बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम...छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट, जानें अगले 5 दिन कैसा रहेगा हाल
दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के पास बने चक्रवाती परिसंचरण और तमिलनाडु से बंगाल की खाड़ी तक फैली ट्रफ लाइन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ का मौसम बदलने वाला है. प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने आंधी तूफान के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने की सलाह दी है.
छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है. मौसम विभाग ने 17 से 20 अक्टूबर के बीच दक्षिणी हिस्से के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं राजधानी रायपुर में शनिवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के अनुसार 17 से 20 अक्टूबर के बीच प्रदेश में एक-दो जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है. विभाग ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. 21 और 22 अक्टूबर को भी एक-दो जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. हालांकि इन दो दिनों के लिए कोई खास चेतावनी जारी नहीं की गई है.
कैसा रहेगा रायपुर का मौसम?
राजधानी रायपुर में शनिवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. शहर में अधिकतम तापमान लगभग 33°C और न्यूनतम तापमान लगभग 24°C रहने का अनुमान है. अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. इसके बाद अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है.
रायपुर सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक तापमान 33.4°C रायपुर के लालपुर में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 19°C पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया.
वेदर सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके अलावा, दक्षिणी तमिलनाडु के तट से लेकर उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी (ओडिशा तट के पास) तक एक ट्रफ (trough) बनी हुई है. ये मौसमी प्रणालियां दक्षिणी छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर सकती हैं.
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने आंधी बारिश के दौरान लोगों को सुरक्षित रहने और किसी मजबूत इमारत के अंदर शरण लेने की सलाह दी जाती है. पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल न करें. इसके अलावा बिजली की लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें. किसानों को भी सावधानी बरतने और खुले में रखी गई अपनी कृषि उपज को किसी सुरक्षित जगह पर ले जाने की सलाह दी जाती है.
ये भी पढ़ें : आस्था + विकास का संगम: उत्तराखंड की तर्ज पर 1000 KM लंबा 'आस्था पथ', 5 शक्तिपीठों से कैसे बदलेगी छत्तीसगढ़ की आर्थिक तस्वीर?