकी दो नए जन्मे बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा था. कोर्ट से कहा गया कि एक बच्चे को NICU में और दूसरे को CPAP सपोर्ट पर रखा जाए.

नीरज बवानिया ने अपने परिवार और मेडिकल हालात का हवाला देते हुए अंतरिम बेल मांगी थी. हालांकि, तुरंत अंतरिम बेल देने के बजाय, कोर्ट ने कुछ समय के लिए कस्टडी पैरोल दे दी. कोर्ट ने इस मामले पर दिल्ली पुलिस से डिटेल्ड रिपोर्ट भी मांगी.

कस्टडी पैरोल क्या है?
कस्टडी पैरोल में किसी व्यक्ति को पुलिस प्रोटेक्शन और सर्विलांस में कुछ समय के लिए जेल से रिहा किया जाता है. उस व्यक्ति को आजादी से घूमने-फिरने की इजाजत नहीं होती. इस मामले में हाईकोर्ट ने 6 घंटे का समय तय किया था और परिवार से मिलने और अस्पताल जाने की इजाजत दी.

पहले भी मिल चुकी है कस्टडी पैरोल
नीरज बवानिया को पहले भी परिवार और मेडिकल हालात के आधार पर कस्टडी पैरोल दी जा चुकी है. जून 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी पत्नी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दो दिन की कस्टडी पैरोल दी थी. इस दौरान उसे अस्पताल में पत्नी से मिलने और डॉक्टरों से सलाह लेने की इजाजत दी गई है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES