सावधान! आपके नाम पर कोई और तो नहीं चला रहा सिम? फर्जीवाड़ा निकला तो 3 साल की जेल, 50 लाख जुर्माना, ऐसे चेक करें तुरंत
Chhattisgarh News: टेलीकम्युनिकेशन विभाग ने नकली सिम कार्ड जारी होने को लेकर चेतावनी जारी की है. फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सिम लेना, किसी और की आईडी का इस्तेमाल करना पर तीन साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है.
क्या आपको पता है कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं? अगर नहीं, तो तुरंत चेक करें, वरना आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं. दरअसल, छत्तीसगढ़ में असली मालिक की जानकारी या सहमति के बिना उनके पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए थे. इसे देखते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) ने सोमवार को देशभर के मोबाइल यूजर्स को सख्त चेतावनी जारी की है. विभाग ने साफ कहा है कि किसी और की आईडी या नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सिम कार्ड लेना, या धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के लिए अपना सिम किसी और को देना एक गंभीर अपराध है.
फर्जीवाड़ा निकला तो 3 साल की जेल, 50 लाख जुर्माना
नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत ऐसे अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है. मोबाइल हैंडसेट के IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करना या बदले हुए IMEI वाले फोन का इस्तेमाल करना भी गैर-कानूनी है. इसी तरह किसी ऐप या वेबसाइट के जरिए असली नंबर छिपाकर और किसी दूसरे व्यक्ति का नंबर दिखाकर कॉल करना, यानी कॉलिंग ID में हेर-फेर करना भी कार्रवाई के दायरे में आता है. विभाग ने कहा है कि लोगों को 'संचार साथी' पोर्टल पर जाकर यह चेक करना चाहिए कि उनकी ID पर कितने सिम एक्टिव हैं.
एक व्यक्ति अपने नाम पर 9 सिम रख सकता है
सरकार का कहना है कि ऐसी हरकतें टेलीकॉम नेटवर्क और देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं. नियम तोड़ने पर FIR, जुर्माना और गिरफ्तारी तक हो सकती है. आमतौर पर एक व्यक्ति अपने नाम पर ज्यादा से ज्यादा 9 सिम रख सकता है. जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट में यह लिमिट 6 सिम है. सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से जोड़ने को कहा है. इससे फर्जी सिम और लिमिट से ज्यादा नंबर रखने वालों को पकड़ना आसान होगा.
दो बार अंगूठा लगवाया जाता था
रायपुर में ग्राहकों से दो बार उनके अंगूठे के निशान लिए गए और दूसरा सिम कार्ड धोखाधड़ी करने वालों को बेच दिया गया. छत्तीसगढ़ में करीब नौ महीने पहले हुई एक जांच से पता चला कि 410 से ज्यादा लोगों के नाम पर धोखाधड़ी करके सिम कार्ड लिए गए थे. ये सिम कार्ड आखिरकार साइबर धोखाधड़ी करने वालों के हाथों में पहुंच गए. धोखाधड़ी के इस तरीके में ग्राहक को एक सिम कार्ड दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम कार्ड आरोपी अपने पास रख लेते थे. इस तरह 410 से ज़्यादा सिम कार्ड हासिल किए गए थे.
ऐसे चेक करें तुरंत
सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर के ब्राउजर में आधिकारिक संचार साथी वेबसाइट (sancharsaathi.gov.in) खोलें. होमपेज पर मौजूद Know Mobile Connections in Your Name (TAF-COP) विकल्प पर क्लिक करें. अपना 10-अंकों का मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड डालें. इसके बाद Login / Send OTP पर क्लिक करें, फिर इसे वेरिफाई करने के लिए अपने नंबर पर आए OTP को डालें. आपके नाम पर रजिस्टर्ड सभी मोबाइल नंबरों की लिस्ट स्क्रीन पर दिखाई देगी. अगर लिस्ट में कोई ऐसा नंबर दिखता है जिसका आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो आप उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं.