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Delhi News: दिल्ली में 11 सितंबर से 18 वां BRICS शिखर सम्मेलन शुरू होने वाला है. इसे लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. ये सम्मेलन दो दिन तक चलने वाला है. इसमें BRICS के 11 सदस्य देशों और 10 सहयोगी देशों के प्रतिनिधियों और राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है. वहीं विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तैयारी की है. अधिकारियों ने जानकारी दी कि सुरक्षा व्यवस्था 2023 में हुए G20 शिखर सम्मेलन की तरह ही कड़ी रखी जाएगी.
25 हजार सुरक्षाकर्मी संभालेंगे कमान
BRICS सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी. इसमें दिल्ली पुलिस के अलावा अलग-अलग सुरक्षाबलों के जवान भी शामिल होंगे. वहीं अगर जरूरत पड़ी तो CRPF, ITBP, BSF और RAF के 10 हजार से ज्यादा जवानों को भी शामिल किया जाएगा. इन जवानों को स्टैंडबाय पर रखा जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में कार्रवाई की जा सके.
जहां मेन कार्यक्रम होगा भारत मंडपम और विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों पर खास नजर रखी जाएगी. वहीं सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी बड़े पुलिस अधिकारियों को दी गई है. करीब 30 DCP रैंक के अधिकारियों को अलग-अलग महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात किया गया है. इनमें भारत मंडपम और उसके आसपास कम से कम 10 DCP लेवल के अधिकारी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था संभालेंगे.
100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों और दूसरे VIP मेहमानों की सुरक्षा के लिए 100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात किए गए हैं. इनके साथ दिल्ली पुलिस की SWAT टीम भी सुरक्षा में मौजूद रहेगी. सुरक्षा एजेंसियां भारत मंडपम, होटल और दूसरे महत्वपूर्ण जगहों पर नजर बनाए रहेगी. एयरपोर्ट से होटल और कार्यक्रम वाली जगह तक VIP काफिलों की आवाजाही को लेकर कई बार रिहर्सल भी की जा चुकी है. पिछले 10 दिनों में अलग-अलग जगहों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए लगभग 5 मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई हैं.
एंटी-ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर भी तैनात
सुरक्षा अधिकारियों ने सारे कार्यक्रम वाली जगहों, होटलों और VIP काफिलों के अलग-अलग कोड वर्ड भी तय किए गए हैं. सुरक्षा की व्यवस्था को कई सेक्टरों में बांटा गया है. साथ ही हर सेक्टर की जिम्मेदारी DCP या एडिशनल DCP स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है.
सम्मेलन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांट दिया गया है. सेंट्रल दिल्ली के महत्वपूर्ण जगहों पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा स्नाइपर और एंटी-सबोटेज टीमों को भी तैनात किया गया है.आसमान से किसी भी तरह के संभावित खतरे पर नजर बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.
दो कमांड रूम से होगी निगरानी
इतना ही नहीं सुरक्षा ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए दो कमांड रूम बनाए गए हैं, जिनमें से एक भारत मंडपम और दूसरा दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बनाया गया है. इन रूम में कार्यक्रम वाली जगह, होटलों और वीआईपी काफिलों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी.
11 सितंबर से उन 11 मेन होटलों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई जाएगी, जहां पर विदेश से आए मेहमानों के ठहरने की उम्मीद है. हर होटल के लिए NSG अधिकारियों की निगरानी में अलग सुरक्षा टीम तैनात की गई है. अधिकारियों के अनुसार, रूस और चीन से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों के काफिले सबसे बड़े हो सकते हैं.
लुटियंस दिल्ली की कई सड़कें रहेंगी बंद
BRICS सम्मेलन के कारण लुटियंस दिल्ली की तरफ जाने वाली कई मेन सड़कों पर शनिवार और रविवार को आवाजाही प्रभावित रहेगी. उन रास्तों पर पुलिस वाले तैनात रहेंगे. साथ ही बिना परमिशन की गाड़ियों और लोगों की आवाजाही को रोका जाएगा.
वहीं सेंट्रल और लुटियंस दिल्ली में BNSS की धारा 163 पहले ही लागू की जा चुकी है. सम्मेलन के दौरान शनिवार और रविवार को इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा. इसके तहत पब्लिक प्लेस पर लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक रहेगा.
वहीं सेंट्रल और लुटियंस दिल्ली में BNSS की धारा 163 पहले ही लागू की जा चुकी है. सम्मेलन के दौरान शनिवार और रविवार को इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा. इसके तहत पब्लिक प्लेस पर लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक रहेगा.
35 रास्तों पर ट्रैफिक का असर
BRICS सम्मेलन को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी खास तैयारी की गई है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 ऐसे रास्तों की पहचान की है, जहां BRICS से जुड़े कार्यक्रमों और वीआईपी काफिले की वजह से यातायात प्रभावित हो सकता है.
इन रास्तों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है. ट्रैफिक पुलिस ने करीब 22 रास्तों पर डायवर्जन की व्यवस्था भी तैयार की है. VIP काफिलों की आवाजाही के समय जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोका या दूसरे रास्तों पर भेजा जा सकता है.
एक महीने पहले शुरू हुई थी तैयारी
दिल्ली पुलिस ने BRICS सम्मेलन की तैयारियां लगभग 1 महीने पहले ही शुरू कर दी थीं. सुरक्षा एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा प्लान तैयार किया गया. इसके अलावा दिल्ली से सटे राज्यों के अधिकारियों के साथ भी कई दौर की बैठकें हुईं. हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ के बड़े अधिकारियों के साथ बैठकों में बॉर्डर चेकिंग, संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच, खुफिया जानकारी शेयर करने और ड्रोन की निगरानी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी संदिग्ध लोगों और गाड़ियों से जुड़ी जानकारी दिल्ली पुलिस के साथ शेयर करने के निर्देश दिए गए हैं. इस तरह दिल्ली के साथ-साथ आसपास के राज्यों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है. कुल मिलाकर, BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा का एक मल्टी-लेयर्ड सिस्टम तैयार किया गया है. पुलिस, NSG, अर्धसैनिक बलों और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए विदेशी मेहमानों की सुरक्षा और सम्मेलन को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने की तैयारी की गई है.