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दिल्ली के जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल खत्म हो गई है. ये प्रोटेस्ट 2 पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद खत्म हुई है. हड़ताल पुलिसकर्मियों पर वकीलों के साथ गलत व्यवहार के आरोपों में की जा रही थी. वहीं आक्रोशित वकील ACP और SHO के निलंबन के साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे. दिल्ली पुलिस, दिल्ली बार काउंसिल और बार एसोसिएशनों की बैठक में सभी पक्षों पर सहमति बन गई है. इसके बाद ही हड़ताल को खत्म करने का फैसला लिया गया. इस तरह संबंधित अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी होते ही वकील मान गए हैं.
सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति के सचिव तरुण राणा के अनुसार, पुलिस और बार प्रतिनिधियों के बीच बैठक हो चुकी है. इस दौरान कई बातों पर सहमति बनी है. इतना ही नहीं समिति ने वकीलों को तत्काल न्यायिक काम को शुरू करने अपील की है.
सचिव तरुण राणा के अनुसार, बैठक में जो सहमति बनी थी उसके बाद दिल्ली पुलिस ने शाहदरा थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला सुरक्षा यूनिट में कर दिया है. इसके अलावा गांधी नगर के एसडीपीओ के पद पर तैनात एसीपी मनस्वी वशिष्ठ का तबादला महिला एवं बाल विशेष पुलिस यूनिट (एसपीयूडब्ल्यूएसी) में कर दिया गया है. इन दो पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद वकील मान गए हैं.
पुलिस मुख्यालय ने दोनों अधिकारियों के ट्रांसफर के आदेश जारी कर दिए हैं. समिति के अनुसार, शाहदरा बार एसोसिएशन के सदस्यों की तरफ से संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई. वहीं इन शिकायतों की जांच दो महीने के अंदर पूरी की जाएगी. शाहदरा में शिकायत दर्ज नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने पर भी सहमति बन गई है.
दिल्ली के सारे जिला अदालतों में वकीलों ने मंगलवार को हड़ताल शुरू कर दी थी. वकील पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए एसीपी मनस्वी वशिष्ठ, एसएचओ अरुण कुमार और शाहदरा थाने के अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे. इसका अलावा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई थी. दोनों अधिकारियों के तबादलों के बाद पुलिस और वकीलों के बीच चल रहा विवाद खत्म होने गया है.