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ग्राउंड रिपोर्ट: न डॉक्टर, न नर्स… 2500 रुपये के सफाईकर्मी के भरोसे मरीजों की जिंदगी, बयानार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बयानार स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी के बीच सफाईकर्मी से मरीजों का इलाज कराए जाने का मामला सामने आया है. जी मीडिया के कैमरे पर सफाईकर्मी ने इंजेक्शन लगाने, ड्रिप चढ़ाने, दवाइयां देने और टांके लगाने जैसे काम करने की बात स्वीकार की.

Written By Pooja
Published: Oct 14, 2026, 07:43 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 08:45 PM IST
Image Credit: बयानार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल
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छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बयानार में स्वास्थ्य व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सिस्टम की निगरानी पर सवाल खड़े करती है. जी मीडिया के कैमरे पर सफाईकर्मी गणेश शोरी ने स्वीकार किया कि वह इंजेक्शन लगाने, ड्रिप चढ़ाने, दवाइयां देने और टांके लगाने तक का काम करता है. सफाईकर्मी गणेश शोरी के इस खुलासे ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जीवन दीप समिति के तहत महज 2500 रुपए महीने पर काम कर रहे गणेश शोरी ने बताया कि अस्पताल में 21 गांवों के मरीज इलाज कराने आते हैं. हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र में न तो मेडिकल ऑफिसर है और न ही पर्याप्त स्टाफ. ऐसे में सवाल उठता है कि सीमित संसाधनों और कर्मचारियों के अभाव में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिल पाएंगी.

सफाईकर्मी करता है इलाज
जी मीडिया संवाददाता से बात करते हुए सफाईकर्मी गणेश कुमार शोरी ने बताया कि 'दो साल से सबकुछ संभाल रहा हूं. डिलीवरी छोड़कर इंजेक्शन लगाना, ड्रिप चढ़ाना, टांके लगाना सब करता हूं. जीवन दीप समिति से 2500 रुपए महीना मिलता है, पैसे कम हैं, मगर सम्मान मिलता है, इसलिए ये सारे काम करता हूं.'

बयानार स्वास्थ्य केंद्र में 7 पद खाली
आयुर्वेदिक डॉक्टर प्रभजन पुरोहित ने भी स्टाफ की कमी की बात मानी है. उन्होंने कहा कि बयानार स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर, तीन स्टाफ नर्स, महिला आरएचओ, फार्मासिस्ट और ड्रेसर समेत सात पद खाली है. डॉक्टर ने भी सफाईकर्मी से मदद लेने की बात स्वीकार की है. लेकिन सवाल यह है कि क्या कुछ काम सिखा देने भर से प्रशिक्षित और योग्य स्वास्थ्यकर्मियों की कमी पूरी हो सकती है? सबसे अहम बात यह है कि आखिर मरीज की सुरक्षा और सही इलाज मुहैया कराने की जिम्मेदारी किसकी है?

CMHO को नहीं है मामले की जानकारी
सीएमएचओ डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने कहा कि  'ऐसा अभी तक हमारी जानकारी में नहीं है. अगर ऐसा हो रहा है तो यह गंभीर मामला है. जांच करवाएंगे, दोषी पाए जाने पर नोटिस जारी किया जाएगा और व्यवस्था में सुधार किया जाएगा.' सीएमएचओ जांच का भरोसा दे रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि अगर स्वास्थ्य केंद्र में ऐसी स्थिति लंबे समय से है, तो विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां थी?

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(चम्पेश जोशी की रिपोर्ट)
 

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पूजा सिंह एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 5 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय (हाइपरलोकल) मुद्दों की सटीक व रियल-टाइम डिजिटल कवरेज पर उनकी मजबूत पकड़ है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने Inshorts और नवभारत जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करते हुए डिजिटल जर्नलिज्म, कंटेंट क्यूरेशन और न्यूज़ डेस्क ऑपरेशंस का अनुभव हासिल किया. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देती हैं, ताकि पाठकों तक हर जरूरी अपडेट तेजी से पहुंचे.पूजा सिंह से आप Pooja1.Singh@India.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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