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जगदलपुर में इंद्रावती ने तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड! बाढ़ से भारी तबाही... फिर बढ़ सकता है जलस्तर

Jagdalpur News: बस्तर के जगदलपुर में चक्रवाती तूफान की वजह से हुई भारी बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. इंद्रावती नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे 1973 में बना 50 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है.

Written By Ranjana Kahar
Published: Sep 29, 2026, 11:03 AM IST | Updated: Sep 29, 2026, 11:05 AM IST
Image Credit: जगदलपुर में बाढ़ का कहर!
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छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. चक्रवाती तूफान अर्नब की वजह से हुई भारी बारिश से जगदलपुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.39 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे 1973 का 50 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है. नदी अपने 8.3 मीटर के खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है. ओडिशा के नवरंगपुर से भारी मात्रा में पानी आने और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण केंद्रीय जल आयोग ने चेतावनी दी है कि 29 सितंबर को जलस्तर 60 सेंटीमीटर से 1 मीटर तक और बढ़ सकता है.

गांवों का सड़क से संपर्क टूटा
इंद्रावती नदी का खतरे का स्तर 8.3 मीटर है. इसकी तुलना में तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई क्योंकि नदी का जलस्तर 12.39 मीटर तक पहुंच गया. बाढ़ की वजह से बोड़ना और भेजापदर जैसे गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है और जगदलपुर शहर के कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं.  इसके बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया.

फिर बढ़ सकता है जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग हैदराबाद के अनुसार, ओडिशा के नवरंगपुर इलाके में इंद्रावती नदी के ऊपरी हिस्सों में पानी का स्तर तेज़ी से बढ़ रहा है.  इस बढ़ोतरी का असर जगदलपुर पर पड़ने की उम्मीद है. आयोग का अनुमान है कि आज, 29 सितंबर को जगदलपुर स्टेशन पर नदी का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से एक मीटर तक बढ़ सकता है और इसमें तेजी से उछाल आने की भी संभावना है. इस जानकारी के बाद, कलेक्टर आकाश छिकारा ने इंद्रावती नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे राहत शिविरों या सुरक्षित जगहों पर चले जाएं. अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया.

12 लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया
बता दें कि पानी बढ़ने के बाद जिला प्रशासन, SDRF और दूसरी टीमों ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू चलाया. एक दिन पहले 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें 821 लोगों को नाव से और डोंगाघाट में फंसे 12 लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया. बाढ़ पीड़ितों के लिए जिले में 65 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें 8,894 लोग रह रहे हैं. शहरी इलाके के 8 शिविरों में 2,620 और गांवों के 57 शिविरों में 6,274 लोग हैं. प्रशासन ने शिविरों में खाने, साफ पानी, दवाइयों और स्वास्थ्य जांच का इंतजाम किया है.  इस बीच, प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि अगर पानी का स्तर बढ़ता है, तो वे कोई जोखिम न उठाएं.
 

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About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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