झीरम घाटी केस: राहुल गांधी से मिलेंगे पीड़ित परिवार, कोर्ट के फैसले और कानूनी कार्रवाई पर होगी चर्चा
झीरम घाटी मामले से प्रभावित और पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधिमंडल 26 सितंबर को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे. 15 से ज्यादा परिवारों के सदस्य इस बैठक में शामिल होंगे. बैठक में आगे की कानूनी कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी.
छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी मामले से प्रभावित और पीड़ित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ 26 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में 15 से ज्यादा प्रभावित और पीड़ित परिवारों के सदस्य शामिल होंगे. मुलाकात के दौरान, परिवार के सदस्य राहुल गांधी को झीरम घाटी मामले में हाल ही में आए अदालत के फैसले के बारे में जानकारी देंगे. साथ ही, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर भी चर्चा की जाएगी.
16 सितंबर को NIA (National Investigation Agency) की स्पेशल कोर्ट ने झीरम घाटी मामले में 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई. कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ितों के परिवारों और कांग्रेस नेताओं ने कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही थी. पीड़ितों के परिवारों और राहुल गांधी के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक को अब इस प्रक्रिया में अगले कदम के तौर पर देखा जा रहा है. बैठक में कोर्ट के फैसले के कानूनी पहलुओं, पीड़ितों के परिवारों की भविष्य की मांगों और मामले में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा होने की संभावना है.
कांग्रेस नेता से करेंगे मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, प्रभावित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल राहुल गांधी से मिलने के अलावा दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेगा. इन बैठकों में झीरम घाटी मामले की मौजूदा स्थिति, अदालत के फैसले और उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा होने की संभावना है. अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को अंतिम रूप से लागू करने से पहले हाई कोर्ट की मंजूरी जरूरी है. साथ ही दोषियों को भी हाई कोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है.
16 सितंबर को कोर्ट ने सुनाया था फैसला
16 सितंबर 2026 को जगदलपुर की स्पेशल NIA कोर्ट ने झीरम घाटी मामले में 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई. इससे पहले कोर्ट ने 5 सितंबर को इन सभी आरोपियों को दोषी ठहराया था. दोषियों को हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है. कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित परिवार अब आगे की कानूनी कार्रवाई और अपनी मांगों पर चर्चा करना चाहते हैं. इस संदर्भ में दिल्ली में राहुल गांधी के साथ होने वाली बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भूपेश बघेल का आरोप
झीरम मामले के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के साथ एक बैठक हुई थी, जिसमें इस मामले पर एक फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि झीरम मामले में फैसला तो आ गया है, लेकिन न्याय नहीं मिला है. जांच एजेंसी पर सवाल उठाते हुए बघेल ने कहा कि हालांकि NIA एक बड़ी जांच एजेंसी है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल किया जा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि झीरम मामले में असल में क्या हुआ था और पूरे मामले में न्याय की मौजूदा स्थिति क्या है.