SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

Delhi में 10 रुपये के फटे नोट पर विवाद, Flipkart डिलीवरी बॉय की मौत; पुलिस कार्रवाई पर सवाल

कल्याणपुरी में डिलीवरी बॉय समीर की मौत एक दुखद घटना है. 10 रुपये के फटे नोट को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस की कार्रवाई और न्याय की मांग से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

Written By Renu Akarniya
Published: Oct 21, 2026, 05:15 PM IST | Updated: Oct 21, 2026, 05:35 PM IST
Image Credit: AI IMAGE
Join

पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है. जहां फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय समीर की कीटनाशक पीने के बाद मौत हो गई. आरोप है कि पार्सल डिलीवर करने के बाद महज 10 रुपये के फटे नोट को बदलने को लेकर हुए विवाद में ग्राहक ने समीर के साथ मारपीट की थी. इस घटना से आहत होकर समीर ने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि समीर ने अपने साथ हुई घटना की शिकायत कल्याणपुरी थाने में भी की थी. मगर अब आरोप लग रहे है कि शिकायत पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई. इतना ही नहीं समीर ने कीटनाशक पीने से पहले एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उसने अपने साथ हुई घटना का जिक्र किया और इंसाफ मिलने की उम्मीद जताई.

अब समीर की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर 10 रुपये के फटे नोट को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना गंभीर कैसे हो गया? क्या समीर की शिकायत पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की थी?  सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या समीर के परिवार को इंसाफ मिल पाएगा?

दिनभर मेहनत करना, लोगों के घरों तक पार्सल पहुंचाना और अपने परिवार का पेट पालना यही एक डिलीवरी बॉय की रोजमर्रा की जिंदगी होती है. मगर पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी में रहने वाले समीर के साथ जो हुआ, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि फ्लिपकार्ट का पार्सल डिलीवर करने के बाद समीर का एक ग्राहक के साथ 10 रुपये के फटे नोट को बदलने को लेकर विवाद हो गया. इसी विवाद के दौरान समीर के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है.

बताया जा रहा है कि इस घटना से समीर इतना आहत हुआ कि उसने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया. इसके बाद उसकी मौत हो गई. एक मामूली रकम को लेकर शुरू हुए विवाद का इस तरह दुखद अंत हो जाना बेहद गंभीर मामला है.

परिजनों और मामले से जुड़े आरोपों के मुताबिक, समीर ने कल्याणपुरी थाने में भी शिकायत दी थी. अब सवाल उठ रहे हैं कि अगर समीर ने पुलिस से मदद मांगी थी तो उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई? क्या मामले की गंभीरता को समय रहते समझा गया था?

हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और शिकायत से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि और निष्पक्ष जांच जरूरी है. आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.

समीर की मौत के बाद अब उसके परिवार के सामने अपनों को खोने का गहरा दुख है, वहीं इस मामले में न्याय की उम्मीद भी बनी हुई है.

इस घटना ने डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर सामान पहुंचाने के लिए घर-घर जाने वाले डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा? विवाद की स्थिति में उन्हें समय पर मदद कैसे मिलेगी?

फिलहाल इस मामले में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच और पुलिस की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बेहद जरूरी है.  अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और समीर के परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं. 

ये भी पढ़ें: Delhi के ओल्ड राजेंद्र नगर में UPSC छात्र ने किया आत्महत्या, सुसाइड नोट बरामद; पढ़ाई से डिप्रेशन में था

(सचिन बिड़लान की रिपोर्ट)

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES