)
छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संरचनाओं के सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने अपरीक्षित नवीन मद के अंतर्गत सरगुजा संभाग और आसपास के जिलों की 36 विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 146 करोड़ 43 लाख 95 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है. इस फैसले से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB), कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सरगुजा और जशपुर जिलों की कृषि व्यवस्था में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है.
स्वीकृत बजट के जरिए संभाग भर में कई नए एनीकट, स्टापडेम और जलाशयों का निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही लंबे समय से जर्जर पड़ी पुरानी नहरों के जीर्णोद्धार, सीसी चैनल निर्माण, बांधों के उन्नयन और जल संवर्धन कार्यों को गति दी जाएगी. विभाग ने सिंचाई परियोजनाओं के अलावा कुनकुरी और पत्थलगांव में विभागीय कार्यालय एवं आवासीय भवनों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए भी अलग से बजट स्वीकृत किया है.
किसानों को मिलने वाले 5 बड़े फायदे
सिंचाई क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी: क्षेत्र में सैकड़ों हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि तक पहली बार सीधे पानी पहुंचेगा. अकेले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में 800 हेक्टेयर से अधिक और जशपुर के तुम्बाजोर व्यपवर्तन योजना से ही 415 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा.
दोहरी फसलों (रबी और खरीफ) का लाभ: मानसून पर निर्भर रहने वाले स्थानीय किसान अब बारिश के अलावा रबी सीजन में भी गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की खेती आसानी से कर सकेंगे. पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से किसान फसल चक्र बदलने के लिए प्रेरित होंगे.
पानी की बर्बादी पर रोक: पुरानी और क्षतिग्रस्त नहरों के जीर्णोद्धार तथा पक्के सीसी चैनल निर्माण से पानी का रिसाव (Leakage) बंद होगा, जिससे कमान क्षेत्र के आखिरी (Tail end) खेतों तक बिना किसी बाधा के पानी पहुंच सकेगा.
भू-जल स्तर में सुधार: नदी-नालों पर बनने वाले नए एनीकट और स्टापडेम से बारिश का पानी लंबे समय तक थमा रहेगा, जिससे आसपास के इलाकों के कुओं और बोरवेल का वाटर टेबल ऊपर उठेगा.
उत्पादकता बढ़ने से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: समय पर पर्याप्त सिंचाई मिलने से फसलों की पैदावार में सुधार होगा. इससे न केवल किसानों की प्रति एकड़ आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
जिलावार प्रमुख परियोजनाएं
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB): खरला एनीकट, झिरियानाला स्टापडेम, खटम्बर व्यपवर्तन, कोडांगी, कौड़िया और गुडरू व्यपवर्तन योजना.
कोरिया और सूरजपुर: सलबा, चम्पाझर, मुरमा, कल्याणपुर, बद्रिकाश्रम, पसला और मायापुर-2 जलाशयों का जीर्णोद्धार व उन्नयन.
बलरामपुर-रामानुजगंज: कामेश्वरनगर जलाशय-02, बाहरचुरा बांध, चरगढ़ नाला स्टापडेम और अलखडीहा जलाशय का कायाकल्प.
सरगुजा: चंदनई व्यपवर्तन, कंचनपुर जलाशय, बकमेर व बोदार नाला स्टापडेम कम काजवे, और मांड नदी भण्डारडांड एनीकट.
जशपुर: लुखी और हर्री जलाशय का नया निर्माण तथा तुम्बाजोर व्यपवर्तन योजना.