SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

छत्तीसगढ़ में जल्द दौड़ेंगी 240 ई-बसें, इन शहरों को मिलेगा फायदा, ऐप से कर सकेंगे ट्रैक

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के चार बड़े शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी. इसके लिए आज डिप्टी सीएम अरुण साव की मौजूदगी में कंसेशन एग्रीमेंट पर साइन किए जाएंगे.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 11, 2026, 07:19 AM IST | Updated: Oct 11, 2026, 07:29 AM IST
Image Credit: छत्तीसगढ़ में जल्द दौड़ेंगी 240 नई ई-बसें- (Ai Photo)
Join

छत्तीसगढ़ के शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य के चार प्रमुख शहरों- रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का रास्ता साफ हो गया है. आज, 11 अक्टूबर को डिप्टी सीएम अरुण साव की विशेष उपस्थिति में इसका कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया जाएगा, जिसके बाद जमीनी स्तर पर काम तेजी से शुरू हो जाएगा.

किस शहर को कितनी ई-बसें मिलेंगी?
इस योजना के तहत राजधानी रायपुर को सबसे ज्यादा 100—ई-बसें मिलेंगी, जबकि दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर को 50-50 और कोरबा को 40 बसें आवंटित की गई हैं. बसों के संचालन की जिम्मेदारी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड को सौंपी गई है. योजना को तेजी से आगे बढ़ाते हुए, 1 नवंबर तक बिलासपुर और भिलाई में 20-20 ई-बसों का संचालन शुरू करने का कड़ा लक्ष्य तय किया गया है.

ऐप से कर सकेंगे ट्रैक
इन नई इलेक्ट्रिक बसों को पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर बस में छह CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए गए हैं, जैसे मोबाइल स्कैनर से डिजिटल किराया भुगतान, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और एक खास मोबाइल ऐप के जरिए बस के रूट को लाइव ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी. इस पहल से छत्तीसगढ़ के शहरों में प्रदूषण कम होगा और नागरिकों को यात्रा का एक बेहतर, सुविधाजनक और आधुनिक अनुभव मिलेगा.

40 ई-बसों का टेंडर रद्द
इस बीच, नवा रायपुर और उसके आस-पास के इलाकों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने और उसे प्रदूषण-मुक्त करने की योजना को बड़ा झटका लगा है. रायपुर में चलने वाली 40 ई-बसों के लिए निकाला गया टेंडर प्रशासनिक कारणों और नियमों व शर्तों में बदलाव के कारण रद्द कर दिया गया है. अब इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर की प्रक्रिया फिर से शुरू करनी होगी, जिसका मतलब है कि ई-बसों के चलने के लिए लोगों को 8 से 10 महीने का लंबा इंतजार करना पड़ेगा.

234 करोड़ की परियोजना
इस पूरे प्रोजेक्ट की कीमत लगभग ₹234 करोड़ है और इसमें बस चलाने के लिए 12 साल का कॉन्ट्रैक्ट शामिल है. इस योजना के तहत रायपुर रेलवे स्टेशन से माना, अभनपुर और आरंग तक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी थीं, ताकि यात्रियों को यात्रा का एक आधुनिक और किफायती अनुभव मिल सके. योजना के अनुसार, बस ऑपरेटर की जिम्मेदारी ई-बसें खरीदने और जरूरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने दोनों की थी.

बता दें कि पिछला टेंडर रद्द कर दिया गया है और प्रक्रिया नए सिरे से शुरू होने वाली है, इसलिए नया रायपुर और आस-पास के इलाकों के लोगों को सस्ती, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलने में काफी समय लगेगा. 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES